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Panipat News: बूंदाबांदी के बाद शहर की आबोहवा में सुधार
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बूंदाबांदी के बाद शहर की आबोहवा में सुधार हुआ है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) शनिवार को 117 आ गया है। वहीं शुक्रवार को यह करीब 19 प्वाइंट कम हुआ था। एक्यूआई दो दिन में 206 प्वाइंट कम हुआ है। पिछले एक सप्ताह से रेड जोन में चल रहा एक्यूआई यलो जोन में आ गया है।
पर्यावरणविदों ने इसको बड़ा बदलाव बताया है। इसके साथ ठंड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। शुक्रवार को सुबह व शाम को हुई बूंदाबांदी का असर शनिवार सुबह ही शहर समेत जिले में देखा गया। आसमान से स्मॉग की परत छट गई थी और सब कुछ साफ नजर आ रहा था। दिन के समय लोगों ने भी एक्यूआई कम होने को महसूस किया। लोगों के अनुसार एक्यूआई कम होने से आंखों में जलन कम महसूस हुई। इसके साथ सांस लेने में भी राहत रही। शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 117 प्वाइंट दर्ज किया गया।
दिवाली के दिन पटाखे चलने से पर्यावरण प्रदूषण बिगड़ जाता है। हर साल एक्यूआई भी बढ़ जाता है। दिवाली से अगले दिन स्मॉग देखा जा सकता था। इससे लोगों को स्वास्थ्य भी बिगड़ जाता था। इस बार शुक्रवार को बूंदाबांदी होने पर दिवाली से एक दिन पहले ही एक्यूआई रेड जोन से घटकर यलो जोन में आ गया है। दिवाली के दिन प्रशासन पटाखे चलाने वालों पर सख्त रहा या फिर लोग खुद ईको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए आगे आए तो एक्यूआई से आगे भी राहत मिल सकती है।
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पानीपत। बूंदाबांदी के बाद शहर की आबोहवा में सुधार हुआ है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) शनिवार को 117 आ गया है। वहीं शुक्रवार को यह करीब 19 प्वाइंट कम हुआ था। एक्यूआई दो दिन में 206 प्वाइंट कम हुआ है। पिछले एक सप्ताह से रेड जोन में चल रहा एक्यूआई यलो जोन में आ गया है।
पर्यावरणविदों ने इसको बड़ा बदलाव बताया है। इसके साथ ठंड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। शुक्रवार को सुबह व शाम को हुई बूंदाबांदी का असर शनिवार सुबह ही शहर समेत जिले में देखा गया। आसमान से स्मॉग की परत छट गई थी और सब कुछ साफ नजर आ रहा था। दिन के समय लोगों ने भी एक्यूआई कम होने को महसूस किया। लोगों के अनुसार एक्यूआई कम होने से आंखों में जलन कम महसूस हुई। इसके साथ सांस लेने में भी राहत रही। शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 117 प्वाइंट दर्ज किया गया।
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दिवाली के दिन पटाखे चलने से पर्यावरण प्रदूषण बिगड़ जाता है। हर साल एक्यूआई भी बढ़ जाता है। दिवाली से अगले दिन स्मॉग देखा जा सकता था। इससे लोगों को स्वास्थ्य भी बिगड़ जाता था। इस बार शुक्रवार को बूंदाबांदी होने पर दिवाली से एक दिन पहले ही एक्यूआई रेड जोन से घटकर यलो जोन में आ गया है। दिवाली के दिन प्रशासन पटाखे चलाने वालों पर सख्त रहा या फिर लोग खुद ईको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए आगे आए तो एक्यूआई से आगे भी राहत मिल सकती है।
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