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चार दिन तक प्रदर्शन के बाद पकड़ा गया हत्यारोपी आढ़ती

Mon, 20 May 2019 11:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 11:44 PM IST
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चार दिन तक प्रदर्शन के बाद पकड़ा गया हत्यारोपी आढ़ती
पानीपत। आखिरकार चार दिन तक लगातार विरोध-प्रदर्शन के बाद सब्जी विक्रेता के हत्यारोपी आढ़ती को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके बाद परिजनों ने करनाल के कल्पना चावला अस्पताल के शव गृह से सब्जी विक्रेता का शव उठाया और शाम 6 बजे पैतृक गांव कुराड़ में उसका अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को प्रदर्शन में कुरुक्षेत्र निवासी राज्यसभा सांसद, गाजियाबाद निवासी पूर्व राज्यसभा सांसद सहित पूर्व डीएसपी, 8 जिलों के कश्यप समाज के लोगों सहित अनेकों लोगों ने परिजनों को समर्थन दिया।
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परिजन व आठ जिलों के कश्यप समाज के लोग पहुंचे लघु सचिवालय : गांव कुराड़ निवासी कर्मबीर के परिजन और समाज के लोग चार दिन से आढ़ती सतीश की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करनाल व पानीपत में प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार सुबह से ही परिजन व आठ जिलों के कश्यप समाज के लोग लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठ गए। कुरुक्षेत्र निवासी राज्यसभा सांसद रामकुमार, गाजियाबाद निवासी पूर्व राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप, रिटायर्ड डीएसपी करताराम कश्यप, तरसीम कश्यप, देशराज कश्यप, राजीव आदि ने बताया कि जब तक आढ़ती को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक शव नहीं लेंगे और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस ने तीन दिन पहले आढ़ती को हवालात में बंद कर गिरफ्तारी का वीडियो दिखाया था। शव उठाने लगे तब पता चला कि आढ़ती को छोड़ दिया। जांच करने पर यह सच्चाई पाई गई। सोमवार को डीएसपी सतीश ने धरनास्थल पर आकर आढ़ती को गिरफ्तार करने की बात कही। लेकिन परिजन नहीं माने और उसको कोर्ट में पेश करने के लिए कहे। बाद में जब आढ़ती को जेल भेजा गया तब शव उठाकर संस्कार किया। इस दौरान जयभगवान, जयपाल, हरीश कुमार, सीताराम, राजपाल सहित सोनीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, अंबाला, पंचकूला से भी कश्यप समाज के लोग धरने में शामिल हुए।
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जब मारपीट हुई, तब पति सतीश मौके पर नहीं थे : सतीश की पत्नी अनीता खुराना, बेटा निखिल ने बताया कि पुलिस ने सतीश को निर्दोष होते हुए फंसाया है। मुनीम जोनी को करीब दो माह पहले सतीश ने निकाल दिया था। 16 मई को वह घर पर थे। तब फोन आया कि जोनी सब्जी विक्रेता कर्मबीर के साथ मारपीट कर रहा है। सतीश मौके पर पहुंचे तब पुलिस भी आ चुकी थी और जोनी को पकड़कर ले गई। सतीश व अन्य ने घायल कर्मबीर को सिविल अस्पताल पहुंचाया था। बाद में कर्मबीर के परिजनों ने हत्या में सतीश का नाम लिखा दिया। 4 दिन से सतीश को थाने में बैठाया हुआ है। हमने सीसीटीवी फुटेज दिए, जिसमें सतीश घर पर आते-जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मौके के गवाह भी दिए कि मारपीट के वक्त सतीश दुकान पर नहीं थे। पुलिस 4 दिन से हमसे कह रही थी कि कोई बात नहीं है यह साबित हो गया कि सतीश निर्दोष हैं। डरने की जरूरत नहीं है। सोमवार को अचानक पुलिस वाले बोले कि राजनैतिक दबाव है, इसलिए गिरफ्तार कर रहे हैं। कागजों को छुपाकर जबरन हस्ताक्षर करा दिए। नहीं करने पर पुलिस ने थप्पड़ मारे। फिर कोर्ट में पेश कर दिया। सतीश शुगर व बीपी के मरीज हैं। अगर कुछ हुआ तो पुलिस जिम्मेदार होगी। अगर उन्होंने कुछ किया है तो पुलिस सबूत दें।
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आरोपी के परिजनों ने आधा घंटे तक किया कोर्ट में हंगामा : गिरफ्तारी के बाद सतीश को जेआईएमसी प्रगति राणा की कोर्ट में पेश किया गया। भनक लगने पर परिजन भी कोर्ट पहुंच गए। कोर्ट रूम के बाहर सतीश को निर्दोष बताते हुए परिजनों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान जज प्रगति राणा कोर्ट रूम के बाहर आ गईं। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को कोर्ट बिल्डिंग से बाहर कर दिया। परिजनों ने करीब आधे घंटे तक कोर्ट में प्रदर्शन किया।

अब तक की जांच के आधार पर आढ़ती सतीश को गिरफ्तार किया गया है। अभी मामले की जांच जारी है। सारे पहलुओं पर जांच की जा रही है। सतीश के परिजनों से सबूत लेकर उनकी तसल्ली की जाएगी। जो दोषी होगा, उसी पर कार्रवाई होगी।
संदीप, एसएचओ, थाना चांदनी बाग
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