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मक्खी और रेट ने डुबो दिया सूरजमुखी

Fri, 29 Apr 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 29 Apr 2016 01:21 AM IST
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Sunflower, farmers, afraid. sunflower crop, district administration, Flies on crop, panchkula news
रायपुररानी के खेल में लगी सूरजमुखी की फसल। - फोटो : अमर उजाला
रायपुररानी और बरवाला की सूरजमुखी की बेल्ट को अब ग्रहण लग चुका है। कारण है पोल्ट्री फार्म, बिल्डर और सरकारी रेट। ऐसा नहीं है कि किसान खेतों में सूरजमुखी की फसल को लगाना नहीं चाहते। लेकिन बेचने के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार रेट तय करना तो दूर खरीदने से भी गुरेज करती है। ऐसे में किसानों को औने-पौने दामों में बेचना फसल को बेचना पड़ता है। 
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पंचकूला के बरवाला और रायपुररानी क्षेत्र में ऐसी स्थिति पिछले तीन साल से बनी है। यहां के किसान अब सूरजमुखी की फसल लगाने से डरने लगे हैं। यही कारण है कि वह अब मक्की की फसल तैयार करने लगे हैं। तीन साल में ही बरवाला और रायपुररानी की बेल्ट में सूरजमुखी की खेती सिर्फ दस फीसदी ही रह गई है। 
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पोल्ट्री फार्म भी फसल की समस्या
रायपुररानी और बरवाला में पोल्ट्री फार्म से होने वाली मक्खियां भी फसल के लिए की समस्या हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए कई बार जिला प्रशासन प्रयास कर चुका है, लेकिन अब तक मक्खियों पर अंकुश लगाने में कामयाबी नहीं मिली है। 
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फसल बेचना है तो जाओ शाहबाद
किसानों का कहना है कि उनकी फसल स्थानीय मंडी में सरकार खरीदती नहीं है। ऐसी स्थिति में एक ही विकल्प है। फसल को औने पौने दामों में बेच दें या फिर लंबा चौड़ा खर्च करके शाहबाद की मंडी में फसल को ले जाएं। 
 
कोट्स
सूरजमुखी की फसल तैयार तो करते हैं, लेकिन पर्याप्त दाम ही नहीं मिल पाते हैं। इसकी खरीद का बंदोबस्त किया जाए तो रायपुररानी-बरवाला बेल्ट में सूरजमुखी की पैदावार अच्छी हो सकती है। 
हरपाल राणा, किसान बडोना

कोट्स
बरवाला और रायपुररानी में पोल्ट्री फार्म ज्यादा है। सूरजमुखी की खेती कम होने की वजह यह भी है। मक्खियों की वजह से समस्या होती है। खरीदारी की व्यवस्था न होना भी एक प्रमुख वजह है। 

चरण सिंह, किसान मुरादनगर
  
तीन साल पहले की स्थिति 
खेती का एरिया-1800 एकड़
उत्पादन प्रति एकड़-9 क्विंटल
कुल उत्पादन-16200 क्विंटल
रेट-3500 रुपये प्रति क्विंटल

मौजूदा स्थिति
खेती का एरिया-200 एकड़
उत्पादन प्रति एकड़-8 क्विंटल
कुल उत्पादन-1600 क्विंटल
रेट-2500 रुपये प्रति क्विंटल
सरकारी रेट-3800 रुपये प्रति क्विंटल


कोट्स
रायपुररानी और बरवाला में सूरजमुखी की खेती में कमी आई है। कीट की वजह से भी फसल पर प्रभाव होता है। हम मक्खियों की समस्या के लिए तो कदम उठाते हैं। कोशिश यह है कि इस बेल्ट में सूरजमुखी की पैदावार अच्छी हो जाए।
सुरेंद्र यादव, डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर
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