{"_id":"5f6657618ebc3ef47e6ad7ba","slug":"dead-body-of-kabaddi-pleaye-found-in-farm-panipat-news-knl4477928","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में पड़ा मिला कबड्डी खिलाड़ी का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत में पड़ा मिला कबड्डी खिलाड़ी का शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव कुराना में शनिवार की सुबह 30 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में खेत में पड़ा मिला। सुबह खेतों में काम करने गए मजूदरों ने शव को देखकर गांव के लोगों को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सामान्य अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पता चलेगी। फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या या प्राकृतिक मौत, किसी भी तरह की पुष्टी से इंकार कर रही है।
गांव कुराना निवासी स्टार कबड्डी खिलाड़ी सुरेंद्र कुमार उर्फ रामसा (30) पूरे परिवार में अकेले ही बचे थे। ऐसे में वह खेत कब आए थे, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। सुरेंद्र के बड़े भाई ओमप्रकाश की भी हाल ही मौत हो गई थी। उनका शव भी गत 23 अगस्त को खेत में ही पड़ा मिला था। माता-पिता की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है और बहन विवाहित है। सुरेंद्र कुमार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कबड्डी खेल चुके हैं और कई टूर्नामेंट में जीत हासिल की है। सुरेंद्र की मौत की खबर मिलते ही उनके जानने वाले भी मौके पर पहुंचे। थाना मतलौडा से जांच अधिकारी एएसआई रोहताश ने बताया की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट होने के आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा।
सर्कल कबड्डी खिलाड़ी सुरेंद्र कुमार ने वर्ष 2008-09 में कबड्डी के खेल की शुरुआत की थी। मतलौडा के अहर कुराना गांव में बच्चों को कबड्डी सिखाने का श्रेय भी इन्हें जाता है। इसके साथी ही गांव की कबड्डी की टीम बनाई और जिला स्तर और राज्य स्तर पर टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू किया। टीम का नाम रखा गया कुरान। 2019-20 में टूर्नामेंट में 80 गांवों में भाग लिया था, जिसमें अपनी टीम के कप्तान और डिफेंडर सुरेंद्र कुमार की दूसरे नंबर पर आए थे। वर्ष 2018-19 में बेस्ट डिफेंडर के अवार्ड से भी नवाजे गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव कुराना निवासी स्टार कबड्डी खिलाड़ी सुरेंद्र कुमार उर्फ रामसा (30) पूरे परिवार में अकेले ही बचे थे। ऐसे में वह खेत कब आए थे, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। सुरेंद्र के बड़े भाई ओमप्रकाश की भी हाल ही मौत हो गई थी। उनका शव भी गत 23 अगस्त को खेत में ही पड़ा मिला था। माता-पिता की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है और बहन विवाहित है। सुरेंद्र कुमार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कबड्डी खेल चुके हैं और कई टूर्नामेंट में जीत हासिल की है। सुरेंद्र की मौत की खबर मिलते ही उनके जानने वाले भी मौके पर पहुंचे। थाना मतलौडा से जांच अधिकारी एएसआई रोहताश ने बताया की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट होने के आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा।
विज्ञापन
सर्कल कबड्डी खिलाड़ी सुरेंद्र कुमार ने वर्ष 2008-09 में कबड्डी के खेल की शुरुआत की थी। मतलौडा के अहर कुराना गांव में बच्चों को कबड्डी सिखाने का श्रेय भी इन्हें जाता है। इसके साथी ही गांव की कबड्डी की टीम बनाई और जिला स्तर और राज्य स्तर पर टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू किया। टीम का नाम रखा गया कुरान। 2019-20 में टूर्नामेंट में 80 गांवों में भाग लिया था, जिसमें अपनी टीम के कप्तान और डिफेंडर सुरेंद्र कुमार की दूसरे नंबर पर आए थे। वर्ष 2018-19 में बेस्ट डिफेंडर के अवार्ड से भी नवाजे गए थे।
विज्ञापन