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Panipat News: प्री-मानसून की तैयारी, निगम ने नहीं की पूरी, सताएगी बारिश
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पानीपत। शहर के बाजारों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। बाजारों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नालियां गंदगी से जाम पड़ी हैं। इनकी कई कई सप्ताह से सफाई नहीं हो पा रही है। नगर निगम अपने प्री-मानसून अभियान के तहत इन बाजारों की नालियों और नालों की सफाई नहीं कर पाया है। हर बार बारिश में बाजारों की निकासी न होने से जलभराव होता आया है। इसके चलते दुकानदारों की चिंता बढ़ने लगी है।
उल्लेखनीय है कि ये समस्या सालों पुरानी है, जिसका आज तक समाधान नहीं हो सका है। शहर में चौड़ा बाजार से नालों की निकासी की समस्या शुरू हो जाती है, जो कंबल मार्केट से होते हुए गुड़ मंडी से आगे तक जाती है। वहीं, गंदगी और कूड़े कर्कट के ढेर लगे रहते हैं। इसकी कई बार शिकायत बाजार प्रधान और दुकानदार निगम प्रशासन को दे चुके हैं लेकिन सफाई न होने से परेशान हैं। गौरतलब है कि शहर की सफाई व्यवस्था पर निगम की ओर से हर माह करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। ये पैसा शहरवासियों के टैक्स से वसूल किया जाता है। बावजूद शहरवासियों को बेहतर सफाई देने में निगम पिछड़ चुका है। जिससे बाजार के दुकानदारों में रोष है।
दुकानदारों और बाजार प्रधानों का कहना है कि निगम के दावे तो रोज की सफाई के हैं लेकिन यहां महीने में एक बार भी सफाई नहीं हो पाती। बाजारों की निकासी बिल्कुल ठप है। इन बाजारों से रोजाना लाखों लोग आवागमन करते हैं। ये बाजार शहर की अर्थव्यवस्था बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं, बावजूद इसके यहां की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है।
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बाजार प्रधान सुरेश बवेजा और अशोक सलूजा बताते हैं कि स्थानीय बाजारों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जल्द ही नालों की सफाई नहीं कराई गई तो बरसात में फिर से बाजार जलमग्न होंगे। उन्होंने कहा कि बाजार में कई पुलिया भी क्षतिग्रस्त हैं, जिनका आज तक समाधान नहीं हो सका है।
बॉक्स
रोजाना कर रहे सफाई : निगम
शहर के सभी बाजारों में रोजाना सफाई हो रही है। अगर किसी बाजार में सफाई कर्मी नहीं पहुंच रहे हैं तो इसकी जानकारी निगम की सफाई शाखा को उपलब्ध करवाई जाए। वहां सफाई करवाई जाएगी। शहर के लोगों को परेशान नही होने दिया जाएगा।
जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
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उल्लेखनीय है कि ये समस्या सालों पुरानी है, जिसका आज तक समाधान नहीं हो सका है। शहर में चौड़ा बाजार से नालों की निकासी की समस्या शुरू हो जाती है, जो कंबल मार्केट से होते हुए गुड़ मंडी से आगे तक जाती है। वहीं, गंदगी और कूड़े कर्कट के ढेर लगे रहते हैं। इसकी कई बार शिकायत बाजार प्रधान और दुकानदार निगम प्रशासन को दे चुके हैं लेकिन सफाई न होने से परेशान हैं। गौरतलब है कि शहर की सफाई व्यवस्था पर निगम की ओर से हर माह करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। ये पैसा शहरवासियों के टैक्स से वसूल किया जाता है। बावजूद शहरवासियों को बेहतर सफाई देने में निगम पिछड़ चुका है। जिससे बाजार के दुकानदारों में रोष है।
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दुकानदारों और बाजार प्रधानों का कहना है कि निगम के दावे तो रोज की सफाई के हैं लेकिन यहां महीने में एक बार भी सफाई नहीं हो पाती। बाजारों की निकासी बिल्कुल ठप है। इन बाजारों से रोजाना लाखों लोग आवागमन करते हैं। ये बाजार शहर की अर्थव्यवस्था बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं, बावजूद इसके यहां की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है।
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बाजार प्रधान सुरेश बवेजा और अशोक सलूजा बताते हैं कि स्थानीय बाजारों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जल्द ही नालों की सफाई नहीं कराई गई तो बरसात में फिर से बाजार जलमग्न होंगे। उन्होंने कहा कि बाजार में कई पुलिया भी क्षतिग्रस्त हैं, जिनका आज तक समाधान नहीं हो सका है।
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रोजाना कर रहे सफाई : निगम
शहर के सभी बाजारों में रोजाना सफाई हो रही है। अगर किसी बाजार में सफाई कर्मी नहीं पहुंच रहे हैं तो इसकी जानकारी निगम की सफाई शाखा को उपलब्ध करवाई जाए। वहां सफाई करवाई जाएगी। शहर के लोगों को परेशान नही होने दिया जाएगा।
जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।