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तीन फैक्टरियों पर 75 लाख रुपये का जुर्माना
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पानीपत। बबैल रोड की तरफ जाते हुए ड्रैन नंबर-1 के पास सड़क पर उड़ती हुई धुल।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को शुक्रवार शाम बबैल रोड पर तीन फैक्टरियों में प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग होते मिला। इन पर बोर्ड की ओर से 75 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। दूसरी ओर बोर्ड ने उद्यमियों को सख्त निर्देश जारी कर कहा गया है कि अगर किसी फैक्टरी में जेनरेटर चलते मिला तो उस पर 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। शनिवार को एक्यूूआई 62 अंक गिरकर 160 पर आ गया। स्मॉग भी छट गई। इससे लोगों को काफी राहत मिली है।
हालांकि अब भी प्रदूषण स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एनजीटी के निर्देशों पर जिले में ग्रैप लागू हैं। इसके तहत फैक्टरियों में चलने वाले जनरेटर पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में उद्यमियों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। उत्पादों के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शनिवार को मितल मेगा मॉल समेत 10 बड़ी फैक्टरियों का निरीक्षण भी किया, लेकिन सभी जगह जेनरेटर बंद मिले।
दूसरी ओर ग्रैप के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को छोड़ दूसरा कोई भी विभाग गंभीरता से काम नहीं कर रहा है। पर्यावरण में धूल के कणों की मात्रा बहुत अधिक है। सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। ऐसे में धूल के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण के चलते लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं भी हो रही हैं। हालांकि एक्यूआई गिरने से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
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कार्रवाई जारी रहेगी, सबको हिदायतें दी गई है
शुक्रवार को तीन फैक्टरियों पर 75 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। शनिवार को 10 स्थानों का निरीक्षण कर जेनरेटर जांचे गए, सभी जगह जेनरेटर बंद मिले। सभी को सख्त हिदायतें दी गई है, जहां भी ग्रैप के नियमों का उल्लंघन होते मिला कार्रवाई की जाएगी।कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर एचएसपीसीबी
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हालांकि अब भी प्रदूषण स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एनजीटी के निर्देशों पर जिले में ग्रैप लागू हैं। इसके तहत फैक्टरियों में चलने वाले जनरेटर पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में उद्यमियों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। उत्पादों के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शनिवार को मितल मेगा मॉल समेत 10 बड़ी फैक्टरियों का निरीक्षण भी किया, लेकिन सभी जगह जेनरेटर बंद मिले।
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दूसरी ओर ग्रैप के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को छोड़ दूसरा कोई भी विभाग गंभीरता से काम नहीं कर रहा है। पर्यावरण में धूल के कणों की मात्रा बहुत अधिक है। सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। ऐसे में धूल के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण के चलते लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं भी हो रही हैं। हालांकि एक्यूआई गिरने से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
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कार्रवाई जारी रहेगी, सबको हिदायतें दी गई है
शुक्रवार को तीन फैक्टरियों पर 75 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। शनिवार को 10 स्थानों का निरीक्षण कर जेनरेटर जांचे गए, सभी जगह जेनरेटर बंद मिले। सभी को सख्त हिदायतें दी गई है, जहां भी ग्रैप के नियमों का उल्लंघन होते मिला कार्रवाई की जाएगी।कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर एचएसपीसीबी

पानीपत। जनरेटर सेट की जांच करते हुए एसडीओ प्रदीप कुमार- फोटो : Panipat