भंडाफोड़: परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर रिमोट एक्सेस पर लेकर हल कराते थे आईआईटी सहित नौकरियों के प्रश्नपत्र, एसटीएफ ने छह को धरा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परीक्षा पास कराने के लिए विभिन्न कॉलेजों में लैब बना रखी है। वहीं पिछले दो साल से आरोपी पानीपत के एपिट कॉलेज में लैब चला रहे थे। यहीं से आरोपी पूरा खेल चला रहे थे। एसटीएफ टीम का कहना है कि उपरोक्त मामले में 30 से अधिक आरोपियों की और गिरफ्तारी हो सकती है।
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हरियाणा के सोनीपत और गुरुग्राम की संयुक्त एसटीएफ टीम ने आईआईटी सहित अन्य ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं को पास करवाने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन को सोनीपत और तीन को महाराष्ट्र के नागपुर से काबू किया है। पूछताछ करने के लिए सोनीपत के तीन आरोपियों को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, वहीं नागपुर से गिरफ्तार किए तीन आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिये परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थी के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल कराते थे।
एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षाओं में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर हैक कर परीक्षा उत्तीर्ण करवाने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए सोनीपत और गुरुग्राम एसटीएफ काफी समय से प्रयासरत थी। टीम ने वीरवार को दबिश देते हुए सोनीपत से आरोपी अशोक उर्फ शोकी पुत्र रणधीर, मोनू पुत्र कर्मबीर और आशीष पुत्र नरेंद्र निवासी गोरड सोनीपत को काबू किया।
वहीं गिरोह के तीन सदस्य आकाश निवासी जयपुर, गोरी निवासी कोंडला दोसा, राजस्थान और आकाश निवासी मोतीनगर, जयपुर को नागपुर महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया। गिरोह के खिलाफ भिवानी व पानीपत में आईटीएक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एक-एक मुकदमा दर्ज है।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परीक्षा पास कराने के लिए विभिन्न कॉलेजों में लैब बना रखी है। वहीं पिछले दो साल से आरोपी पानीपत के एपिट कॉलेज में लैब चला रहे थे। यहीं से आरोपी पूरा खेल चला रहे थे। एसटीएफ टीम का कहना है कि उपरोक्त मामले में 30 से अधिक आरोपियों की और गिरफ्तारी हो सकती है।
भिवानी में पुलिस ने अशोक और मोनू पर रखा था इनाम
पुलिस भर्ती की परीक्षा लीक मामले में सोनीपत के अशोक उर्फ शोकी और मोनू भी आरोपी पाए गए थे। भिवानी पुलिस ने जगह-जगह दबिश दी, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद गत 15 दिन पहले भिवानी पुलिस ने आरोपी अशोक उर्फ शोकी पर एक लाख और उसके साथी मोनू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं परीक्षा लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की रिपोर्ट में भी आरोपियों के नाम सामने आए थे, सीबीआई भी आरोपियों की धरपकड़ में छापेमारी कर रही थी।
एक परीक्षार्थी से लेते थे कम से कम 10 लाख, 100 परीक्षार्थियों की करा चुके थे परीक्षा
इससे पहले आईआईटी, नीट, एसएससी, आईटी-जेई, एमटीएस जैसी बड़ी परीक्षाएं आरोपियों ने पास करवाई हैं। खुलासा हुआ है कि आरोपी आईआईटी की 100 से ज्यादा परीक्षार्थियों की परीक्षा पास करवा चुके हैं। पुलिस सूत्र के अनुसार आरोपी एक परीक्षार्थी से कम से कम परीक्षा पास कराने का 10 लाख रुपये में सौदा करते थे, यह रकम 15 लाख रुपये तक जाती थी।
राजस्थान, हरियाणा, बंगलुरु समेत कई राज्य में फैला जाल
इनका जाल बंगलुरु, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, बिहार सहित देश के कई राज्यों में बिछा हुआ है। एसपी शशांक कुमरा सावन ने बताया कि सभी आरोपी पढ़े लिखे हैं। कोई एमए, कोई बीए पास है। लगभग सभी ही आरोपियों ने एक-एक, दो-दो साल का कंप्यूटर कोर्स भी किया हुआ है। सभी आईटी के अच्छे जानकार हैं।