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82 मुख्याध्यापकों के दस्तावेज की होगी जांच, बीते साल किए गए थे पदोन्नति, शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
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पलवल। बीते साल पदोन्नति किए गए जिले के 82 माध्यमिक विद्यालयों के मुख्याध्यापकों की योग्यता की जांच होगी। शिक्षा विभाग ने अनुसूचित जाति के इन 82 मुख्याध्यापकों के दस्तावेज की जांच करने के निर्देश दिए। जांच के लिए कमेटी भी गठित की गई है। पानीपत के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ब्रजमोहन के नेतृत्व में गठित कमेटी 11 फरवरी को पलवल के 82 मुख्याध्यापकों की योग्यता की दोबारा जांच करेगी। इन मुख्याध्यापकों को शिक्षा विभाग ने नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
दरअसल, 29 जून 2021 को प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के 1600 अध्यापकों की पदोन्नति मुख्याध्यापक के रूप में की गई थी। मामले में कुछ अध्यापकों द्वारा शिकायत की गई कि विभाग ने कुछ ऐसे अध्यापकों को भी पदोन्नति दी है, जो नियम पूरे नहीं करते हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता भी पदोन्नति के लायक नहीं है। शिकायतों की संख्या बढ़ने पर विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 1600 मुख्याध्यापकों के दस्तावेज की दोबारा जांच करने के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी में सहायक डायरेक्टर मनोज वर्मा और उपाधीक्षक राजीव शर्मा को भी शामिल किया गया है।
इन मुख्याध्यापकों को दस्तावेज लेकर 11 फरवरी को जांच करवानी होगी। जांच रिपोर्ट 17 फरवरी को शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। पदोन्नत के लिए नियम पूरे न करने वाले मुख्याध्यापकों को वापस मास्टर श्रेणी में शामिल किया जाएगा। - अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी
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दरअसल, 29 जून 2021 को प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के 1600 अध्यापकों की पदोन्नति मुख्याध्यापक के रूप में की गई थी। मामले में कुछ अध्यापकों द्वारा शिकायत की गई कि विभाग ने कुछ ऐसे अध्यापकों को भी पदोन्नति दी है, जो नियम पूरे नहीं करते हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता भी पदोन्नति के लायक नहीं है। शिकायतों की संख्या बढ़ने पर विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 1600 मुख्याध्यापकों के दस्तावेज की दोबारा जांच करने के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी में सहायक डायरेक्टर मनोज वर्मा और उपाधीक्षक राजीव शर्मा को भी शामिल किया गया है।
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इन मुख्याध्यापकों को दस्तावेज लेकर 11 फरवरी को जांच करवानी होगी। जांच रिपोर्ट 17 फरवरी को शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। पदोन्नत के लिए नियम पूरे न करने वाले मुख्याध्यापकों को वापस मास्टर श्रेणी में शामिल किया जाएगा। - अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी
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