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डीसी के पीए पर केस दर्ज
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:48 AM IST
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डीसी के पूर्व पीए व एस्टेट ऑफिस के दो कर्मचारियों पर केस दर्ज
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एडवाइजर के आदेश पर हुई कार्रवाई, एस्टेट ऑफिस से सेक्टर-33बी स्थित प्रापर्टी की फाइल गायब होने का मामला
- सेक्शन आफिसर शिकायत पर सेक्टर-17 थाने में दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एडवाइजर के आदेश पर डीसी के पीए राकेश मोहन समेत एस्टेट ऑफिस के दो अन्य कर्मचारियों पर फाइल गायब होने के मामले में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने राकेश मोहन के अलावा तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट (हाउसिंग ब्रांच) और सीनियर असिस्टेंट हरि मोहन के खिलाफ आईपीसी की धारा-409 (सरकारी कर्मी द्वारा अमानत में खयानत) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना पुलिस को एस्टेट ऑफिस के सेक्शन ऑफिसर नरेश कुमार की ओर से शिकायत दी गई है। यह केस सेक्टर-33बी स्थित एक प्रापर्टी की फाइल गायब होने के मामले में करीब 16 साल बाद आरोपितों पर मामला दर्ज किया गया है।
उक्त कोठी मंजीत कौर के नाम अलॉट की गई थी। मंजीत ने इस कोठी की एवज में 10 फीसदी किस्त भी जमा करा दी थी। बाद की किस्तें जमा न होने के कारण एस्टेट ऑफिस की ओर से इस कोठी की अलॉटमेंट को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। वर्ष 2008 में दोबारा से प्लॉट की अलॉटमेंट के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। ये मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट तक गया। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को दोबारा कोठी के अलॉटमेंट को लेकर नीलामी प्रक्रिया पर स्टे लगा दी थी और यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने के लिए कहा। मामले से जुड़ी फाइल जब हाईकोर्ट में पेश करने की बारी आई तो एस्टेट ऑफिस से यह फाइल गायब की जा चुकी थी।
एस्टेट ऑफिस के रिकॉर्ड में यह फाइल आखिरी बार डीसी के तत्कालीन पीए रहे राकेश मोहन के पास थी। फाइल गुम होने की सूचना के बाद विभागीय जांच शुरू हुई। फाइल गुम होने की वजह से प्रशासन को हाईकोर्ट से कड़ी फटकार लगी थी। मामले की विजिलेंस जांच हुई तो उसके बाद चीफ विजिलेंस अधिकारी (एडवाइजर) के आदेश पर सेक्शन आफिसर ने तीनों कर्मियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धारा में केस दर्ज कर लिया।
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एडवाइजर के आदेश पर हुई कार्रवाई, एस्टेट ऑफिस से सेक्टर-33बी स्थित प्रापर्टी की फाइल गायब होने का मामला
- सेक्शन आफिसर शिकायत पर सेक्टर-17 थाने में दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एडवाइजर के आदेश पर डीसी के पीए राकेश मोहन समेत एस्टेट ऑफिस के दो अन्य कर्मचारियों पर फाइल गायब होने के मामले में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने राकेश मोहन के अलावा तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट (हाउसिंग ब्रांच) और सीनियर असिस्टेंट हरि मोहन के खिलाफ आईपीसी की धारा-409 (सरकारी कर्मी द्वारा अमानत में खयानत) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना पुलिस को एस्टेट ऑफिस के सेक्शन ऑफिसर नरेश कुमार की ओर से शिकायत दी गई है। यह केस सेक्टर-33बी स्थित एक प्रापर्टी की फाइल गायब होने के मामले में करीब 16 साल बाद आरोपितों पर मामला दर्ज किया गया है।
उक्त कोठी मंजीत कौर के नाम अलॉट की गई थी। मंजीत ने इस कोठी की एवज में 10 फीसदी किस्त भी जमा करा दी थी। बाद की किस्तें जमा न होने के कारण एस्टेट ऑफिस की ओर से इस कोठी की अलॉटमेंट को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। वर्ष 2008 में दोबारा से प्लॉट की अलॉटमेंट के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। ये मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट तक गया। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को दोबारा कोठी के अलॉटमेंट को लेकर नीलामी प्रक्रिया पर स्टे लगा दी थी और यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने के लिए कहा। मामले से जुड़ी फाइल जब हाईकोर्ट में पेश करने की बारी आई तो एस्टेट ऑफिस से यह फाइल गायब की जा चुकी थी।
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एस्टेट ऑफिस के रिकॉर्ड में यह फाइल आखिरी बार डीसी के तत्कालीन पीए रहे राकेश मोहन के पास थी। फाइल गुम होने की सूचना के बाद विभागीय जांच शुरू हुई। फाइल गुम होने की वजह से प्रशासन को हाईकोर्ट से कड़ी फटकार लगी थी। मामले की विजिलेंस जांच हुई तो उसके बाद चीफ विजिलेंस अधिकारी (एडवाइजर) के आदेश पर सेक्शन आफिसर ने तीनों कर्मियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धारा में केस दर्ज कर लिया।
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