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समर एस्टेट के एमडी के भाई और पत्नी को भेजा जेल
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पंचकूला। लोगों से करोड़ों रुपये लेने के बावजूद फ्लैट्स का पोजेशन नहीं देने पर एसवी अपार्टमेंट्स के एमडी विनोद बगई की पत्नी सुनीता बगई और बड़े भाई वीरेंद्र बगई को सेक्टर-14 थाना पुलिस ने गिरफ्तार का जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत अंबाला जेल भेज दिया है।
विनोद बगई, उनकी पत्नी और भाई और बेटे समर पर पंचकूला के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के 18 केस दर्ज हैं। इसमें करीब लोगों का 10 करोड़ रुपये से ज्यादा वापस नहीं किया है। बगई को उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिदायत दी है कि वह शहर छोड़कर नहीं जा सकते।
सेक्टर-14 थाना प्रभारी राजीव मिगलानी ने बताया कि वीरेंद्र और सुनीता को अलॉअी, पवन रावल की शिकायत पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पवन रावल ने बताया कि पंचकला पुलिस ने फोन पर उनकी शिकयत और उनसे जुड़े कागजातों की जानकारी ली थी। 2007 में समर एस्टेट ने सेक्टर-20 में 14.568 एकड़ में एसवी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें तीन फेजों में कुल 24 टॉवर में 925 फ्लैट बनाए जाने थे। इसमें से 464 फ्लैट बनाकर अलॉटियों को बेचे गए। फ्लैट के एवज में अलॉटीज से करोड़ों रुपये वसूले गए लेकिन आज तक उन्हें फ्लैट का पोजेशन नहीं मिला। इसके खिलाफ हरेरा कोर्ट में अलॉटियों ने शिकायत दी जिस पर लगातार कोर्ट की ओर से सुनवाई की जा रही है।
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चुनाव में किया गया पैसे का इस्तेमाल
जिन अलॉटीज की ओर से पुलिस को शिकायतें दी गई हैं, उनकी ओर से बताया गया है कि एसवी अपार्टमेंट्स के एमडी विनोद बगई ने 2014 में हुआ विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस दौरान जनता के रुपयों का इस्तेमाल किया गया है। चुनाव के नॉमिनेशन फाइल करने के दौरान उसने पंचकूला रिटर्निंग ऑफिसर के सामने एफिडेविट दिया था जिसमें उसने और उसकी पत्नी ने समर एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड से 6.4 करोड़ रुपये लोन लिया हुआ है। वहीं, 89 लाख रुपये एसवी कॉन्ट्रैक्टर्स से लोन लिया गया था।
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विनोद बगई, उनकी पत्नी और भाई और बेटे समर पर पंचकूला के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के 18 केस दर्ज हैं। इसमें करीब लोगों का 10 करोड़ रुपये से ज्यादा वापस नहीं किया है। बगई को उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिदायत दी है कि वह शहर छोड़कर नहीं जा सकते।
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सेक्टर-14 थाना प्रभारी राजीव मिगलानी ने बताया कि वीरेंद्र और सुनीता को अलॉअी, पवन रावल की शिकायत पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पवन रावल ने बताया कि पंचकला पुलिस ने फोन पर उनकी शिकयत और उनसे जुड़े कागजातों की जानकारी ली थी। 2007 में समर एस्टेट ने सेक्टर-20 में 14.568 एकड़ में एसवी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें तीन फेजों में कुल 24 टॉवर में 925 फ्लैट बनाए जाने थे। इसमें से 464 फ्लैट बनाकर अलॉटियों को बेचे गए। फ्लैट के एवज में अलॉटीज से करोड़ों रुपये वसूले गए लेकिन आज तक उन्हें फ्लैट का पोजेशन नहीं मिला। इसके खिलाफ हरेरा कोर्ट में अलॉटियों ने शिकायत दी जिस पर लगातार कोर्ट की ओर से सुनवाई की जा रही है।
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जिन अलॉटीज की ओर से पुलिस को शिकायतें दी गई हैं, उनकी ओर से बताया गया है कि एसवी अपार्टमेंट्स के एमडी विनोद बगई ने 2014 में हुआ विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस दौरान जनता के रुपयों का इस्तेमाल किया गया है। चुनाव के नॉमिनेशन फाइल करने के दौरान उसने पंचकूला रिटर्निंग ऑफिसर के सामने एफिडेविट दिया था जिसमें उसने और उसकी पत्नी ने समर एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड से 6.4 करोड़ रुपये लोन लिया हुआ है। वहीं, 89 लाख रुपये एसवी कॉन्ट्रैक्टर्स से लोन लिया गया था।