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Panipat News: हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवाएं लगातार हो रही हैं प्रभावित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2024 06:36 AM IST
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Ambulance services are continuously getting affected due to the strike.
पानीपत। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत जिले के 350 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क , डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित है। एनएचएम के अंतर्गत एंबुलेंस पर तैनात 25 चालक हड़ताल में शामिल हैं।
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एंबुलेंस सेवाओं को चालू रखने के लिए हरियाणा विकास कौशल निगम से पांच चालक को तैनात किया गया है, लेकिन यह जिला नागरिक अस्पताल से ही एंबुलेंस का संचालन कर रहे हैं। फील्ड में एंबुलेंस के पहिये पूरी तरह से जाम हैं। अगर जिले में कहीं भी कोई हादसा होता है या किसी को एंबुलेंस की जरूरत होती है तो जिला नागरिक अस्पताल से एंबुलेंस भेजनी पड़ती है। ऐसे में एंबुलेंस को घटनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटा से भी अधिक वक्त लग रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में फिलहाल 14 एंबुलेंस खड़ी है। अहर, समालखा, खोतपुरा, ददलाना, नौल्था व बापौली सामुदायिक केंद्रों में भी एंबुलेंस खड़ी है लेकिन वहां चालक नहीं है।
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एनएचएम की हड़ताल के कारण प्रसूति वार्ड में डिलीवरी सेवाओं में 20 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। जहां पहले प्रतिदिन 35-40 डिलीवरी होती थी अब घटकर औसतन 25 डिलीवरी रह गई हैं। हड्डी रोग की भी सोमवार को महज 40 ओपीडी हुई हैं। टीकाकरण कार्यक्रम भी लगभग ठप हो गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। एक हड़्डी रोग विशेषज्ञ एनएचएम के अंतर्गत है। वह अकसर हड्डी संबंधी सर्जरी करते हैं। दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ ओपीडी करते हैं। हड़ताल से की हड्डी से कई सर्जरी रुक गई है। फिजियोथैरेपी विभाग की प्रभारी डॉ. नेहा बंसल एनएचएम की हड़ताल में शामिल है। इसलिए फिजियोथैरेपी सेवाएं पूरी तरह से बंद है। यहां हर रोज इलाज के लिए 30-40 मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर बुजुर्ग शामिल हैं। इनको बिना इलाज ही घर लौटना पड़ रहा है। एनएचएम की हड़ताल से एसएनसीयू वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। एनएनसीयू का 80 प्रतिशत स्टाफ एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत है। यहां के तीन डॉक्टर व 12 नर्सिंग ऑफिसर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत है। अब यहां पर दूसरे वार्डों से नर्सिंग ऑफिसर लगाए गए हैं।
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बॉक्स

एंबुलेंस की कमी से हो चुकी है जच्चा बच्चा व महिला की मौत-

वीरवार को सिवाह पीएचसी में समय पर एंबुलेंस न मिलने पर एक गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। जब उन्हें ई- रिक्शा में जिला नागरिक अस्पताल में लेकर आया गया उनकी मौत हो गई थी। वहीं दूसरी ओर देहरा गांव में महिला नीलम जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था, एंबुलेंस नहीं मिली तो डायल 112 ने महिला को रोहतक पीजीआई भिजवाया था , समय पर इलाज न मिलने महिला की मौत हो गई थी।




वर्जन-

एनएचएम की नोडल अधिकारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने बताया कि एंबुलेंस पर हरियाणा कौशल निगम के चालकों की नियुक्ति की गई है। एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह से बहाल है। एंबुलेंस कंट्रोल रूम में काॅल आने पर तुरंत एंबुलेंस भेजी जा रही है। गर्भवतियों को भी छोड़ा जा रहा है। एंबुलेंस की कमी से किसी महिला या जच्चा बच्चा की जान नहीं गई है।
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