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हरियाणा सरकार ने दिए तीन साल में हुई रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश, 31 अगस्त तक देनी रिपोर्ट

Mon, 17 Aug 2020 10:54 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 17 Aug 2020 10:54 AM IST
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Haryana Government Orders to Investigate Registries held in three years
दुष्यंत चौटाला
हरियाणा सरकार ने रजिस्ट्रियों में हुए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अप्रैल 2017 से अप्रैल 2019 तक प्रदेश में हुई जमीन की सभी रजिस्ट्रियों की जांच होगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने सभी जिलों के डीसी को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशानुसार सभी डीसी को रजिस्ट्रियों की जांच रिपोर्ट 31 अगस्त तक सरकार को सौंपनी होगी। 2017 से 2019 तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच कराने का फैसला उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लिया है। चूंकि, राजस्व विभाग का जिम्मा उन्हीं के पास है।
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सरकार ने कोरोना के दौरान प्रदेश में रजिस्ट्रियों के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच के बाद बीते तीन साल में हुई रजिस्ट्रियों की कुंडली खंगालने का भी फैसला किया है। इससे पूर्व सरकार के समय रजिस्ट्रियों में अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो उसमें संलिप्त राजस्व व अन्य विभाग के अफसरों पर गाज गिरना तय है। दुष्यंत इससे साफ संदेश देना चाहते हैं कि रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार उनके कार्यकाल में ही शुरू नहीं हुआ, बल्कि पहले से चला आ रहा है। बीते तीन साल में कृषि, शहरी व नियंत्रित क्षेत्रों में लाखों रजिस्ट्रियां होने का अनुमान है। दुष्यंत के निर्णय अनुसार अगर निष्पक्ष जांच हुई तो अनेक चेहरों से नकाब उतर सकता है।
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उधर, कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां 17 अगस्त से दोबारा शुरू हो जाएंगी। सरकार ने 11 अगस्त से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ई-अपॉइंटमेंट देनी शुरू कर दी थी। सोमवार से शहरी क्षेत्रों में भूमि पंजीकरण के लिए ई-अपॉइंटमेंट मिलनी भी शुरू हो जाएगी। भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने पर सरकार ने 22 जुलाई 2020 को रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी थी। शहरी क्षेत्रों में भूमि पंजीकरण जल्द ही नए सिरे से शुरू किया जाएगा।
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शहरी क्षेत्रों में हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 (समय-समय पर संशोधित) की धारा 7 ए के तहत घोषित, अधिसूचित गांवों की उस भूमि की रजिस्ट्री सोमवार से नहीं होगी, जहां जमाबंदी वर्तमान में ऑफलाइन होने के साथ ही वेब-हैलरिस पर उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा नियंत्रित क्षेत्र में भी भूमि पंजीकरण नहीं किया जाएगा। गलत रजिस्ट्री रोकने की फुलप्रूफ प्रणाली पर अभी काम चल रहा है। शहरी क्षेत्रों में कुल 32 लाख संपत्तियां हैं, जिनमें से 18 लाख संपत्तियों के डाटा को विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।


शेष संपत्तियों को 31 अक्टूबर 2020 तक एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। राजस्व विभाग के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, वन विभाग जैसे संबंधित विभाग रजिस्ट्री के लिए अगर 14 दिनों के अंदर-अंदर अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं देते हैं तो उसे डीम्ड स्वीकृति समझकर रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसके अलावा जो अध्यादेश लाया जा रहा है उसमें कृषि भूमि व खाली पड़ी जमीन की अलग-अलग श्रेणी की जाएंगी। कंट्रोल्ड एरिया में रजिस्ट्री के लिए वर्ष 2017 में कृषि भूमि के क्षेत्र को 2 कनाल किया गया था, उसे अब वर्ष 2017 के संशोधन से पहले की भांति एक एकड़ किया जाएगा।
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