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Panipat News: जरा संभलिए... यह दिल का मामला है
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पानीपत। दिल को संभालिए, बड़े खतरे हैं इस राह में ... यह पंक्तियां हमें न केवल डराती हैं, बल्कि ह्दय रोग से बचने के लिए सतर्क करती हैं। जीवन शैली में आए बदलाव, अनियमित खानपान और शहर की प्रदूषित हवा ह्दय यानि दिल के लिए घातक साबित हो रही है। टेक्सटाइल नगरी में पिछले एक साल में 17 प्रतिशत ह्दयरोगी बढ़ गए हैं।
उल्लेखनीय है सर्दियों में जिले के छह बड़े निजी अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 30 नए ह्दय रोगी आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में 2023 में ह्दय संबंधी 671 रोगी आए थे, 2024 में यह संख्या बढ़कर 870 हो गए हैं। इस तरह एक साल में 17 प्रतिशत मरीजों में इजाफा हुआ है। गौरतलब है कि जिले में लगभग 1.40 लाख लोग ह्दय रोग से जूझ रहे हैं। जिले में हर पांचवीं मौत का कारण ह्दय घात मिल रहा है। पिछले दो साल में तो ह्दय रोगी दोगुना रफ्तार से बढ़े हैं। हर रोज औसतन 30 लोगों की एंजियोग्राफी हो रही है। यह विडंबना है कि जिस शहर में 1.40 लाख लोग ह्दय की बीमारियों से ग्रस्त हैं। इसका बड़ा कारण लोगों में खानपान के प्रति जागरूक न होना है। वहीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ह्दय के रोगियों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। कार्डियोलॉजिस्ट के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जहां इलाज में लाखों रुपये खर्च होते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1600 से ज्यादा मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) कराने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है।
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उल्लेखनीय है सर्दियों में जिले के छह बड़े निजी अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 30 नए ह्दय रोगी आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में 2023 में ह्दय संबंधी 671 रोगी आए थे, 2024 में यह संख्या बढ़कर 870 हो गए हैं। इस तरह एक साल में 17 प्रतिशत मरीजों में इजाफा हुआ है। गौरतलब है कि जिले में लगभग 1.40 लाख लोग ह्दय रोग से जूझ रहे हैं। जिले में हर पांचवीं मौत का कारण ह्दय घात मिल रहा है। पिछले दो साल में तो ह्दय रोगी दोगुना रफ्तार से बढ़े हैं। हर रोज औसतन 30 लोगों की एंजियोग्राफी हो रही है। यह विडंबना है कि जिस शहर में 1.40 लाख लोग ह्दय की बीमारियों से ग्रस्त हैं। इसका बड़ा कारण लोगों में खानपान के प्रति जागरूक न होना है। वहीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ह्दय के रोगियों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। कार्डियोलॉजिस्ट के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जहां इलाज में लाखों रुपये खर्च होते हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1600 से ज्यादा मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) कराने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है।

कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बनाया गया आईसालेशन वार्ड। संवाद
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