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पानी के लिए मचा हाहाकार

Thu, 31 Mar 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Thu, 31 Mar 2016 11:51 PM IST
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water problam in narnaul city
पेयजल किल्लत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गर्मी की शुरुआत में ही शहर में लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। कई मोहल्लों में पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं आ रहा है। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पिछले एक माह से पीने के पानी की समस्या से त्रस्त मोहल्ला खड़खड़ी की महिलाओं ने बृहस्पतिवार को करीब 12 बजे वार्ड नंबर 14 के पार्षद सचिन बंसल के नेतृत्व में निजामपुर रोड स्थित जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में जमकर हंगामा किया। गुस्साई महिलाओं ने जन स्वास्थ्य विभाग के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद महिलाएं विभाग के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गई। यही नहीं महिलाओं ने वहां एक्सईएन कार्यालय में जाकर मटका फोड़ प्रदर्शन भी किया। महिलाओं ने एक्सईएन की मेज पर और कार्यालय में कई मटके फोड़े। महिलाओं ने वहां पर लगी पानी की टोंटियों को भी तोड़ने का भी प्रयास किया और वहां रखे पानी को बिखेर दिया। महिलाओं विभाग के खिलाफ पानी का प्रबंध करो वरना दफ्तर बंद करो और मुर्दाबाद के नारे लगाकर जमकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन कर रही मोहल्ला खड़खड़ी और वार्ड नंबर 14 की महिलाओं ने बताया कि उनके पूरे मोहल्ले में विभाग की ओर से पानी के मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन मीटर लगने के बावजूद भी उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। महिलाओं ने बताया कि वैसे तो मोहल्ले में पिछले तीन माह से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन एक माह से पानी की अधिक समस्या हो गई है। उनके मोहल्ले में तीन दिन में एक बार केवल 10-15 मिनट ही पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन पानी आने के साथ बिजली काट दी जाती है। जिस कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके चलते मोहल्ले में पानी की भारी समस्या पैदा हो गई। मजबूरन उन्हें दूर दराज से कुओं से पानी लेकर आना पड़ता है और वह पानी भी पीने लायक नहीं होता है। इस कारण उन्हें हर सप्ताह पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे है। जिससे उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एसडीओ ने समझाया, पर नहीं मानी
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यालय में उपस्थित एसडीओ जेपी वर्मा ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने उनकी एक सुनी और उन्हें खरीखोटी सुनाते हुए उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गई। लेकिन आधा घंटा बीतने के बावजूद भी जब अधिकारी नहीं पहुंचे तो महिलाएं विभाग परिसर से उठकर कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर मटका फोड़ प्रदर्शन कर अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी महिलाएं कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में ही जाकर बैठ गईं और उनके आने तक वहीं बैठीं रहीं।
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बिल पूरे माह का, पानी एक दिन छोड़कर एक दिन
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि विभाग ने उनके मोहल्ले में पानी के मीटर लगा दिए हैं और उनका बिल भी हर माह भेज दिया जाता है, लेकिन मोहल्ले में पानी एक दिन छोड़कर दिया जाता है। वह भी कुछ देर के लिए जोकि मोहल्लावासियों के पर्याप्त नहीं होता है। इसके कारण उन्हें दूर-दराज के मोहल्लों से पानी लेकर आना पड़ता है। इसके अलावा हर सप्ताह पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है।
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गुस्साई महिलाओं ने बंद किए कार्यालय के पंखे
धूप में बैठकर अपना विरोध जता रही महिलाओं के करीब आधे घंटा बीतने के बाद भी उनकी समस्या जानने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और महिलाओं ने विभाग के विभिन्न कार्यालयों में पंखे के नीचे बैठे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालयों स्वयं जाकर उनके पंखे और कूलर को बंद कर दिया। इस दौरान महिलाओं ने बताया कि वे तो धूप में बैठकर पानी के लिए अपना विरोध जता रही है और अधिकारी व कर्मचारी आराम से अपने-अपने कार्यालयों में पंखे व कूलर में बैठे हैं।

कार्यालयों में पानी के लिए रखे कैंपरों को भी किया खाली
पानी से त्रस्त महिलाओं में इतना गुस्सा था कि उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में कर्मचारियों व पीने के पानी के लिए रखे कैंपरों को भी खाली कर दिया। पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके घरों में तो पिछले एक माह से पीने का पानी नहीं आ रहा है और यहां अधिकारी कैंपर मंगवाकर पानी पी रहे है।


एक घंटा बाद पहुंचे अधिकारी
पानी की समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग में महिलाओं द्वारा प्रदर्शन करने सूचना पाकर करीब एक बजे कार्यकारी अभियंता राकेश कुमार अपने कार्यालय पहुंचे तो उन्हें भी महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ा, लेकिन कार्यकारी अभियंता ने महिलाओं की समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत करवाया। इस दौरान कार्यकारी अभियंता ने सभी महिलाओं से उनकी समस्या जानी और संबंधित अधिकारी को तुरंत प्रभाव से उनकी समस्याओं का समाधान करने के आदेश दिए।
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