फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   electricity consumers, duty exemption, coronavirus, lockdown, haryana government

हरियाणाः कोरोना और लॉकडाउन से जूझ रहे लोगों के हित में सरकार ने लिए बड़े फैसले, जरूर पढ़ें

Sat, 04 Apr 2020 11:31 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 04 Apr 2020 11:31 AM IST
विज्ञापन
electricity consumers, duty exemption, coronavirus, lockdown, haryana government
सीएम मनोहर लाल
कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के मद्देनजर लॉकडाउन से जूझ रही जनता के लिए हरियाणा सरकार ने कुछ फैसले लिए हैं। हरियाणा सरकार ने व्यापारियों, औद्योगिक इकाइयों अथवा अन्य कार्य करने वाले बड़े बिजली उपभोक्ताओं को स्थायी शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है। प्रति माह इसका भुगतान करना होता है।
विज्ञापन


50 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन की यूनिट खपत यदि 50 प्रतिशत या इससे कम होती है तो उनका पिछले और इस महीने का स्थायी शुल्क माफ कर दिया जाएगा। 50 किलोवाट से बड़े एचटी (हाईटेंशन) कनेक्शन के तहत अधिकतम 10 हजार रुपये शुल्क बिलों में माफ किया जाएगा।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए की। उन्होंने सरकारी अनुबंध में काम करने वाले सभी ठेकेदारों को भी राहत दी है। बंद की अवधि को जीरो अवधि मानकर उन्हें अनुबंध की समयावधि में छूट दी जाएगी। सीएम ने कहा कि सफाई कार्यों में लगे कर्मचारियों को भी एक्सग्रेसिया का लाभ मिलेगा। कोरोना से लड़ते हुए अगर किसी सफाई कर्मी की मृत्यु होती है तो उसके आश्रितों को दस लाख रुपये दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने व्यापारियों से यह भी आग्रह किया कि उनके यहां कार्य करने वाले कर्मचारी और मजदूर वर्ग का अपने परिवार की तरह ख्याल रखें और उन्हें न तो काम से निकालें न ही उनका वेतन काटें। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में ऐसे सभी परिवारों की चिंता हम सबको मिलकर करनी है। इसलिए समाज के सभी लोग अपनी-अपनी जिम्मेवारी को निभाएं तभी हम सभी इस समय का मुकाबला कर सकते हैं।

कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग और गरीब परिवारों को मासिक और साप्ताहिक वित्तीय सहायता राशि दे रहे हैं। केंद्र की सहायता से इस महीने का राशन 5 अप्रैल तक भिजवा दिया जाएगा और राशन का वितरण नि:शुल्क होगा। उन्होंने कहा कि अंत्योदय योजना के तहत प्रति परिवार 70 किलो राशन और बीपीएल परिवारों को 10 किलो राशन प्रति व्यक्ति के हिसाब से मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस वायरस से लडऩे के तीन ही मूलमंत्र हैं, जिसे हम सब को याद रखना है। उन्होंने जनता से अपील की कि सामान्य व्यवहार की बातें हैं, उसे न भूलें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें, अपने हाथों को बार-बार धोते रहें। इसी प्रकार से हम इस वायरस को फैलने से रोक सकते हैं और अपने समाज, प्रदेश और देश को बचा सकते हैं।

गेहूं के भंडारण के लिए किसानों को मिलेंगी बोरियां

हरियाणा सरकार गेहूं के भंडारण के लिए किसानों को बोरियां उपलब्ध कराएगी। किसानों ने सरकार की घर या आसपास गेहूं का भंडारण करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। अनेक किसानों व पंचायतों ने सीएम मनोहर लाल से इसके लिए बोरियां उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिस पर सीएम ने आढ़तियों व कृषि विभाग को किसानों को गेहूं के भंडारण के लिए बोरियां उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं।

सीएम मनोहर लाल ने जनता को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान लगातार उनका सहयोग कर रहे हैं। कोरोना से जंग में उनका अब तक पूरा साथ मिला है व आगे भी मिलने की उम्मीद है। बड़े किसानों को अधिक बोरियों की जरूरत पड़ेगी, चूंकि उनका गेहूं मंडियों में बाद में खरीदा जाना है। सीएम मनोहर लाल ने व्यापारियों से ऑनलाइन व्यापार को अधिक तरजीह देने का आग्रह किया है। सीएम ने कहा कि व्यापारी होम डिलीवरी ज्यादा करें व कैश के बजाय डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दें।

जिम्मेदारियों का आगे बढ़कर पालन करें
सीएम मनोहर लाल ने कर्मचारियों से कहा है कि आपातकाल में वे जिम्मेदारियों को आगे आकर निभाएं। पीएम नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार के निर्देशों को एक टीम के तौर पर अमलीजामा पहनाया जा रहा है। आगे भी ऐसा ही करें। जनता की सेवा में जुटे बिजली, पानी, स्वास्थ्य, निकाय व अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों का शुक्त्रिस्या।

कोई पाबंदी नहीं इच्छानुसार दें योगदान
मनोहर लाल ने कहा कि आर्थिक स्थिति लड़खड़ा रही है। मार्च में 3500 करोड़ कम राजस्व आया है। अप्रैल में यह दोगुना कम हो सकता है। वित्तीय कठिनाई का समय है, इसलिए इच्छानुसार आर्थिक सहयोग करें, कोई पाबंदी नहीं है। 10 हजार लोगों ने 34 करोड़ योगदान दिया है। 1.15 लाख कर्मचारी 55 करोड़ योगदान दे चुके हैं। शनिवार तक यह सौ करोड़ पार होने की उम्मीद है। उन्होंने इस दौरान एक दानी सेठ की कहानी भी सुनाई।

पांच अप्रैल तक सभी डिपो पर पहुंच जाएगा राशन

हरियाणा में जरूरतमंद और गरीब लोगों को किसी प्रकार से कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि 5 अप्रैल तक सभी राशन डिपो पर राशन की सप्लाई पहुंच जाए ताकि लोगों को उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करें। राशन के वितरण के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य किया जाए।

 वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संकट समन्वय समिति की बैठक में मुख्य सचिव को अवगत करवाया गया कि बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके अलावा, नई दिल्ली के बाजार से दाल और सरसों तेल की आपूर्ति श्रृंखला भी शुरू हो गई है। कोविड-19 की ड्यूटी में शामिल डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य सेवाओं में लगे सभी कर्मचारियों के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इन सभी कि सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।

इसके लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण, पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर की वर्तमान में उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से इन वस्तुओं को लाने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों की हरियाणा में प्रवेश करते समय थर्मल स्कैनिंग की जाए।

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 महामारी के प्रकोप को देखते हुए सभी उपायुक्तों और सिविल सर्जन को सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोपटा) के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत तंबाकू, खैनी (सभी प्रकार) या इस प्रकार के उत्पादों का सेवन भी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा।

सभी जिला उपायुक्तों और सिविल सर्जनों को पत्र के जरिए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में कोविड-19 के मद्देनजर सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी व्यक्ति धूम्रपान या तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें। कोपटा एक्ट की धारा-7 के तहत खुली सिगरेट की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। यह लीगल मेट्रोलोजी प्रावधान का भी उल्लंघन हैं।

तीन महीने से बिना वेतन हजारों आईसीडीएस सुपरवाइजर
कोरोना महामारी में गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों को घर-घर राशन पहुंचने व जागरूक करने में जुटी हजारों आईसीडीएस सुपरवाइजर को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात सुपरवाइजर के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। बंद के चलते दुकानदारों ने राशन देने में आनाकानी शुरू कर दी है। जल्दी सुपरवाइजर को सरकार ने बकाया वेतन नहीं दिया तो उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित आईसीडीएस सुपरवाइजर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने शुक्रवार को विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर तुरंत प्रभाव से बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की है। एसोसिएशन की प्रधान सबिता मलिक व संतोष यादव ने बताया कि पत्र की प्रति मुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री व विभाग के प्रधान सचिव को भी भेजी गई है। एसोसिएशन ने सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा को भी प्रति भेज कर आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।

संघ के प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि ज्यादातर खंडों में सुपरवाइजर्स को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। जिला यमुनानगर में तो नवंबर महीने से वेतन नहीं आया है। इससे उन्हें परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो रहा है। बहुत सी सुपरवाइजर घर में अकेली कमाने वाली हैं। उन्होंने सरकार से जल्दी सुपरवाइजर के बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed