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Palwal News: कंपनी अधिकारियों की लापरवाही से श्रमिक का कटा हाथ, नहीं मिला मुआवजा
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श्रमिक ने पुलिस को दी शिकायत, प्रबंधक और एचआर पर लगाया आरोप
पलवल। जिले की एक निजी फैक्ट्ररी के मैनेजर और एचआर की लापरवाही से एक श्रमिक का हाथ कट गया था। हादसे के बाद कंपनी ने न तो समय पर इलाज कराया और न ही अब तक मुआवजा दिया। पीड़ित नीरज कुमार ने पुलिस में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नीरज कुमार निवासी ग्राम गढ़ीमा, जिला आगरा ने बताया कि 29 अगस्त, 2024 को वह एक कंपनी में हेल्पर के पद पर काम कर रहा था। उसी दिन प्रबंधन ने उसे जबरन प्रेस मशीन पर काम करने को मजबूर किया, जबकि उसे मशीन चलाने का कोई अनुभव नहीं था। मशीन का सेंसर खराब था, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधक राजू और एचआर दीपक ने दबाव बनाकर काम कराया। काम के दौरान अचानक मशीन में खराबी आ गई और उसका दायां हाथ कलाई से कटकर अलग हो गया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय करीब एक घंटे तक लहूलुहान हालत में वहीं रखा। फिर उसे घई अस्पताल फरीदाबाद ले जाया गया, लेकिन वहां सिर्फ मरहम-पट्टी कराई गई और किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। पीड़ित के अनुसार, एचआर दीपक ने उस पर एफआईआर न कराने और मेडिकल लीगल रिपोर्ट न कटवाने का दबाव डाला। उसने वादा किया कि कंपनी पूरा इलाज करवाएगी और बाद में स्थायी नौकरी देगी।
लेकिन, जब नीरज स्वस्थ होकर दो महीने बाद 12 फरवरी, 2025 को कंपनी वापस गया, तो उसे नौकरी देने और खर्च की गई रकम लौटाने से मना कर दिया गया। पीड़ित ने 20 फरवरी 2025 को गदपुरी थाने में मामला दर्ज करवाया, जिसमें मैनेजर राजू और एचआर दीपक पर धारा 125(B), 289, 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। गदपुरी थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। पीड़ित का कहना है कि कंपनी की लापरवाही ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी, अब उसे न्याय चाहिए।
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पलवल। जिले की एक निजी फैक्ट्ररी के मैनेजर और एचआर की लापरवाही से एक श्रमिक का हाथ कट गया था। हादसे के बाद कंपनी ने न तो समय पर इलाज कराया और न ही अब तक मुआवजा दिया। पीड़ित नीरज कुमार ने पुलिस में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नीरज कुमार निवासी ग्राम गढ़ीमा, जिला आगरा ने बताया कि 29 अगस्त, 2024 को वह एक कंपनी में हेल्पर के पद पर काम कर रहा था। उसी दिन प्रबंधन ने उसे जबरन प्रेस मशीन पर काम करने को मजबूर किया, जबकि उसे मशीन चलाने का कोई अनुभव नहीं था। मशीन का सेंसर खराब था, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधक राजू और एचआर दीपक ने दबाव बनाकर काम कराया। काम के दौरान अचानक मशीन में खराबी आ गई और उसका दायां हाथ कलाई से कटकर अलग हो गया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय करीब एक घंटे तक लहूलुहान हालत में वहीं रखा। फिर उसे घई अस्पताल फरीदाबाद ले जाया गया, लेकिन वहां सिर्फ मरहम-पट्टी कराई गई और किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। पीड़ित के अनुसार, एचआर दीपक ने उस पर एफआईआर न कराने और मेडिकल लीगल रिपोर्ट न कटवाने का दबाव डाला। उसने वादा किया कि कंपनी पूरा इलाज करवाएगी और बाद में स्थायी नौकरी देगी।
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लेकिन, जब नीरज स्वस्थ होकर दो महीने बाद 12 फरवरी, 2025 को कंपनी वापस गया, तो उसे नौकरी देने और खर्च की गई रकम लौटाने से मना कर दिया गया। पीड़ित ने 20 फरवरी 2025 को गदपुरी थाने में मामला दर्ज करवाया, जिसमें मैनेजर राजू और एचआर दीपक पर धारा 125(B), 289, 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। गदपुरी थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। पीड़ित का कहना है कि कंपनी की लापरवाही ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी, अब उसे न्याय चाहिए।
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