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बूंदाबांदी और सर्द हवाआें ने बढ़ाई ठंड

Wed, 12 Dec 2012 05:30 AM IST
Panipat
Panipat Updated Wed, 12 Dec 2012 05:30 AM IST
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पानीपत। जिला में मंगलवार को बूंदाबांदी होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। विशेषज्ञाें की मानें तो यह बूंदाबांदी जिला में 85 हजार हेक्टेयर में खड़ी रबी की फसल के लिए वरदान साबित होगी। खासकर जिन किसानों ने खेतों में गेहूं की फसल की लेट बिजाई की थी, उस फसल के लिए तो यह बूंदाबांदी ओर भी ज्यादा लाभदायक साबित होगी।
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सोमवार रात से ही आसमान में बादल छाए थे। तड़के बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया और यह रुक-रुककर कई घंटे तक चला। इसके बावजूद जिला में दो एमएम ही बारिश हो सकी। सर्दी के मौसम में बारिश होने और हवाएं चलने से ठंडक बढ़ र्गई। सुबह 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चल रही थी जो दोपहर को 15 किलोमीटर तक पहुंच गई। इससे जिला का अधिकतम तापमान 16 सेंटीग्रेड पर अटक गया।
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पानीपत जिले में लगभग 85 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। इसमें से 75 प्रतिशत रकबे में तो अगैती बिजाई की गई थी और 25 प्रतिशत रकबे में लेट बिजाई हुई थी। इस क्षेत्र में बासमती धान की फसल थी विशेष तौर पर उस रकबे मेें पछैती बिजाई है। यह बूंदाबांदी अगैती और खासकर पछैती फसलों के लिए वरदान साबित होगी।
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लेट बिजाई वाली फसल में सिंचाई करें लेट
विशेषज्ञाें की माने तो जिन किसानों ने गेहूं की लेट बिजाई की थी और उन खेतोें में पहली सिंचाई भी थोड़ा लेट की जाए तो लाभकारी रहेगी। किसानों को तीन-चार दिनों तक असमान के साफ होने का इंतजार करना पडे़गा। जब आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा तभी खेतों में सिंचाई करें तो ज्यादा फायदेमंद रहेगा। इससे जहां एक ओर किसानोें के समय की बचत होगी, वहीं यह बूंदाबांदी फसल की अच्छी पैदावार मेें भी सहायक होगी। जिन क्षेत्रों में फसल की अगैती बिजाई की गई थी और किसानों ने पहली सिंचाई भी कर दी है, उस फसल के लिए भी यह बूंदाबांदी लाभदायक ही होगी।
वर्जन
यह बूूंदाबांदी रबी की फसल के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी। अभी आने वाले दो तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है। जिन किसानों ने गेहूं की फसल की पछैती बिजाई और उन्होंने खेतों में पहली सिंचाई भी नहीं की है, उस फसल के लिए ज्यादा लाभदायक होगी।

डा. राजबीर गर्ग, जिला विस्तार विशेषज्ञ, कृषि विभाग

खानपान की वस्तुओं की बिक्री बढ़ी
मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही खानपान की दुकानाें पर बिक्री बढ़ गई। चाय की दुकानाें की बिक्री डेढ़ से दोगुना तक बढ़ गई। इसके अलावा मिठाइयों, मूंगफली और गजक की दुकानाें पर खासी बिक्री हुई। रामलाल चौक पर गजक पट्टी बेचने वाले मनीष ने बताया कि आज उसने दिनभर में अन्य दिनाें की तुलना में करीब दोगुना सामान बेचा है।
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