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Panipat News: वायरल से परेशानी, निमोनिया से ग्रस्त हो रहे बच्चे
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पानीपत। सर्दियों का मौसम सेहत का पूरा ख्याल रखें। जिले में डेंगू की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। पिछले चार दिन में डेंगू के सिर्फ दो केस मिले हैं। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या 306 पहुंच गई है। इस साल डेंगू का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत रहा। वायरल अब भी लोगों के लिए परेशानी और डॉक्टरों के लिए चुनौती बना हुआ है। बच्चे निमोनिया से ग्रस्त हो रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को कुल 1612 ओपीडी हुई है। इसमें 480 ओपीडी वायरल फीवर की थी। सुबह-शाम की ठंड लोगों को बीमार बना रही है। चिकित्सकों की मानें तो यहीं मौसम सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। खासकर सुबह और शाम में तो ज्यादा सतर्कता बरतना चाहिए। सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित लोग अस्पतालों में पहुंच रहे है।
इसके अलावा प्रतिदिन निमोनिया के मरीज भी पहुंचने लगे हैं। फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि सर्दी-जुकाम इसे कॉमन कोल्ड भी कहते हैं, जो तापमान में परिवर्तन के कारण होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें यह जल्दी पकड़ता है।
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इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे आदि काफी लाभदायक हैं। इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। सर्दियों में हाइपोथर्मिया बीमारी होती है। इसमें हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं, सांस लेने में तकलीफ बनने लगती है। इसमें ज्यादा सावधानी बरतनी होती है। बच्चों में टॉन्सिल की समस्या आम होती है।
गले में काफी दर्द होता है। खाना खाने में दिक्कत होती है, तेज बुखार भी हो सकता है। यह बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण से हो सकता है। इससे बचे रहने के लिए इस मौसम में ठंडी चीजों का प्रयोग करने से बचें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ निहारिका ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन निमोनिया के मिल रहे हैं। खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की ओपीडी 80 से अधिक है। जरा सी लापरवाही से बीमारी की जद में आ सकते हैं। बच्चों का पूरा ध्यान रखें। उन्हें गर्म कपड़े पहना कर रखें। खांसी बुखार व जुकाम होने पर बच्चे को डॉक्टर को दिखाएं।
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जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को कुल 1612 ओपीडी हुई है। इसमें 480 ओपीडी वायरल फीवर की थी। सुबह-शाम की ठंड लोगों को बीमार बना रही है। चिकित्सकों की मानें तो यहीं मौसम सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। खासकर सुबह और शाम में तो ज्यादा सतर्कता बरतना चाहिए। सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित लोग अस्पतालों में पहुंच रहे है।
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इसके अलावा प्रतिदिन निमोनिया के मरीज भी पहुंचने लगे हैं। फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि सर्दी-जुकाम इसे कॉमन कोल्ड भी कहते हैं, जो तापमान में परिवर्तन के कारण होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें यह जल्दी पकड़ता है।
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इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे आदि काफी लाभदायक हैं। इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। सर्दियों में हाइपोथर्मिया बीमारी होती है। इसमें हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं, सांस लेने में तकलीफ बनने लगती है। इसमें ज्यादा सावधानी बरतनी होती है। बच्चों में टॉन्सिल की समस्या आम होती है।
गले में काफी दर्द होता है। खाना खाने में दिक्कत होती है, तेज बुखार भी हो सकता है। यह बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण से हो सकता है। इससे बचे रहने के लिए इस मौसम में ठंडी चीजों का प्रयोग करने से बचें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ निहारिका ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन निमोनिया के मिल रहे हैं। खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की ओपीडी 80 से अधिक है। जरा सी लापरवाही से बीमारी की जद में आ सकते हैं। बच्चों का पूरा ध्यान रखें। उन्हें गर्म कपड़े पहना कर रखें। खांसी बुखार व जुकाम होने पर बच्चे को डॉक्टर को दिखाएं।