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Panchkula News: मेरा पानी, मेरी विरासत योजना के तहत वैकल्पिक फसलों की बुआई करने पर कृषि विभाग ने दिया बल
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पंचकूला। हरियाणा सरकार द्वारा मेरा पानी, मेरी विरासत योजना के तहत वैकल्पिक फसलों की बुआई के लिए 1500 एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र यादव ने बताया कि धान की फसल के बजाय वैकल्पिक फसलों की बुआई जैसे कपास, मक्का, अरहर, मुंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, ग्वार, तिल, अरण्डी, मुंगफली, फल व सब्जियां, खरीफ प्याज, खरीफ चारा व कृषि वानिकी (सफेदा व पोप्लर) द्वारा विविधिकरण करने के लिए जिला में 1500 एकड़ का लक्ष्य रखा गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र यादव ने बताया कि किसान अपने पिछले वर्ष बोए गए धान के क्षेत्र को उपरलिखित वैकल्पिक फसलों में बदल सकता है। वर्ष 2025 से पहले किसान द्वारा पंजीकरण करने के पश्चात मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सत्यापन उपरांत किसान को 7000 रूपये प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती थी जोकि इस वितीय वर्ष से आठ हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है और डीबीटी के तहत किसान के खाते में जमा कर दी जाएगी।
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इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र यादव ने बताया कि किसान अपने पिछले वर्ष बोए गए धान के क्षेत्र को उपरलिखित वैकल्पिक फसलों में बदल सकता है। वर्ष 2025 से पहले किसान द्वारा पंजीकरण करने के पश्चात मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सत्यापन उपरांत किसान को 7000 रूपये प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती थी जोकि इस वितीय वर्ष से आठ हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है और डीबीटी के तहत किसान के खाते में जमा कर दी जाएगी।
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