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स्टेशनरी घोटाले में शिकायतकर्ता कांस्टेबल से होगी पूछताछ
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:49 AM IST
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स्टेशनरी घोटाले के शिकायतकर्ता कांस्टेबल से होगी पूछताछ
जूनियर असिस्टेंट पर केस दर्ज, लेकिन अन्य आरोपियों की भूमिका पर पुलिस मौन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़
यूटी पुलिस विभाग में वर्ष 2016 में मुखर हुए करीब 31 लाख रुपये के स्टेशनरी घोटाले में विजिलेंस टीम को अब मामले के शिकायतकर्ता कांस्टेबल जगजीत सिंह के जांच में शामिल होने का इंतजार है। केस दर्ज करने के बाद से विजिलेंस का यह केस जस की तस है।
आरोपी स्टेशनरी ब्रांच के जूनियर असिस्टेंट रामबीर सिंह के अलावा अन्य आरोपियोें की भूमिका पर फिलहाल पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जबकि लंबे समय से यह मामला पुलिस अधिकारियों के टेबल पर टिका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो फिलहाल मामले की जांच लंबे समय तक चलने वाली है। इसमें संलिप्त अन्य आरोपियों का पर्दाफाश कब तक होगा, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। क्योंकि विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता जगजीत से पूछताछ कर आरोपी रामबीर सिंह से सवाल-जवाब करेगी। इसके बाद अन्य आरोपियों के नाम व उनकी भूमिका सामने आने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।
यदि केस की जांच रफ्तार पकड़ती है तो जल्द ही विभाग में अच्छे ओहदे पर रहे आरोपी अधिकारी व पुलिसकर्मी भी नप सकते हैं।
बीते दिनों विजिलेंस ने इस घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा-31,सी एवं डी सहित आईपीसी की धारा-409,420,120,बी व 201 के तहत केस दर्ज किया था।
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जूनियर असिस्टेंट पर केस दर्ज, लेकिन अन्य आरोपियों की भूमिका पर पुलिस मौन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़
यूटी पुलिस विभाग में वर्ष 2016 में मुखर हुए करीब 31 लाख रुपये के स्टेशनरी घोटाले में विजिलेंस टीम को अब मामले के शिकायतकर्ता कांस्टेबल जगजीत सिंह के जांच में शामिल होने का इंतजार है। केस दर्ज करने के बाद से विजिलेंस का यह केस जस की तस है।
आरोपी स्टेशनरी ब्रांच के जूनियर असिस्टेंट रामबीर सिंह के अलावा अन्य आरोपियोें की भूमिका पर फिलहाल पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जबकि लंबे समय से यह मामला पुलिस अधिकारियों के टेबल पर टिका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो फिलहाल मामले की जांच लंबे समय तक चलने वाली है। इसमें संलिप्त अन्य आरोपियों का पर्दाफाश कब तक होगा, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। क्योंकि विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता जगजीत से पूछताछ कर आरोपी रामबीर सिंह से सवाल-जवाब करेगी। इसके बाद अन्य आरोपियों के नाम व उनकी भूमिका सामने आने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।
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यदि केस की जांच रफ्तार पकड़ती है तो जल्द ही विभाग में अच्छे ओहदे पर रहे आरोपी अधिकारी व पुलिसकर्मी भी नप सकते हैं।
बीते दिनों विजिलेंस ने इस घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा-31,सी एवं डी सहित आईपीसी की धारा-409,420,120,बी व 201 के तहत केस दर्ज किया था।