फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   work

पहले चरण में ही आईएमटी बनाने की तैयारी में एचएसआईआईडीसी

Wed, 10 Jul 2019 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2019 12:18 AM IST
विज्ञापन
work
ोटो संख्या:45- गांव खुड़ाना में आईएमटी के लिए जमीन का पंजीकरण करते हुए कर्मचारी - फोटो : Narnol
गांव खुड़ाना में औद्योगिक संपदा (आईई) की जगह इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाई जाएगी। एचएसआईआईडीसी ने किसानों से 500 एकड़ जमीन मांगी है। किसान अपनी जमीन सीधे एचएसआईआईडीसी को बेच सकेंगे। इसके लिए किसानों को ई भूमि पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी सहमति देनी होगी।
विज्ञापन

गांव खुडाना की पंचायत लगभग 971 एकड़ पंचायती जमीन का प्रस्ताव पास कर एचएसआईआईडीसी/पंचायत विभाग को दे चुकी है। इस पंचायती जमीन के पास ही किसानों की निजी जमीन भी खाली पड़ी है। कुछ जमीन में खेती होती है। एचएसआईआईडीसी ने किसानों से 500 एकड़ जमीन की डिमांड की है। सहमति देने वाले किसानों की जमीन को प्रशासन अधिगृहीत करेगा। अगर किसान 500 एकड़ जमीन दे देते हैं तो आईएमटी का रास्ता साफ हो जाएगा। आईएमटी बनाने के लिए कम से कम 1250 एकड़ जमीन होने का मानक तय किया गया है। पंचायत के पास केवल 971 एकड़ जमीन होने के कारण यहां आईएमटी की बजाए आईई/आईएमटी की आधारशिला रखी गई थी। एचएसआईआईडीसी पहले यहां आईई विकसित करना चाहती थी। बाद में इसे आईएमटी के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव था। अब एचएसआईआईडीसी ने इसे पहले चरण में ही आईएमटी बनाने का फैसला लिया है। पिछले एक सप्ताह से जमीन का सर्वे किया जा रहा है। अभी सर्वे में तीन-चार दिन ओर लग जाएंगेे। उसके बाद पटवारी अपनी रिपोर्ट एचएसआईआईडीसी को सौंप देंगे।
विज्ञापन

गांव खुडाना में शुरुआत में आईएमटी स्थापित की जानी थी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 21 जुलाई 2018 को महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित बाजरा रैली में की थी। उच्च अधिकारियों के आदेश पर जनवरी 2019 में सर्वे किया गया तो पंचायत के पास 962 एकड़ जमीन ही मिल पाई। गांव की शेष जमीन पहाड़ के दूसरी ओर पड़ती थी। इसलिए सर्वे रिपोर्ट में आईएमटी की रिपोर्ट फिजिबल नहीं हो पाई थी। एचएसआईआईडीसी ने आईई बनाने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी को गांव खुडाना में रैली कर आईई/आईएमटी का शिलान्यास पत्थर भी रख दिया था। पिछले 20 दिनों से अधिक समय से एचएसआईआईडीसी की टीम गांव खुडाना में बैठकर ही ईभूमि पोर्टल पर जमीन का डाटा अपलोड करवाने को लगी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारियों की अप्रूवल बाकी
गांव खुडाना की पंचायत ने पंचायत की 971 एकड़ जमीन का प्रस्ताव पास कर पंचायत एवं विकास विभाग को सौंप चुकी है। विभाग एक महीने पहले पंचायत विभाग के निदेशक को प्रस्ताव एवं रिपोर्ट भेजा चुका है। अब आला अधिकारियों के निर्देश अनुसार आगे फैसला लिया जाएगा।
आईएमटी के लिए किसान अपनी निजी 500 एकड़ जमीन देने के लिए तैयार हैं। कई किसान ईभूमि पर अपनी जमीन अपडेट भी करवा रहे हैं। ग्रामीणों की जमीन देने के पीछे शर्त है कि ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता से यहां नौकरी मिले। गांव को बिजली, पानी तथा सड़क की सुविधा भी मिले।
- ओमपाल सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, गांव खुड़ाना।
गांव खुडाना की पंचायत एवं ग्रामीण आईएमटी के लिए पूर्णरूप से सकारात्मक है। अपनी जमीन ईभूमि पोर्टल पर अपलोड करवा रहे हैं। अभी तक लगभग 1000 किसानों ने अपलोड करवा दिया है। जमीन को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

- जगदीश शर्मा, डीसी, नारनौल-महेंद्रगढ़।
खुडाना में शुरू से ही आईएमटी बनाने का प्रस्ताव रहा है। किसानों से 500 एकड़ जमीन और मांगी गई है। जमीन एक महीने में पंचायती विभाग से कलेक्टर रेट पर लेंगे। इस प्रोजेक्ट पर कम से कम 500 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसमें 200 करोड़ रुपये जमीन के मुआवजे के तौर पर जाएंगे। सरकार के बजट की आवश्यकता नहीं होती है। एचएसआईआईडीसी ही पूरा पैसा लगाता है।
- मनोजपाल, जीएम, एचएसआईआईडीसी, चंडीगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed