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पीठ में चोट के कारण नहीं तैर पाए राजेश शर्मा, हरीश शर्मा को बचाने के प्रयास में पहले वो ही डूबे
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तीन बार पार्षद रहे और वरिष्ठ भाजपा नेता हरीश शर्मा ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दंबिश से परेशान होकर बिंझौल गांव के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में छलांग लगा दी। उनको बचाने के लिए डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान राजेश शर्मा भी उनके पीछे नहर में कूद गए।
राजेश शर्मा ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन राजेश की पीठ में छह माह पहले बाथरूम में नहाते वक्त चोट लग गई थी। वो चोट से काफी परेशान थे। इसलिए वो दर्द के कारण सही से तैर नहीं पाए और चश्मदीद सतीश शर्मा के अनुसार पहले वे ही डूब गए। सतीश शर्मा को उनके दोस्त सोनू सलूजा ने झाड़ी पकड़ाकर नहर से निकाल लिया। बता दें कि 1992 में गांव राकसेड़ा में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसी दौरान राजेश के बड़े भाई और पिता की गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यमुना नदी में डूबते हुए कई लोगों को बचा चुके थे राजेश
राजेश के दोस्त और गांव राकसेड़ा के रहने वाले जितेंद्र शर्मा ने बताया कि वो किशोरावस्था में यमुना नदी में नहाते थे। राजेश को अच्छे से तैरना आता था। राजेश ने यमुना नदी में कई लोगों को डूबते हुए बचाया है। अब उसकी पीठ में काफी दर्द रहता था। शायद वो इसलिए नहर में तैर नहीं पाए और डूब गए।
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जनाधार वाले नेता थे हरीश
हरीश शर्मा जनाधार वाले नेता थे। वर्ष 2000 व 2004 में हरीश पानीपत नगर परिषद के निर्दलीय पार्षद रहे। नगर निगम बनने के बाद आयोजित हुए नगर निगम के चुनाव में हरीश भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए। जबकि 2018 में हुए नगर निगम के चुनाव में हरीश ने अपनी पुत्री अंजलि को भाजपा से टिकट दिलवा कर उन्हें पार्षद बनवाया। वहीं हरीश, केंद्रीय मंत्री रही सुषमा स्वराज, पूर्व मंत्री आईडी स्वामी, पूर्व गवर्नर सूरजभान कटारिया, पूर्व मंत्री रामबिलाश शर्मा के काफी करीबी रहे। वहीं पानीपत सिटी व ग्रामीण हलकों की राजनीति में हरीश का मजबूत कद था। वहीं हरीश जुझारू नेता थे और अपने समर्थकों के लिए हर समय हर काम के लिए तैयार रहते थे। दिवाली की रात हरीश पर केस दर्ज होना पहली घटना नहीं थी, इससे पहले तहसीलदार के साथ अभद्र व्यवहार पर भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और उन्हें जेल जाना पड़ा था। वहीं श्री शिवपुरी, लघु सचिवालय की कमेटी के विवाद में उनके उपर जान लेवा हमला भी हुआ था।
समाज के हर वर्ग का सहयोग करता था हरीश : विज
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि हरीश समाज के हर वर्ग के सहयोग के लिए हर समय तैयार रहते थे। पटाखा बिक्री मामले में भी हरीश समाज के साथ खड़े हुए थे, वहीं हरीश पटाखे नहीं बेचते थे। उन्होंने कहा कि हरीश को यदि कुछ हुआ तो यह उनकी व्यक्तिगत हानि होगी। वहीं पार्षद दुष्यंत भट्ट समेत नगर निगम के अधिकतर पार्षदों ने इस घटना के लिए पुलिस को दोषी ठहराते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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राजेश शर्मा ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन राजेश की पीठ में छह माह पहले बाथरूम में नहाते वक्त चोट लग गई थी। वो चोट से काफी परेशान थे। इसलिए वो दर्द के कारण सही से तैर नहीं पाए और चश्मदीद सतीश शर्मा के अनुसार पहले वे ही डूब गए। सतीश शर्मा को उनके दोस्त सोनू सलूजा ने झाड़ी पकड़ाकर नहर से निकाल लिया। बता दें कि 1992 में गांव राकसेड़ा में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसी दौरान राजेश के बड़े भाई और पिता की गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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यमुना नदी में डूबते हुए कई लोगों को बचा चुके थे राजेश
राजेश के दोस्त और गांव राकसेड़ा के रहने वाले जितेंद्र शर्मा ने बताया कि वो किशोरावस्था में यमुना नदी में नहाते थे। राजेश को अच्छे से तैरना आता था। राजेश ने यमुना नदी में कई लोगों को डूबते हुए बचाया है। अब उसकी पीठ में काफी दर्द रहता था। शायद वो इसलिए नहर में तैर नहीं पाए और डूब गए।
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जनाधार वाले नेता थे हरीश
हरीश शर्मा जनाधार वाले नेता थे। वर्ष 2000 व 2004 में हरीश पानीपत नगर परिषद के निर्दलीय पार्षद रहे। नगर निगम बनने के बाद आयोजित हुए नगर निगम के चुनाव में हरीश भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए। जबकि 2018 में हुए नगर निगम के चुनाव में हरीश ने अपनी पुत्री अंजलि को भाजपा से टिकट दिलवा कर उन्हें पार्षद बनवाया। वहीं हरीश, केंद्रीय मंत्री रही सुषमा स्वराज, पूर्व मंत्री आईडी स्वामी, पूर्व गवर्नर सूरजभान कटारिया, पूर्व मंत्री रामबिलाश शर्मा के काफी करीबी रहे। वहीं पानीपत सिटी व ग्रामीण हलकों की राजनीति में हरीश का मजबूत कद था। वहीं हरीश जुझारू नेता थे और अपने समर्थकों के लिए हर समय हर काम के लिए तैयार रहते थे। दिवाली की रात हरीश पर केस दर्ज होना पहली घटना नहीं थी, इससे पहले तहसीलदार के साथ अभद्र व्यवहार पर भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और उन्हें जेल जाना पड़ा था। वहीं श्री शिवपुरी, लघु सचिवालय की कमेटी के विवाद में उनके उपर जान लेवा हमला भी हुआ था।
समाज के हर वर्ग का सहयोग करता था हरीश : विज
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि हरीश समाज के हर वर्ग के सहयोग के लिए हर समय तैयार रहते थे। पटाखा बिक्री मामले में भी हरीश समाज के साथ खड़े हुए थे, वहीं हरीश पटाखे नहीं बेचते थे। उन्होंने कहा कि हरीश को यदि कुछ हुआ तो यह उनकी व्यक्तिगत हानि होगी। वहीं पार्षद दुष्यंत भट्ट समेत नगर निगम के अधिकतर पार्षदों ने इस घटना के लिए पुलिस को दोषी ठहराते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।