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बेमिसालः दुनिया से जाते-जाते दो लोगों को नई जिंदगी दे गया 22 साल का युवक, दान हुई किडनी
Fri, 06 Dec 2019 01:43 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2019 01:43 PM IST
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सुनील कुमार
- फोटो : अमर उजाला
अंबाला के 22 वर्षीय युवक सुनील कुमार की किडनी ने दो को नया जीवन दिया है। सुनील कुमार एक एक्सीडेंट में बुरी तरह से घायल हो गए थे। बाद में उन्हें पीजीआई में दाखिल कराया गया। कई दिनों तक डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, मगर कोई असर नहीं दिखा। बाद में डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
पीजीआई ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर ने इस संबंध में सुनील के परिजनों से बात की। परिजनों ने हामी भरी। उसके बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने सुनील के सुरक्षित अंग निकाले और उन्हें दो मरीजों में ट्रांसप्लांट कर दिए। इससे मरीजों को नया जीवन मिला है। किडनी खराब होने से वे बहुत ही मुश्किल में जीवन व्यतीत कर रहे थे। पीजीआई का यह 29वां आर्गन डोनेशन हैं।
परिजनों ने बताया कि सुनील कुमार 21 नवंबर को अपनी बाइक से जा रहे थे। इस दौरान वे रोड रोलर से टकरा गए। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया। बाद में पीजीआई रेफर कर दिया गया। दस दिन तक वह पीजीआई में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे।
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सुनील की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिलने पर पीजीआई ने ब्रेन डेड घोषित करने पर विचार किया। कई स्तर की मीटिंग के बाद पीजीआई ने सुनील को ब्रेन डेड घोषित कर परिजनों से संपर्क किया। उसके बाद ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया गया।
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पीजीआई ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर ने इस संबंध में सुनील के परिजनों से बात की। परिजनों ने हामी भरी। उसके बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने सुनील के सुरक्षित अंग निकाले और उन्हें दो मरीजों में ट्रांसप्लांट कर दिए। इससे मरीजों को नया जीवन मिला है। किडनी खराब होने से वे बहुत ही मुश्किल में जीवन व्यतीत कर रहे थे। पीजीआई का यह 29वां आर्गन डोनेशन हैं।
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परिजनों ने बताया कि सुनील कुमार 21 नवंबर को अपनी बाइक से जा रहे थे। इस दौरान वे रोड रोलर से टकरा गए। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया। बाद में पीजीआई रेफर कर दिया गया। दस दिन तक वह पीजीआई में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे।
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सुनील की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिलने पर पीजीआई ने ब्रेन डेड घोषित करने पर विचार किया। कई स्तर की मीटिंग के बाद पीजीआई ने सुनील को ब्रेन डेड घोषित कर परिजनों से संपर्क किया। उसके बाद ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया गया।