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Panipat News: नागरिक अस्पताल में प्रसूता की माैत पर परिजन का हंगामा, जांच कमेटी गठित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:02 AM IST
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Family creates a ruckus over the death of a woman after childbirth at the civil hospital; inquiry committee constituted.
किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में डाबर कॉलोनी निवासी जच्चा किरण (25) की रविवार को मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जच्चा-बच्चा वार्ड और अस्पताल में हंगामा किया।
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परिजनों का आरोप है कि वे रात में 15-20 बार स्टाफ के पास गए, लेकिन कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा।
उन्होंने बताया कि महिला को डिलीवरी के बाद घर पर बाथरूम में गिरने के बाद इलाज के लिए दाखिल कराया था। परिजनों का आरोप है कि वे रात के समय 15-20 बार स्टाफ के पास गए, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। परिजनों ने हाथ जोड़ने के साथ पैर तक पकड़े, लेकिन स्टाफ ने आकर नहीं देखा।
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स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीनियर डॉक्टर रिंकू सांगवान मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। डाबर कॉलोनी के उमेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके छोटे भाई बिमलेश की शादी करीब चार साल पहले विद्यानंद कॉलोनी की किरण (25) के साथ हुई थी। किरण ने रविवार को बच्चे को जन्म दिया था। सामान्य प्रसव के बाद डॉक्टरों ने मंगलवार को जच्चा और बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी।
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घर पहुंचने के बाद बाथरूम में पैर फिसलने से किरण को चोट लग गई। वे उसे वापस जिला नागरिक अस्पताल ले आए। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे फिर से लेबर वार्ड में भर्ती कर लिया। उनका मंगलवार से इलाज जारी था और सभी मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट भी सामान्य आ रही थी। शनिवार की रात किरण की तबीयत अचानक अत्यधिक बिगड़ गई।

उसे तेज दर्द के साथ सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। उस समय वार्ड में उनकी सास ऊषा और मां साथ थीं। परिजनों ने आरोप लगाया कि वे रातभर 15 से 20 बार स्टाफ के कमरे में गए और उन्हें किरण की तबीयत बिगड़ने के बारे में बताया। स्टाफ ने उनको दवा देने की बात कहकर टाल दिया। उनको दूसरे अस्पताल में भी रेफर नहीं किया गया। उन्होंने स्टाफ के सामने हाथ जोड़े और पैर तक पकड़े, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ किरण के पास नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने यह कहकर अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया कि अब सुबह आकर डॉक्टर ही मरीज को देखेंगे। परिजनों ने बताया कि रविवार तड़के उचित इलाज और ऑक्सीजन के अभाव में किरण ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन, रिश्तेदार और कॉलोनीवासी अस्पताल में पहुंच गए और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोपी कर्मचारियों पर नींद की गोली देकर सुध न लेने का आरोप भी लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन

किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन

किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन

किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन

किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन

किरण। फाइल फोटो-स्रोत : परिजन

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