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सील तोड़कर काम करने वाले ब्लीच हाउस संचालकों पर कानूनी कार्रवाई करेगा बोर्ड
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पानीपत। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने डेढ़ साल पहले जिले भर के ब्लीच हाउसों पर कार्रवाई करते हुए 110 ब्लीच हाउसों को सील किया था। इनके कनेक्शन काटने के लिए बिजली निगम और ध्वस्त करने के लिए जिला योजनाकार विभाग को पत्र लिखा गया था लेकिन दोनों विभागों ने इस पर कार्रवाई नहीं की। बोर्ड की ओर से ब्लीच हाउस के कनेक्शन काटने के लिए तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया लेकिन निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा अवैध रूप से ब्लीच हाउस चलने लगे हैं। ब्लीच हाउस संचालकों ने दोबारा सील तोड़कर काम शुरू कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन ब्लीच हाउस संचालकों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिले में किसी भी ब्लीच हाउस को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी नहीं मिली है।
रिकॉर्ड में 170, हकीकत में 300 से अधिक ब्लीच हाउस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 170 ब्लीच हाउस हैं, जबकि हकीकत में यह आंकड़ा 300 से अधिक है। ब्लीच हाउस संचालकों ने ब्लीच हाउस खोलने के लिए शहर से बाहर भूमि ढूंढी है। सबसे अधिक ब्लीच हाउस सनौली, बापौली, डाहर, नौल्था, समालखा, मतलौडा, महराणा क्षेत्र में हैं। विभाग ने ब्लीच हाउस संचालकों को भूमि देने वाले किसानों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
सील तोड़कर दोबारा काम करने वालों पर होगी कार्रवाई
डेढ़ साल पहले ब्लीच हाउसों पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर बिजली निगम को कनेक्शन काटने के लिए पत्र लिखा गया था। हमें जब भी कोई शिकायत मिलती है हम कार्रवाई करते हैं। जो ब्लीच हाउस सील किए गए थे, अगर वे चलते मिले तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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रिकॉर्ड में 170, हकीकत में 300 से अधिक ब्लीच हाउस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 170 ब्लीच हाउस हैं, जबकि हकीकत में यह आंकड़ा 300 से अधिक है। ब्लीच हाउस संचालकों ने ब्लीच हाउस खोलने के लिए शहर से बाहर भूमि ढूंढी है। सबसे अधिक ब्लीच हाउस सनौली, बापौली, डाहर, नौल्था, समालखा, मतलौडा, महराणा क्षेत्र में हैं। विभाग ने ब्लीच हाउस संचालकों को भूमि देने वाले किसानों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
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सील तोड़कर दोबारा काम करने वालों पर होगी कार्रवाई
डेढ़ साल पहले ब्लीच हाउसों पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर बिजली निगम को कनेक्शन काटने के लिए पत्र लिखा गया था। हमें जब भी कोई शिकायत मिलती है हम कार्रवाई करते हैं। जो ब्लीच हाउस सील किए गए थे, अगर वे चलते मिले तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड