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Mahendragarh-Narnaul News: मौसम का नहीं पड़ा बाजरे पर प्रभाव, बंपर पैदावार की उम्मीद
Sun, 29 Sep 2024 11:18 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 29 Sep 2024 11:18 PM IST
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फोटो संख्या:65- अनाज मंडी महेंद्रगढ़--संवाद
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फोटो संख्या: 65 से 68
- महेंद्रगढ़ जिले में इस बार 2.83 लाख एकड़ में खड़ी है बाजरे की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। इस समय महेंद्रगढ़ जिले के किसानों ने बाजरे की कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से आसमान में छा रहे बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय किसान दिनरात खेतों में व्यस्त है। किसानों को इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद है।
अगेती बाजरे की फसल की कटाई पूरी करके किसानों ने थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले दिन दिनों से आसमान में छाए बादलों को देख किसान ने कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। इस समय किसान तेजी से बाजरे की सिरटे तोड़कर सुखने के शीघ्र बाद ही थ्रेसिंग करने में जुट गया है।
एक अक्तूबर से मंडियों में शुरू हो जाएगी बाजरे की खरीद
एक अक्तूबर से महेंद्रगढ़ क्षेत्र की तीन मंडियों में 2625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए मार्केट कमेटी की ओर से सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया है। महेंद्रगढ़, सतनाली व कनीना के गांव चेलावास स्थित तीन मंडियों में वेयरहाउस की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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दो अक्तूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आगामी दो अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील बने रहने की संभावना है। इस दौरान आंशिक रूप से बदलवाई रहेगी। मौसम खुश्क रहने व तापमान में हल्की वृद्धि बनी रहेगी। तापमान में वृद्धि के कारण बाजरे की फसल भी सूखकर थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाएगी, जिससे किसान बाजरे की थ्रेसिंग में तेजी ला पाएंगे। साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट किसानों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। क्योंकि इस समय कटाई की गई बाजरे की फसल सूखने के बाद शीघ्रता से थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाती है।
अच्छी बारिश से रबी सीजन की जल्द शुरू हो जाएगी बिजाई
इस बार मानसूनी सीजन में गत वर्षों की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है जो रबी सीजन की बिजाई के लिए लाभदायक है। अक्तूबर के प्रथम पखवाड़े में मौसम अनुकूल होते ही अगेती सरसों की बिजाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अच्छी बारिश से किसानों को रबी सीजन की फसलों की बिजाई से पूर्व खेतों की सिंचाई भी कम करनी पड़ेगी। खेतों में कटाई का काम पूरा होने के शीघ्र बाद किसान खेत को खाली करके जुताई कर नमी भी बनाए रख सकते हैं।
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- महेंद्रगढ़ जिले में इस बार 2.83 लाख एकड़ में खड़ी है बाजरे की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। इस समय महेंद्रगढ़ जिले के किसानों ने बाजरे की कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से आसमान में छा रहे बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय किसान दिनरात खेतों में व्यस्त है। किसानों को इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद है।
अगेती बाजरे की फसल की कटाई पूरी करके किसानों ने थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले दिन दिनों से आसमान में छाए बादलों को देख किसान ने कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। इस समय किसान तेजी से बाजरे की सिरटे तोड़कर सुखने के शीघ्र बाद ही थ्रेसिंग करने में जुट गया है।
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एक अक्तूबर से मंडियों में शुरू हो जाएगी बाजरे की खरीद
एक अक्तूबर से महेंद्रगढ़ क्षेत्र की तीन मंडियों में 2625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए मार्केट कमेटी की ओर से सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया है। महेंद्रगढ़, सतनाली व कनीना के गांव चेलावास स्थित तीन मंडियों में वेयरहाउस की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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दो अक्तूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आगामी दो अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील बने रहने की संभावना है। इस दौरान आंशिक रूप से बदलवाई रहेगी। मौसम खुश्क रहने व तापमान में हल्की वृद्धि बनी रहेगी। तापमान में वृद्धि के कारण बाजरे की फसल भी सूखकर थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाएगी, जिससे किसान बाजरे की थ्रेसिंग में तेजी ला पाएंगे। साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट किसानों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। क्योंकि इस समय कटाई की गई बाजरे की फसल सूखने के बाद शीघ्रता से थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाती है।
अच्छी बारिश से रबी सीजन की जल्द शुरू हो जाएगी बिजाई
इस बार मानसूनी सीजन में गत वर्षों की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है जो रबी सीजन की बिजाई के लिए लाभदायक है। अक्तूबर के प्रथम पखवाड़े में मौसम अनुकूल होते ही अगेती सरसों की बिजाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अच्छी बारिश से किसानों को रबी सीजन की फसलों की बिजाई से पूर्व खेतों की सिंचाई भी कम करनी पड़ेगी। खेतों में कटाई का काम पूरा होने के शीघ्र बाद किसान खेत को खाली करके जुताई कर नमी भी बनाए रख सकते हैं।

फोटो संख्या:65- अनाज मंडी महेंद्रगढ़--संवाद

फोटो संख्या:65- अनाज मंडी महेंद्रगढ़--संवाद