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प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का केवल 52 हजार किसानों को मिलेगा
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रोशन लाल शर्मा
होडल। जिले में इस बार सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ केवल 52 हजार किसानों को दिया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा पिछले साल 81,877 किसानों को यह लाभ मिला था। एक ही साल में 29 हजार किसानों का नाम योजना से काटे जाना सवाल खड़ा कर रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर जिले के 29 हजार किसानों का नाम योजना से अलग किया है। इससे किसानों में रोष है। इसके अलावा जिन किसानों को योजना का लाभ मिलना है, वे भी पिछले एक सप्ताह से किसान कल्याण विभाग एवं अनाज मंडी स्थित कृषि बाजार में जाकर आनलाइन पोर्टल पर अपनी राशि की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। जिससे किसान अपने आप को सम्मान के बजाय अपमानित महसूस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की सप्ताह भर पहले आठवीं किस्त जारी की गई थी। लेकिन किसानों के खाते में धनराशि नहीं आई है। कोरोना संक्रमण काल में पैसों की जरूरत महसूस कर रहे किसान अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि अधिकारी किसानों को जानबूझकर घुमा रहे हैं। बता दें कि योजना के तहत एक साल में किसान को दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें मिलती हैं।
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81 हजार किसान हैं जिले में
जिले में 81, 877 किसान है जिनका प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए पंजीकरण किया हुआ है। उन्हें पहली किस्त जारी की गई थी। जबकि इस बार 52, 949 किसानों के खाते में किस्त आ रही है। जिले में एकाएक किसानों का आंकड़ा घटने से किसानों ने सरकार की मंशा में खोट बताया है। किसानों का आरोप है कि एक साल में ही 81 हजार से 52 हजार किसान दिखाए जा रहे हैं। सरकार को यह सूची जारी करनी चाहिए कि बाकी 29 हजार किसान कहां गए।
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पहले किस्त दी तो अब क्यों नहीं दे रहे
किसान नेता केशवदेव का कहना है कि विभाग ने जिन किसानों को पहली किस्त दी थी, उन्हें अब क्यों मना किया जा रहा है। इस बात से सरकार की मंशा गलत दिखाई दे रही है। आज देश का किसान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। विभागीय वेबसाइट पर किसान अपनी किस्त के बारे में जानकारी नहीं ले पा रहे हैं। किसान हरी चंद, रामबीर हरकेश ने बताया कि आधार कार्ड नंबर डालने के बाद प्रोसेस होता रहता है। कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उप निदेशक कार्यालय पहुंचे किसान विशन सिंह ने बताया कि छह महीने से खाते में किस्त नहीं आ रही थी। पिछले दिनों लगे शिविर में संशोधन भी कराया था, लेकिन इस बार भी कुछ पता नहीं चल रहा है। विभागीय लोग भी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। किसान रामेश्वर ने बताया कि आधा दर्जन से अधिक बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन खाते में आज तक धनराशि नहीं आई। कार्यालय में भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा है।
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वेबसाइट पर नहीं आ रही डिटेल
वेबसाइट पर कोई डिटेल नहीं आ रही है। सिर्फ किस्त अपलोड दिखा रहा है। इसलिए फिलहाल कोई जानकारी है। आगामी आठ से 10 दिन में सभी के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी, फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। सरकार द्वारा जितने किसानों के लिए सम्मान योजना की राशि भेजी गई है, वह उन सभी किसानों को दे दी जाएगी।
-महावीर सिंह, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग पलवल
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होडल। जिले में इस बार सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ केवल 52 हजार किसानों को दिया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा पिछले साल 81,877 किसानों को यह लाभ मिला था। एक ही साल में 29 हजार किसानों का नाम योजना से काटे जाना सवाल खड़ा कर रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर जिले के 29 हजार किसानों का नाम योजना से अलग किया है। इससे किसानों में रोष है। इसके अलावा जिन किसानों को योजना का लाभ मिलना है, वे भी पिछले एक सप्ताह से किसान कल्याण विभाग एवं अनाज मंडी स्थित कृषि बाजार में जाकर आनलाइन पोर्टल पर अपनी राशि की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। जिससे किसान अपने आप को सम्मान के बजाय अपमानित महसूस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की सप्ताह भर पहले आठवीं किस्त जारी की गई थी। लेकिन किसानों के खाते में धनराशि नहीं आई है। कोरोना संक्रमण काल में पैसों की जरूरत महसूस कर रहे किसान अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि अधिकारी किसानों को जानबूझकर घुमा रहे हैं। बता दें कि योजना के तहत एक साल में किसान को दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें मिलती हैं।
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81 हजार किसान हैं जिले में
जिले में 81, 877 किसान है जिनका प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए पंजीकरण किया हुआ है। उन्हें पहली किस्त जारी की गई थी। जबकि इस बार 52, 949 किसानों के खाते में किस्त आ रही है। जिले में एकाएक किसानों का आंकड़ा घटने से किसानों ने सरकार की मंशा में खोट बताया है। किसानों का आरोप है कि एक साल में ही 81 हजार से 52 हजार किसान दिखाए जा रहे हैं। सरकार को यह सूची जारी करनी चाहिए कि बाकी 29 हजार किसान कहां गए।
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पहले किस्त दी तो अब क्यों नहीं दे रहे
किसान नेता केशवदेव का कहना है कि विभाग ने जिन किसानों को पहली किस्त दी थी, उन्हें अब क्यों मना किया जा रहा है। इस बात से सरकार की मंशा गलत दिखाई दे रही है। आज देश का किसान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। विभागीय वेबसाइट पर किसान अपनी किस्त के बारे में जानकारी नहीं ले पा रहे हैं। किसान हरी चंद, रामबीर हरकेश ने बताया कि आधार कार्ड नंबर डालने के बाद प्रोसेस होता रहता है। कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उप निदेशक कार्यालय पहुंचे किसान विशन सिंह ने बताया कि छह महीने से खाते में किस्त नहीं आ रही थी। पिछले दिनों लगे शिविर में संशोधन भी कराया था, लेकिन इस बार भी कुछ पता नहीं चल रहा है। विभागीय लोग भी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। किसान रामेश्वर ने बताया कि आधा दर्जन से अधिक बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन खाते में आज तक धनराशि नहीं आई। कार्यालय में भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा है।
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वेबसाइट पर नहीं आ रही डिटेल
वेबसाइट पर कोई डिटेल नहीं आ रही है। सिर्फ किस्त अपलोड दिखा रहा है। इसलिए फिलहाल कोई जानकारी है। आगामी आठ से 10 दिन में सभी के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी, फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। सरकार द्वारा जितने किसानों के लिए सम्मान योजना की राशि भेजी गई है, वह उन सभी किसानों को दे दी जाएगी।
-महावीर सिंह, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग पलवल