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टैक्स
Updated Sat, 17 Mar 2018 01:35 AM IST
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पहली बार रिकार्ड तोड़ कमाई, 39 करोड़ से ज्यादा टैक्स इकट्ठा
नगर निगम का 31 मार्च तक है 41 करोड़ रुपये का टारगेट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
वर्तमान वित्तीय सत्र 31 मार्च को समाप्त होने जा रहा है। इस सत्र में नगर निगम ने डिफाल्टरों से जमकर कमाई की है। निगम ने प्रापर्टी और हाउस टैक्स से अब तक 39.30 करोड़ रुपये की कमाई की है। निगम का 31 मार्च तक 41 करोड़ रुपये का टारगेट है। अब तक के निगम के इतिहास में यह पहली बार हुआ जबकि इमारतों पर लगने वाले प्रापर्टी और हाउस टैक्स से इतनी कमाई हुई हो। इससे पहले 25 करोड़ रुपये तक ही कमाई होती थी, जबकि नगर निगम ने हाल ही में 8 हजार लोगों को हाउस टैक्स जमा करवाने के नोटिस जारी किए हैं।
नगर निगम ने शहर की प्रापर्टी का जीआईएस मैपिंग द्वारा सर्वे करवाया है। इसके बाद हजारों डिफाल्टरों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने अब तक एक बार भी हाउस और प्रापर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया था।
बॉक्स
पीजीआई ने करवाया 3 करोड़ 90 लाख
पीजीआई डिफाल्टरों की सूची से बाहर हो गया है। पीजीआई ने शुक्रवार को निगम को अपना सारा बकाया क्लीयर कर दिया है। पीजीआई ने 3 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रापर्टी टैक्स जमा करवाया है। हालांकि डिफाल्टरों की सूची में अब भी चंडीगढ़ भाजपा का कार्यालय है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रापर्टी टैक्स क्लीयर कर दिया है।
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नगर निगम का 31 मार्च तक है 41 करोड़ रुपये का टारगेट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
वर्तमान वित्तीय सत्र 31 मार्च को समाप्त होने जा रहा है। इस सत्र में नगर निगम ने डिफाल्टरों से जमकर कमाई की है। निगम ने प्रापर्टी और हाउस टैक्स से अब तक 39.30 करोड़ रुपये की कमाई की है। निगम का 31 मार्च तक 41 करोड़ रुपये का टारगेट है। अब तक के निगम के इतिहास में यह पहली बार हुआ जबकि इमारतों पर लगने वाले प्रापर्टी और हाउस टैक्स से इतनी कमाई हुई हो। इससे पहले 25 करोड़ रुपये तक ही कमाई होती थी, जबकि नगर निगम ने हाल ही में 8 हजार लोगों को हाउस टैक्स जमा करवाने के नोटिस जारी किए हैं।
नगर निगम ने शहर की प्रापर्टी का जीआईएस मैपिंग द्वारा सर्वे करवाया है। इसके बाद हजारों डिफाल्टरों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने अब तक एक बार भी हाउस और प्रापर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया था।
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पीजीआई ने करवाया 3 करोड़ 90 लाख
पीजीआई डिफाल्टरों की सूची से बाहर हो गया है। पीजीआई ने शुक्रवार को निगम को अपना सारा बकाया क्लीयर कर दिया है। पीजीआई ने 3 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रापर्टी टैक्स जमा करवाया है। हालांकि डिफाल्टरों की सूची में अब भी चंडीगढ़ भाजपा का कार्यालय है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रापर्टी टैक्स क्लीयर कर दिया है।
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