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नए साल से होगा स्वच्छ सर्वेक्षण का आगाज, टूलकिट जारी
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पानीपत। स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की शुरुआत होने जा रही है। मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने इसकी टूलकिट तक जारी की है। जो स्वच्छ सर्वेक्षण की आधिकारिक वेबसाइट पर आ चुकी है। पहले ये सर्वेक्षण सिर्फ छह हजार अंकों का होता था लेकिन इस बार नए सर्वेक्षण को 7500 अंकों का किया गया है।
इसमें धरातल, फोन या प्रश्नकाल सर्वे के दौरान सबसे ज्यादा अहम भूमिका शहर के वरिष्ठ नागरिकों की रहेगी। इनसे स्वच्छ भारत मिशन के पहले सर्वेक्षण और स्वच्छ भारत मिशन-2 के अंतर्गत चलाए जा रहे सर्वेक्षण के बारे में पूूछा जाएगा। टीम जानेगी कि क्या धरातल पर सफाई को लेकर निगम काम कर रहा है या नहीं। पहले और अब के हालातों पर चर्चा भी होगी। इनके फीडबैक के आधार पर ही निगम को रैंकिंग मिलेगी।
इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस कुल सर्वे का 40 प्रतिशत हिस्सा रहेगा। ये कुल 3000 अंकों का रहेगा। इसमें निगम को शहर की सफाई संबंधित मासिक रिपोर्ट भेजनी होगी। इसमें शहर से कितना कूड़ा उठाना है कितना निस्तारण, कर्मचारियों और उनकी सुविधाएं शामिल रहेंगी। इसमें मैनपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया जाएगा। ये तकरीबन पूरा साल चलेगा।
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दूसरा सर्टिफिकेशन लेवल रहेगा। ये सर्वे का 30 प्रतिशत हिस्सा 2250 अंकों के साथ कवर करेगा। इसमें निगम के पास स्वच्छता को लेकर दिए गए प्रमाणपत्र दिखाने होंगे। इनमें वाटर प्लस, ओडीएफ प्लस प्लस समेत गारबेज फ्री सर्टिफिकेट तक के निगम के पास सर्टिफिकेट होने चाहिए। निगम इनके आधार पर ही अपनी भागीदारी दर्ज करवाने के लिए आवेदन करेगा। आवेदन के बाद टीम आएगी और इन प्रमाणपत्रों के आधार पर सर्वे करेगी, जिस पर अंक दिए जाएंगे।
तीसरा सर्वेक्षण का सबसे अहम हिस्सा सिटीजन वायस रहेगा। ये सर्वे का 30 प्रतिशत हिस्सा होगा जिसमें 2250 अंक दिए जाएंगे। इसमें शहर के लोगों की खुलकर भागीदारी होगी। लोगों अपने वोट तक दे सकते हैं। लोगों से सर्वे टीम धरातल पर आकर स्वच्छता के सवाल भी पूछेगी। इसमें वेबसाइट के जरिए भी लोग हिस्सा ले सकेंगे। इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी शहर के वरिष्ठ नागरिकों की रहेगी।
2021 में आया था 185 वां स्थान
बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में एक से दस लाख तक की जनसंख्या वाली 372 यूएलबी यानी अर्बन लोकल बॉडी ने भागीदारी दर्ज की थी। इसमें पानीपत को 185वां स्थान मिला था। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में पानीपत 196वें नंबर पर था। हालांकि पानीपत ने इसमें 11 पायदान का अपनी रैंकिंग में सुधार किया था। इसमें प्रदेश भर में दस लाख जनंसख्या वाली इस कैटेगरी वाली 17 यूएलबी ने भाग लिया था। इसमें से पानीपत को अबकी बार 7वां स्थान मिला, जबकि 2020 की बात करें तो उसमें पानीपत 11 वें नंबर पर था। इस हिसाब से पानीपत ने प्रदेश के साथ देश भर में भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।
इस सर्वेक्षण में कुल 6000 अंकों में से पानीपत को कुल 2591 अंक मिले थे। पानीपत नगर निगम को पहले ही ओडीएफ प्लस प्लस घोषित किया जा चुका है। हालांकि सफाई मित्रा सुरक्षा चैलेंज में पानीपत का चयन नहीं हो पाया और गारबेज फ्री सिटी यानी जीएफसी के लिए पानीपत नगर निगम आवेदन तक नहीं कर पाया था। इस कारण इन दोनों प्रतिस्पर्धाओं से निगम को वंचित रहना पड़ा है, लेकिन इस बार निगम अधिकारी इन सर्टिफिकेट को तैैयार करने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।
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इसमें धरातल, फोन या प्रश्नकाल सर्वे के दौरान सबसे ज्यादा अहम भूमिका शहर के वरिष्ठ नागरिकों की रहेगी। इनसे स्वच्छ भारत मिशन के पहले सर्वेक्षण और स्वच्छ भारत मिशन-2 के अंतर्गत चलाए जा रहे सर्वेक्षण के बारे में पूूछा जाएगा। टीम जानेगी कि क्या धरातल पर सफाई को लेकर निगम काम कर रहा है या नहीं। पहले और अब के हालातों पर चर्चा भी होगी। इनके फीडबैक के आधार पर ही निगम को रैंकिंग मिलेगी।
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इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस कुल सर्वे का 40 प्रतिशत हिस्सा रहेगा। ये कुल 3000 अंकों का रहेगा। इसमें निगम को शहर की सफाई संबंधित मासिक रिपोर्ट भेजनी होगी। इसमें शहर से कितना कूड़ा उठाना है कितना निस्तारण, कर्मचारियों और उनकी सुविधाएं शामिल रहेंगी। इसमें मैनपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया जाएगा। ये तकरीबन पूरा साल चलेगा।
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दूसरा सर्टिफिकेशन लेवल रहेगा। ये सर्वे का 30 प्रतिशत हिस्सा 2250 अंकों के साथ कवर करेगा। इसमें निगम के पास स्वच्छता को लेकर दिए गए प्रमाणपत्र दिखाने होंगे। इनमें वाटर प्लस, ओडीएफ प्लस प्लस समेत गारबेज फ्री सर्टिफिकेट तक के निगम के पास सर्टिफिकेट होने चाहिए। निगम इनके आधार पर ही अपनी भागीदारी दर्ज करवाने के लिए आवेदन करेगा। आवेदन के बाद टीम आएगी और इन प्रमाणपत्रों के आधार पर सर्वे करेगी, जिस पर अंक दिए जाएंगे।
तीसरा सर्वेक्षण का सबसे अहम हिस्सा सिटीजन वायस रहेगा। ये सर्वे का 30 प्रतिशत हिस्सा होगा जिसमें 2250 अंक दिए जाएंगे। इसमें शहर के लोगों की खुलकर भागीदारी होगी। लोगों अपने वोट तक दे सकते हैं। लोगों से सर्वे टीम धरातल पर आकर स्वच्छता के सवाल भी पूछेगी। इसमें वेबसाइट के जरिए भी लोग हिस्सा ले सकेंगे। इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी शहर के वरिष्ठ नागरिकों की रहेगी।
2021 में आया था 185 वां स्थान
बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में एक से दस लाख तक की जनसंख्या वाली 372 यूएलबी यानी अर्बन लोकल बॉडी ने भागीदारी दर्ज की थी। इसमें पानीपत को 185वां स्थान मिला था। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में पानीपत 196वें नंबर पर था। हालांकि पानीपत ने इसमें 11 पायदान का अपनी रैंकिंग में सुधार किया था। इसमें प्रदेश भर में दस लाख जनंसख्या वाली इस कैटेगरी वाली 17 यूएलबी ने भाग लिया था। इसमें से पानीपत को अबकी बार 7वां स्थान मिला, जबकि 2020 की बात करें तो उसमें पानीपत 11 वें नंबर पर था। इस हिसाब से पानीपत ने प्रदेश के साथ देश भर में भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।
इस सर्वेक्षण में कुल 6000 अंकों में से पानीपत को कुल 2591 अंक मिले थे। पानीपत नगर निगम को पहले ही ओडीएफ प्लस प्लस घोषित किया जा चुका है। हालांकि सफाई मित्रा सुरक्षा चैलेंज में पानीपत का चयन नहीं हो पाया और गारबेज फ्री सिटी यानी जीएफसी के लिए पानीपत नगर निगम आवेदन तक नहीं कर पाया था। इस कारण इन दोनों प्रतिस्पर्धाओं से निगम को वंचित रहना पड़ा है, लेकिन इस बार निगम अधिकारी इन सर्टिफिकेट को तैैयार करने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।