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प्रशासन व पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद काबू
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:17 AM IST
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नेफ्था क्रैकर प्लांट के पास पुलिस पर पथराव, डीएसपी के हाथ पर लगा, 35 महिलाओं समेत 200 पर केस दर्ज, छह को हिरासत में लिया
- मोहनलाल के परिजन प्लांट के गेट पर एक करोड़ के मुआवजे की मांग लेकर धरने पर बैठे थे
फोटो-23 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
थर्मल/मतलौडा।
आईओसीएल की पानीपत रिफाइनरी के नेफ्था क्रैकर प्लांट में कर्मी मोहनलाल की मौत के बाद प्लांट पर धरने पर बैठे ग्रामीणों से पुलिस की झड़प हो गई। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। एक पत्थर डीएसपी संदीप मलिक के हाथ पर जा लगा। इसके बाद पुलिस ने लाठियां बरसाकर भीड़ को तितर-बितर किया। मतलौडा थाना पुलिस ने 30-35 महिलाओं सहित 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में भी लिया है। वहीं, आईओसीएल प्रबंधन और मोहनलाल के परिजनों में समझौते के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
तहसीलदार मतलौडा रविंद्र हुड्डा ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि मृतक बालजाटान वासी मोहनलाल सैनी के परिवार वाले एक करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे थे। बालजाटान की 30-35 महिलाओं समेत 200 लोग उनके साथ धरने पर बैठे। प्रशासनिक, पुलिस व रिफाइनरी के अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। डीएसपी संदीप मलिक के हाथ पर पत्थर लगा तो पुलिस ने लाठियां भांजी।
चार लोगों को प्लांट में ले जाकर पीटने के आरोप
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों के साथ समझौता पत्र लिख रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक पीआरसीएल प्लांट की तरफ चले गए। प्लांट में आने-जाने वाली गाड़ियां रुकवा लीं। किसी अप्रिय घटना के डर से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाना चाहा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लोगों के साथ गाली-गलौच कर दी। आक्रोशित लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। आरोप है कि गांव के चार युवकों रमेश कुमार, रविंद्र, मुकेश व छोटा को अंदर ले जाकर पुलिस ने जमकर पीटा और बाद में हिरासत में ले लिया।
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20 लाख रुपये देने का आईओसीएल ने दिया लिखित समझौता
मोहनलाल के परिजन एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। रिफाइनरी ने 20 लाख रुपये देने का समझौता साइन किया। 10 लाख रुपये अभी और 10 लाख रुपये बाद में देने का आश्वासन दिया है। साथ ही 10 हजार पेंशन, कॉन्ट्रेक्ट बेस पर गाड़ी लगाने और परिवार के एक सदस्य को कॉन्ट्रेक्ट पर ही नौकरी देने का समझौता हुआ। इस दौरान एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी, डीएसपी संदीप मलिक, डीएसपी राजेश लोहान मौजूद रहे। वहीं पानीपत रिफाइनरी से मुख्य महाप्रबंधक एसके गोगाई व जीएम अनिल कुमार मौजूद रहे। गांव बाल जाटान की तरफ से कृष्ण सैनी, सतपाल बैरागी, मान सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र राठी, सतपाल राठी, बलवान, सुनील कुमार, राजा, कृष्ण व कैला मौजूद रहे।
एक बजे तक कोई कर्मचारी नहीं आया
नेफ्था क्रैकर प्लांट में सोमवार को हुए धमाके के बाद मंगलवार दोपहर एक बजे तक एक भी कर्मचारी नहीं आया। ऐसे में प्लांट में काम नहीं चल सका। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से प्लांट के तीनों गेटों को बंद रखा गया। यहां पर सीआईएसएफ तैनात रही।
परिजनों के शांत होने पर कराया पोस्टमार्टम
थाना मतलौडा पुलिस मोहन लाल के परिजनों, रिश्तेदारों व ग्रामीणों के शांत होने पर सिविल अस्पताल पहुंची। यहां पुलिस ने मोहन लाल के शव का पोस्टमार्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए मोहन लाल का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच गांव बाल जाटान में मोहन लाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मोहन लाल की मौत से गांव बाल जटान में शोक की लहर है।
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- मोहनलाल के परिजन प्लांट के गेट पर एक करोड़ के मुआवजे की मांग लेकर धरने पर बैठे थे
फोटो-23 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
थर्मल/मतलौडा।
आईओसीएल की पानीपत रिफाइनरी के नेफ्था क्रैकर प्लांट में कर्मी मोहनलाल की मौत के बाद प्लांट पर धरने पर बैठे ग्रामीणों से पुलिस की झड़प हो गई। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। एक पत्थर डीएसपी संदीप मलिक के हाथ पर जा लगा। इसके बाद पुलिस ने लाठियां बरसाकर भीड़ को तितर-बितर किया। मतलौडा थाना पुलिस ने 30-35 महिलाओं सहित 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में भी लिया है। वहीं, आईओसीएल प्रबंधन और मोहनलाल के परिजनों में समझौते के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
तहसीलदार मतलौडा रविंद्र हुड्डा ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि मृतक बालजाटान वासी मोहनलाल सैनी के परिवार वाले एक करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे थे। बालजाटान की 30-35 महिलाओं समेत 200 लोग उनके साथ धरने पर बैठे। प्रशासनिक, पुलिस व रिफाइनरी के अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। डीएसपी संदीप मलिक के हाथ पर पत्थर लगा तो पुलिस ने लाठियां भांजी।
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चार लोगों को प्लांट में ले जाकर पीटने के आरोप
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों के साथ समझौता पत्र लिख रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक पीआरसीएल प्लांट की तरफ चले गए। प्लांट में आने-जाने वाली गाड़ियां रुकवा लीं। किसी अप्रिय घटना के डर से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाना चाहा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लोगों के साथ गाली-गलौच कर दी। आक्रोशित लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। आरोप है कि गांव के चार युवकों रमेश कुमार, रविंद्र, मुकेश व छोटा को अंदर ले जाकर पुलिस ने जमकर पीटा और बाद में हिरासत में ले लिया।
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20 लाख रुपये देने का आईओसीएल ने दिया लिखित समझौता
मोहनलाल के परिजन एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। रिफाइनरी ने 20 लाख रुपये देने का समझौता साइन किया। 10 लाख रुपये अभी और 10 लाख रुपये बाद में देने का आश्वासन दिया है। साथ ही 10 हजार पेंशन, कॉन्ट्रेक्ट बेस पर गाड़ी लगाने और परिवार के एक सदस्य को कॉन्ट्रेक्ट पर ही नौकरी देने का समझौता हुआ। इस दौरान एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी, डीएसपी संदीप मलिक, डीएसपी राजेश लोहान मौजूद रहे। वहीं पानीपत रिफाइनरी से मुख्य महाप्रबंधक एसके गोगाई व जीएम अनिल कुमार मौजूद रहे। गांव बाल जाटान की तरफ से कृष्ण सैनी, सतपाल बैरागी, मान सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र राठी, सतपाल राठी, बलवान, सुनील कुमार, राजा, कृष्ण व कैला मौजूद रहे।
एक बजे तक कोई कर्मचारी नहीं आया
नेफ्था क्रैकर प्लांट में सोमवार को हुए धमाके के बाद मंगलवार दोपहर एक बजे तक एक भी कर्मचारी नहीं आया। ऐसे में प्लांट में काम नहीं चल सका। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से प्लांट के तीनों गेटों को बंद रखा गया। यहां पर सीआईएसएफ तैनात रही।
परिजनों के शांत होने पर कराया पोस्टमार्टम
थाना मतलौडा पुलिस मोहन लाल के परिजनों, रिश्तेदारों व ग्रामीणों के शांत होने पर सिविल अस्पताल पहुंची। यहां पुलिस ने मोहन लाल के शव का पोस्टमार्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए मोहन लाल का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच गांव बाल जाटान में मोहन लाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मोहन लाल की मौत से गांव बाल जटान में शोक की लहर है।