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प्लास्टिक से जंग : शैलजा ने सात वर्षों में बांटे 8 हजार जूट बैग
Fri, 03 Jul 2026 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:07 AM IST
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फोटो संख्या:67- शहर में लोगों के जूट के बैग वितरित करते विधायक कंवर सिंह यादव, तहसीलदार अजय क
महेंद्रगढ़। प्लास्टिक बैग मुक्त अभियान के तहत अनहद शक्ति फाउंडेशन ने सात वर्षों में जूट और कपड़े के आठ हजार बैग निशुल्क वितरित कर लोगों को जागरूक किया है।
फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलजा यादव ने बताया कि फाउंडेशन की शुरुआत 5 लोगों से हुई थी। अब 300 लोग जुड़कर कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2019 में जूट, नए व पुराने कपड़ों से बैग तैयार लोगों को निशुल्क वितरित कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े के बैग को अपनाने के लिए जागरूक करना है।
उन्होंने बताया कि सभी सदस्य हर माह 500 रुपये जमा करते हैं। इसी से वे कपड़ा और जूट की खरीदारी करती हैं। इसके बाद संगठन की महिलाएं हाथों से बैग तैयार करती हैं और फिर इनको सब्जी मंडी, बाजार, चौक व ग्रामीण क्षेत्रों में बांटा जाता है। अगस्त तक 1000 बैग वितरित करने का लक्ष्य है।
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उन्होंने बताया कि जिन लोगों को कपड़े और जूट के बैग दिए गए थे, उनमें से अधिकांश अब भी बाजार में कपड़े और जूट के बैग लिए दिखाई देते हैं। प्लास्टिक पैकिंग का बढ़ता चलन और बड़े मार्ट में प्लास्टिक आधारित पैकेजिंग इस अभियान के सामने बड़ी चुनौती बने हैं।
यदि सब्जी मंडियों और बाजारों में प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से कार्रवाई हो और नियमों का पालन कराया जाए तो प्लास्टिक पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलजा यादव ने बताया कि फाउंडेशन की शुरुआत 5 लोगों से हुई थी। अब 300 लोग जुड़कर कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2019 में जूट, नए व पुराने कपड़ों से बैग तैयार लोगों को निशुल्क वितरित कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े के बैग को अपनाने के लिए जागरूक करना है।
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उन्होंने बताया कि सभी सदस्य हर माह 500 रुपये जमा करते हैं। इसी से वे कपड़ा और जूट की खरीदारी करती हैं। इसके बाद संगठन की महिलाएं हाथों से बैग तैयार करती हैं और फिर इनको सब्जी मंडी, बाजार, चौक व ग्रामीण क्षेत्रों में बांटा जाता है। अगस्त तक 1000 बैग वितरित करने का लक्ष्य है।
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उन्होंने बताया कि जिन लोगों को कपड़े और जूट के बैग दिए गए थे, उनमें से अधिकांश अब भी बाजार में कपड़े और जूट के बैग लिए दिखाई देते हैं। प्लास्टिक पैकिंग का बढ़ता चलन और बड़े मार्ट में प्लास्टिक आधारित पैकेजिंग इस अभियान के सामने बड़ी चुनौती बने हैं।
यदि सब्जी मंडियों और बाजारों में प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से कार्रवाई हो और नियमों का पालन कराया जाए तो प्लास्टिक पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।