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किसानों ने रेत से भरे ओवरलोड डंपरों को पकड़ आरटीओ को सौंपा, लगाया जुर्माना
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सनौली। यूपी क्षेत्र में चल रही रेत खनन के ओवरलोड वाहनों द्वारा हरियाणा के गांव सनौली-तामसाबाद में श्मशान घाट के रास्ते तोड़ने से नाराज किसानों ने मंगलवार को रेत से भरे डंपरों को पकड़ कर आटीओ विभाग को सौंपा। इसकेे बाद यमुना स्नान करने वाले और श्मशान घाट के रास्ते पर बैठ कर पुलिस, प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए रोष जताया। शाम 5 बजे तक किसान डंपरो को हरियाणा के रास्ते से ना आने पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास भी किया, जो असफल रहा।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए खनन ठेकेदार से डंपरों के साथ खनन के कागजात भी मंगवाए। किसानों ने बताया कि पोपलेन व जेसीबी मशीनों से नदी के अंदर गहराई तक रेत निकाला जा रहा है। इससे हरियाणा के गांवों पर बाढ़ का खतरा बन गया है। उन्होंने हरियाणा पुलिस प्रशासन पर यूपी की रेत खनन चलवाने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान पकड़े गए रेत के ओवरलोड डंपरों पर आरटीए विभाग की टीम ने जुर्माना भी लगाया। इस दौरान यूपी से हरियाणा की तरफ आने वाले कई रेत से भरे डंपरों को भी वापस यूपी की ओर भेजा गया। किसानों ने बताया कि यमुना नदी के अंदर करीब दो माह से रेत खनन की जा रही है। रेत से भरे अधिकतर डंपर हरियाणा के गांव तामसाबाद, सनौली, रिशपूर की ओर आते हैं। इससे हरियाणा के श्मशान घाट व यमुना स्नान रास्ते व गांव की गलियों व फिरनी, सड़कें व रास्ते भारी वाहनों की वजह से टूटने लगे। इसकी शिकायत कई बार उपायुक्त, एसपी, डीएसपी, माइनिंग अधिकारी पंचकुला, पानीपत, एनजीटी दिल्ली, और सनौली थाना एसएचओ को दी, लेकिन कोई कार्रवाई न हो सकी।
थाना सनौली के एसएचओ सूरजभान ने बताया कि रेत डंपरों का विरोध कर रहे किसानों ने श्मशान घाट के रास्ते पर बैठ और सुबह से शाम तक रेत के डंपरों को रोके रखा। खनन व रास्ते संबंधी कागजात मंगवाए गए हैं। संबधित विभाग से राय ली जा रही है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। उनके आदेश पर ही आगामी कार्रवाई होगी।
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पुलिस ने मामले की जांच के लिए खनन ठेकेदार से डंपरों के साथ खनन के कागजात भी मंगवाए। किसानों ने बताया कि पोपलेन व जेसीबी मशीनों से नदी के अंदर गहराई तक रेत निकाला जा रहा है। इससे हरियाणा के गांवों पर बाढ़ का खतरा बन गया है। उन्होंने हरियाणा पुलिस प्रशासन पर यूपी की रेत खनन चलवाने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान पकड़े गए रेत के ओवरलोड डंपरों पर आरटीए विभाग की टीम ने जुर्माना भी लगाया। इस दौरान यूपी से हरियाणा की तरफ आने वाले कई रेत से भरे डंपरों को भी वापस यूपी की ओर भेजा गया। किसानों ने बताया कि यमुना नदी के अंदर करीब दो माह से रेत खनन की जा रही है। रेत से भरे अधिकतर डंपर हरियाणा के गांव तामसाबाद, सनौली, रिशपूर की ओर आते हैं। इससे हरियाणा के श्मशान घाट व यमुना स्नान रास्ते व गांव की गलियों व फिरनी, सड़कें व रास्ते भारी वाहनों की वजह से टूटने लगे। इसकी शिकायत कई बार उपायुक्त, एसपी, डीएसपी, माइनिंग अधिकारी पंचकुला, पानीपत, एनजीटी दिल्ली, और सनौली थाना एसएचओ को दी, लेकिन कोई कार्रवाई न हो सकी।
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थाना सनौली के एसएचओ सूरजभान ने बताया कि रेत डंपरों का विरोध कर रहे किसानों ने श्मशान घाट के रास्ते पर बैठ और सुबह से शाम तक रेत के डंपरों को रोके रखा। खनन व रास्ते संबंधी कागजात मंगवाए गए हैं। संबधित विभाग से राय ली जा रही है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। उनके आदेश पर ही आगामी कार्रवाई होगी।
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