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Panipat News: लंका दहन, मेघनाथ और कुंभकरण बध का मंचन

Wed, 01 Oct 2025 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Wed, 01 Oct 2025 12:21 AM IST
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Burning of Lanka, killing of Meghnath and Kumbhakaran
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। शहर की रामलीला में कहीं लंका दहन तो कहीं हनुमान ने दर्शन दिए। श्री सनातन धर्म रामलीला सभा मॉडल टाउन में लंका दहन किया। वहीं श्री सायंकाल लैय्या सभा की ओर से आईबी सीसे स्कूल में रामलीला में हनुमान दर्शन, मेघनाथ, कुंभकरण वध का मंचन किया गया। इसके साथ भीम गोड़ा में रामलीला ड्रामेटिक क्लब की ओर से रामलीला में अंगद संवाद का मंचन किया। समालखा रामलीला मैदान में राम कथा का आयोजन किया।
श्री राम लीला कमेटी (श्री देवी मंदिर) में मंगलवार की लीला में हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध व लंका दहन का मंचन किया गया। जब श्रीराम व लक्ष्मण सीता की खोज करते वन में घूम रहे थे। वहां पर उनकी मुलाकात हनुमान से हुई। हनुमान ने अपना परिचय दिया कि वह किष्किन्धा नरेश सुग्रीव के सेनापति हैं। हनुमान ने श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता कराई।
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श्रीराम ने बताया कि वह और उनका भाई लक्ष्मण सीता की तलाश कर रहे हैं तो सुग्रीव ने उनकी सहायता करने का वचन दिया। फिर सुग्रीव ने बताया कि उसका भाई बाली उसे बहुत परेशान करता है और उसने उसकी पत्नी का भी अपहरण कर लिया है। तब श्रीराम ने बाली का वध कर सुग्रीव को उनकी पत्नी को मिलवाया और किष्किन्धा का राज्य सुग्रीव को दे दिया। हनुमान सीता की खोज करते हुए लंका में प्रवेश कर गए। रावण की अशोक वाटिका तहस नहस कर दी।
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रावण ने अपने सैनिकों को हनुमान को पकड़ने के लिए भेजा तो उनहोंने उसकी पूंछ में आग लगा दी। हनुमान जी ने उसी आग से सारी लंका को जलाकर राख कर दिया। समाजसेवी विजय जैन व श्री दिगंबर जैन पंचायत के प्रधान सुनील जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर लीला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गोबिंद गोयल, प्रधान आदर्श गुप्ता, उपप्रधान मनोज गोयल, महासचिव मनोज सिंगला, कोषाध्यक्ष संजय बंसल, सह सचिव विरेंद्र बंसल, पूर्व प्रधान नवल जिंदल उपस्थित रहे।
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कुंभकर्ण छह महीने की निंद्रा के बाद जागे
श्री सायंकाल रामलीला लैय्या सभा की ओर से आईबी सीसे स्कूल के मैदान में रामलीला में मंगलवार को कुंभकर्ण को छह महीने की निद्रा से जगाने के बाद लंकाधीश रावण ने सीता हरण वा अक्षय कुमार की मृत्यु का सारा वृतांत बताया। कुंभकर्ण को रावण की बात पसंद नहीं आई और सीता को वापस लौटाने की सलाह दी। रावण के बार-बार कहने पर कुंभकर्ण श्रीराम से युद्ध करने को तैयार हुआ। कुंभकर्ण ने जमकर मदिरा पान किया और विभीषण से आकर मिला। श्रीराम से महासंग्राम करते हुए कुंभकर्ण मारा गया। इस बीच मेघनाथ युद्ध में लक्ष्मण के हाथों मारा गया। मंच संचालन युधिष्ठिर शर्मा ने किया। बताया कि बुधवार को श्री राम लक्ष्मण हनुमान का अहिरावण व लंकाधीश रावण से निर्णायक महासंग्राम होगा।


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रामलीला का मंच भारतीय संस्कृति की धरोहर : डॉ. ओमवीर
रामलीला कला संगम समिति की ओर से डाबर कॉलोनी में रामलीला का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि समाजसेवी डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने रिबन काट कर रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि रामलीला का मंच भारतीय संस्कृति की धरोहर है। जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम मर्यादा में रहकर व सत्य के मार्ग पर चल ही विजय हासिल करते हैं। ऐसी प्रेरणा रामलीला मंचन के माध्यम से युवा पीढ़ी को मिलती है। समिति सदस्य राजेंद्र कादियान, प्रमोद कटारिया, प्रवेश कादियान व बबल कटारिया ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस मौके पर शिवचरण राणा, नसीब राणा, बलिंद्र पोडवाल, जोगिंदर सैनी मौजूद रहे।
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