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Panchkula News: चिन्मय अमृत यात्रा का पंचकूला में भव्य स्वागत, पूज्य गुरुदेव की पादुकाओं का हुआ पूजन
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चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर निकाली जा रही 295 दिवसीय राष्ट्रीय आध्यात्मिक यात्रा पहुंची शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चिन्मय मिशन के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही चिन्मय अमृत यात्रा का बुधवार को पंचकूला में भव्य स्वागत किया गया। सेक्टर-20 स्थित चिन्मय श्रुति आश्रम में श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की पावन पादुकाओं का पूजन कर पुष्प अर्पित किए। 31 दिसंबर को चिन्मय विभूति, पुणे से शुरू हुई 295 दिवसीय राष्ट्रीय आध्यात्मिक यात्रा हरिद्वार और रुड़की होते हुए पंचकूला पहुंची।
आश्रम की रेजिडेंट आचार्य ब्रह्मचारिणी कालिन्दी चैतन्य के नेतृत्व में चिन्मय परिवार और श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। शाम को आश्रम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचकूला के महापौर शाम लाल बंसल, स्वामी सम्पूर्णानंद, स्वामी अखिलानंद, ब्रह्मवादिनी स्वामिनी कृष्णकांता और स्वामिनी सिद्धेश्वरी सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश और सरस्वती वंदना से हुआ। बाल विहार के बच्चों ने हरियाणवी नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। स्वामी मित्रानंद ने चिन्मय मिशन के 75 वर्षों के सफर और समाज के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी। वहीं, स्वामी अनुकूलानंद, ब्रह्मचारिणी तारिणी चैतन्य और ब्रह्मचारी सुधीर चैतन्य ने मिशन के उद्देश्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। यात्रा के साथ चल रहे युवावीरों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
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ब्रह्मचारिणी कालिन्दी चैतन्य ने कहा कि चिन्मय अमृत यात्रा का पंचकूला पहुंचना शहरवासियों के लिए गौरव का विषय है। यात्रा के माध्यम से स्वामी चिन्मयानंद के ज्ञान, संस्कार, सेवा और भारतीय संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चिन्मय मिशन के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही चिन्मय अमृत यात्रा का बुधवार को पंचकूला में भव्य स्वागत किया गया। सेक्टर-20 स्थित चिन्मय श्रुति आश्रम में श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की पावन पादुकाओं का पूजन कर पुष्प अर्पित किए। 31 दिसंबर को चिन्मय विभूति, पुणे से शुरू हुई 295 दिवसीय राष्ट्रीय आध्यात्मिक यात्रा हरिद्वार और रुड़की होते हुए पंचकूला पहुंची।
आश्रम की रेजिडेंट आचार्य ब्रह्मचारिणी कालिन्दी चैतन्य के नेतृत्व में चिन्मय परिवार और श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। शाम को आश्रम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचकूला के महापौर शाम लाल बंसल, स्वामी सम्पूर्णानंद, स्वामी अखिलानंद, ब्रह्मवादिनी स्वामिनी कृष्णकांता और स्वामिनी सिद्धेश्वरी सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश और सरस्वती वंदना से हुआ। बाल विहार के बच्चों ने हरियाणवी नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। स्वामी मित्रानंद ने चिन्मय मिशन के 75 वर्षों के सफर और समाज के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी। वहीं, स्वामी अनुकूलानंद, ब्रह्मचारिणी तारिणी चैतन्य और ब्रह्मचारी सुधीर चैतन्य ने मिशन के उद्देश्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। यात्रा के साथ चल रहे युवावीरों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
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ब्रह्मचारिणी कालिन्दी चैतन्य ने कहा कि चिन्मय अमृत यात्रा का पंचकूला पहुंचना शहरवासियों के लिए गौरव का विषय है। यात्रा के माध्यम से स्वामी चिन्मयानंद के ज्ञान, संस्कार, सेवा और भारतीय संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।