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Panipat News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 65 हजार जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 02:51 AM IST
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Convict sentenced
माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग किशोरी को कमरे में बंद कर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के दोषी सौरभ को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को तीन साल एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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अदालत ने जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। मामले में पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय व फॉरेंसिक साक्ष्य और 17 गवाहों की गवाही महत्वपूर्ण रही।
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तहसील कैंप थाना क्षेत्र की जावा कॉलोनी निवासी पीड़िता की मां ने चार दिसंबर 2024 को पुलिस को शिकायत दी थी। महिला ने बताया था कि दोपहर करीब पौने तीन बजे उन्होंने अपनी 14 वर्षीय बेटी को सामान लेने दुकान भेजा था। काफी देर तक बेटी वापस नहीं आई तो उन्होंने तलाश शुरू की। इस दौरान पता चला कि पड़ोस में रहने वाले सौरभ ने उसे अपने कमरे में बंद कर रखा है।
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महिला कमरे पर पहुंची तो आरोपी ने पहले अंदर जाने से मना किया। बाद में अंदर जाने पर बेटी वहां मिली। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि आरोपी ने उसे कमरे में खींचकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले में पीड़िता की लीगल काउंसलिंग, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की काउंसलिंग, मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान और नागरिक अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया।


अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा
अदालत ने सौरभ को धारा 65(1) बीएनएस (16 वर्ष से कम आयु की बालिका से दुष्कर्म) में 20 साल की कठोर कैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। धारा 137(2) बीएनएस (अपहरण/किडनैपिंग) में तीन साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 87 बीएनएस (अनुचित निरोध/कमरे में बंधक बनाना) में पांच साल की कठोर कैद और 15 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 127(2) बीएनएस (गलत तरीके से रोकना/अवरोध) में एक साल की कठोर कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 351(3) बीएनएस (जान से मारने की आपराधिक धमकी) में तीन साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई हैं।
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