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एक साल अठाइस दिन में ही पार्षद चेयरमैन के खिलाफ खड़े हुए
Updated Sat, 17 Jun 2017 08:47 PM IST
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नपा चेयरमैन के खिलाफ 14 पार्षद, विधायक से मिलकर सौंपे शपथपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। नगरपालिका गठन के एक साल अठाईस दिन के अंदर ही पार्षदों द्वारा तख्ता पलटने की सुगबुगाहट शुरू हो गई हैं। 17 में से करीब चौदह पार्षदों ने विधायक रविंद्र मच्छरौली से मिलकर अपने शपथपत्र भी सौंपे हैं। इसको लेकर देर शाम तक कार्रवाई चलती रही है। पार्षदों द्वारा शहर में विकास कार्यों को मुद्दा बनाए जाने की बात कही जा रही है। सूत्रों की माने तो पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास जाहिर किया है, जबकि वाइस चेयरमैन का पद नहीं बदला जाएगा।
22 मई 2016 को नगरपालिका के चुनाव हुए थे तथा 13 जून को पार्षदों ने शपथ ली थी। जिसमें वार्ड एक से पार्षद अशोक कुच्छल को बहुमत मिला और उन्हें चेयरमैन बनाया गया। इस दौरान विधायक और सांसद करनाल ने भी कुच्छल के पक्ष में वोट किए थे। लेकिन एक साल बीतते-बीतते ही स्थिति बदल गई है। पिछले कुछ महीनों से पार्षदों में इसको लेकर कानाफुसी चल रही थी और कई दौर की गुप्त मीटिंग के भी हो चुकी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को चौदह पार्षदों ने विधायक रविंद्र मच्छरोली से मिलकर चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास जाहिर किया है तथा निधि मित्तल के पक्ष में खड़े दिखे। अपुष्ट सूत्र ने ये भी बताया कि इसको लेकर पार्षदों ने शपथ पत्र दिया है तथा फिलहाल नपा चेयरमैन की कुर्सी पर तलवार लटकती नजर आ रही है, जबकि वाइस चेयरमैन की कुर्सी बचाने में प्रवीन बैनीवाल पार्षद सफल होते दिखाई दे रहे हैं। एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विकास नहीं होना भी एक मुद्दा है। जिसके चलते पार्षदों ने एकजुट होकर ये कदम उठाया है। पार्षद का कहना है कि पिछले एक वर्ष में शहर में नाममात्र के विकास कार्य हुए हैं। वहीं इस बारे में नपा चेयरमैन से बात करने पर संपर्क नहीं हो सका।
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। नगरपालिका गठन के एक साल अठाईस दिन के अंदर ही पार्षदों द्वारा तख्ता पलटने की सुगबुगाहट शुरू हो गई हैं। 17 में से करीब चौदह पार्षदों ने विधायक रविंद्र मच्छरौली से मिलकर अपने शपथपत्र भी सौंपे हैं। इसको लेकर देर शाम तक कार्रवाई चलती रही है। पार्षदों द्वारा शहर में विकास कार्यों को मुद्दा बनाए जाने की बात कही जा रही है। सूत्रों की माने तो पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास जाहिर किया है, जबकि वाइस चेयरमैन का पद नहीं बदला जाएगा।
22 मई 2016 को नगरपालिका के चुनाव हुए थे तथा 13 जून को पार्षदों ने शपथ ली थी। जिसमें वार्ड एक से पार्षद अशोक कुच्छल को बहुमत मिला और उन्हें चेयरमैन बनाया गया। इस दौरान विधायक और सांसद करनाल ने भी कुच्छल के पक्ष में वोट किए थे। लेकिन एक साल बीतते-बीतते ही स्थिति बदल गई है। पिछले कुछ महीनों से पार्षदों में इसको लेकर कानाफुसी चल रही थी और कई दौर की गुप्त मीटिंग के भी हो चुकी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को चौदह पार्षदों ने विधायक रविंद्र मच्छरोली से मिलकर चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास जाहिर किया है तथा निधि मित्तल के पक्ष में खड़े दिखे। अपुष्ट सूत्र ने ये भी बताया कि इसको लेकर पार्षदों ने शपथ पत्र दिया है तथा फिलहाल नपा चेयरमैन की कुर्सी पर तलवार लटकती नजर आ रही है, जबकि वाइस चेयरमैन की कुर्सी बचाने में प्रवीन बैनीवाल पार्षद सफल होते दिखाई दे रहे हैं। एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विकास नहीं होना भी एक मुद्दा है। जिसके चलते पार्षदों ने एकजुट होकर ये कदम उठाया है। पार्षद का कहना है कि पिछले एक वर्ष में शहर में नाममात्र के विकास कार्य हुए हैं। वहीं इस बारे में नपा चेयरमैन से बात करने पर संपर्क नहीं हो सका।
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