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परीक्षा की राह में टीके की कमी बनी बाधा
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महेंद्रगढ़। टीकाकरण युवाओं की नौकरी में बाधा बन रही है। प्रदेश सरकार ने कांस्टेबल, नर्सिंग तथा अन्य परीक्षाओं में टीकाकरण की पहली डोज बहुत जरूरी कर दिया है। इसके बिना वो परीक्षा नहीं दे सकेंगे। अस्पताल में टीका लगवाने के लिए युवाओं की भारी भीड़ पहुंच रही है। परंतु अस्पताल में टीकों की भारी किल्लत चल रही है जिससे युवाओं को बिना टीका लगवाए वापस लौटना पड़ रहा है। अगर समय पर उनका टीका नहीं लग पाया तो युवा परीक्षा से वंचित रह जाएंगे।
युवाओं ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीके की आपूर्ति पहले ही सही से नहीं हो पा रही। अब प्रदेश सरकार ने परीक्षाओं में पहली डोज जरूरी कर दिया। जब सरकार अस्पतालों में टीके की आपूर्ति नहीं करवा पा रही तो परीक्षा के लिए यह जरूरी नहीं करना चाहिए था। विद्यार्थियों को तैयारी का समय पहले ही कम मिल रहा है और ऊपर से टीके लगवाने की शर्त ने टेंशन और बढ़ा दी है। ऐसे में विद्यार्थी तैयारी करें या टीका लगवाने जाए।
प्रतिदिन हजारों लोग लौट रहे हैं बिना टीकाकरण के
जिले में वैक्सीन की भारी किल्लत चल रही है। जिले के 26 केंद्रों को मिलाकर पांच हजार लोग बिना वैक्सीन के लौट रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर 150 से 200 लोगों को प्रतिदिन वैक्सीन नहीं लग पा रही जबकि वो सुबह आकर लाइन में खड़े होते हैं। नंबर आने में वैक्सीन खत्म होने का समाचार मिलता है। ऐसे में लोग बिना टीकाकरण के वापस लौटना पड़ रहा है। पिछले छह दिनों में जिले में मात्र 12612 वैक्सीन लग पाई हैं। इनमें से भी महेंद्रगढ़ में मात्र 1163 वैक्सीन लग पाई हैं। जिनमें पहली और दूसरी डोज शामिल है।
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20 हजार परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
बता दें कि 2019 में प्रदेश सरकार ने कांस्टेबल के फॉर्म निकाल गए थे। उस समय जिले के लगभग दस हजार युवाओं ने इस परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था। महिला कांस्टेबल के लिए भी लगभग पांच हजार युवतियों ने आवेदन किया हुआ है। इसके अलावा नर्सिंग एवं लैब तकनीशियन के लिए भी लगभग पांच हजार आवेदन किए हुए हैं।
आज नहीं लगेगी पहली डोज:
महेंद्रगढ़ में वैक्सीन खत्म हो गई है। मंगलवार को पहली डोज किसी भी केंद्र पर नहीं लग पाएगी क्योंकि जिले में वैक्सीन ही नहीं है। केवल कुछ सेंटर्स पर ही दूसरी डोज बची हैं केवल वही लगाई जाएंगी।
तारीख: जिले में टीके लगे - महेंद्रगढ़ में टीके लगे
6 जुलाई: 1275 - 133
7 जुलाई: 213 - 30
8 जुलाई: 357 - 20
9 जुलाई: 5361 - 150
10जुलाई: 1680 - 200
12 जुलाई: 3726 - 630
कुल 12612 - 1163
पोस्ट : तारीख
रेडियोग्राफर: 17 जुलाई
ओटीए: 18 जुलाई
वीएलडीए: 18 जुलाई
लैब तकनीशियन: 24 जुलाई
स्टाफ नर्स: 25 जुलाई
एमपीएचडब्ल्यू एफ: 25 जुलाई
कांस्टेबल : 7 और 8 अगस्त
महिला कांस्टेबल: 4 सितंबर
सुबह साढ़े आठ बजे लाइन में खड़ा हुआ था, अभी तक नंबर नहीं आया है। टीका लगेगा या नहीं इसका भी नहीं पता। क्योंकि 100 डोज लग चुकी है आगे स्लॉट खुलवाएंगे की बोल तो रहे हैं लेकिन अभी तक खुला नहीं। सरकार को आगे से डोज नहीं मिल पा रही तो परीक्षा में यह जरूरी नहीं किया जाना चाहिए था।
- कुलदीप।
पिछले पांच दिनों से लगातार आ रहा हूं। जब नंबर आता है तो वैक्सीन खत्म हो जाती है। आज सुबह साढ़े आठ बजे आकर लाइन में लगा था। तीन घंटे हो गए अभी तक नंबर नहीं आया। एक घंटे में मात्र दस लोगों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।
-विकास यादव।
मेरी 4 सितंबर को महिला कांस्टेबल की परीक्षा है। सुबह 8:30 बजे लाइन मेें लगी थी। तीन घंटे का समय बीत गया है। 100 डोज आई थी, उसका रजिस्ट्रेशन खत्म हो गया है। अब आगे डोज लगेगी या नहीं इसके बारेे में जानकारी नहीं मिल रही। अगर वैक्सीनेशन में समय लगेगा तो पढ़ाई कब कर पाएंगे
-मनीषा।
कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा में टीकाकरण की पहली डोज लगवाना जरूरी किया हुआ है। तीन दिन से वह अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। गर्मी में घंटों लाइन में खड़े होने के बाद वैक्सीन खत्म होने की बात बोल देते हैं। सरकार के पास जब वैक्सीन ही नहीं थी तो एग्जाम में यह जरूरी नहीं किया जाना चाहिए था।
-हिमांशु।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का एक-एक मिनट कीमती है। ऐसे में अगर वैक्सीन के लिए पांच-पांच घंटे खराब कर देगा कैसे काम चलेगा? ऐसे में विद्यार्थी वैक्सीन की टेंशन लेगा या परीक्षा देगा। सरकार को या तो परीक्षा का समय बढ़ाना चाहिए था या फिर वैक्सीन की पूरी आपूर्ति देनी चाहिए थी।
-अमित यादव, डायरेक्टर निजी एकेडमी।
जैसे-जैसे हमारे पास वैक्सीन आ रही हैं, उसी हिसाब से हम लगा भी रहे हैं। डिमांड भी हमारी तरफ से बढ़ाई गई है लेकिन जितनी डोज मिलती है उसी से काम चलना पड़ता है। मंगलवार के लिए डोज नहीं है केवल कोवाक्सिन की दूसरी डोज ही लग पाएगी।
-डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन, महेंद्रगढ़
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युवाओं ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीके की आपूर्ति पहले ही सही से नहीं हो पा रही। अब प्रदेश सरकार ने परीक्षाओं में पहली डोज जरूरी कर दिया। जब सरकार अस्पतालों में टीके की आपूर्ति नहीं करवा पा रही तो परीक्षा के लिए यह जरूरी नहीं करना चाहिए था। विद्यार्थियों को तैयारी का समय पहले ही कम मिल रहा है और ऊपर से टीके लगवाने की शर्त ने टेंशन और बढ़ा दी है। ऐसे में विद्यार्थी तैयारी करें या टीका लगवाने जाए।
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प्रतिदिन हजारों लोग लौट रहे हैं बिना टीकाकरण के
जिले में वैक्सीन की भारी किल्लत चल रही है। जिले के 26 केंद्रों को मिलाकर पांच हजार लोग बिना वैक्सीन के लौट रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर 150 से 200 लोगों को प्रतिदिन वैक्सीन नहीं लग पा रही जबकि वो सुबह आकर लाइन में खड़े होते हैं। नंबर आने में वैक्सीन खत्म होने का समाचार मिलता है। ऐसे में लोग बिना टीकाकरण के वापस लौटना पड़ रहा है। पिछले छह दिनों में जिले में मात्र 12612 वैक्सीन लग पाई हैं। इनमें से भी महेंद्रगढ़ में मात्र 1163 वैक्सीन लग पाई हैं। जिनमें पहली और दूसरी डोज शामिल है।
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20 हजार परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
बता दें कि 2019 में प्रदेश सरकार ने कांस्टेबल के फॉर्म निकाल गए थे। उस समय जिले के लगभग दस हजार युवाओं ने इस परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था। महिला कांस्टेबल के लिए भी लगभग पांच हजार युवतियों ने आवेदन किया हुआ है। इसके अलावा नर्सिंग एवं लैब तकनीशियन के लिए भी लगभग पांच हजार आवेदन किए हुए हैं।
आज नहीं लगेगी पहली डोज:
महेंद्रगढ़ में वैक्सीन खत्म हो गई है। मंगलवार को पहली डोज किसी भी केंद्र पर नहीं लग पाएगी क्योंकि जिले में वैक्सीन ही नहीं है। केवल कुछ सेंटर्स पर ही दूसरी डोज बची हैं केवल वही लगाई जाएंगी।
तारीख: जिले में टीके लगे - महेंद्रगढ़ में टीके लगे
6 जुलाई: 1275 - 133
7 जुलाई: 213 - 30
8 जुलाई: 357 - 20
9 जुलाई: 5361 - 150
10जुलाई: 1680 - 200
12 जुलाई: 3726 - 630
कुल 12612 - 1163
पोस्ट : तारीख
रेडियोग्राफर: 17 जुलाई
ओटीए: 18 जुलाई
वीएलडीए: 18 जुलाई
लैब तकनीशियन: 24 जुलाई
स्टाफ नर्स: 25 जुलाई
एमपीएचडब्ल्यू एफ: 25 जुलाई
कांस्टेबल : 7 और 8 अगस्त
महिला कांस्टेबल: 4 सितंबर
सुबह साढ़े आठ बजे लाइन में खड़ा हुआ था, अभी तक नंबर नहीं आया है। टीका लगेगा या नहीं इसका भी नहीं पता। क्योंकि 100 डोज लग चुकी है आगे स्लॉट खुलवाएंगे की बोल तो रहे हैं लेकिन अभी तक खुला नहीं। सरकार को आगे से डोज नहीं मिल पा रही तो परीक्षा में यह जरूरी नहीं किया जाना चाहिए था।
- कुलदीप।
पिछले पांच दिनों से लगातार आ रहा हूं। जब नंबर आता है तो वैक्सीन खत्म हो जाती है। आज सुबह साढ़े आठ बजे आकर लाइन में लगा था। तीन घंटे हो गए अभी तक नंबर नहीं आया। एक घंटे में मात्र दस लोगों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।
-विकास यादव।
मेरी 4 सितंबर को महिला कांस्टेबल की परीक्षा है। सुबह 8:30 बजे लाइन मेें लगी थी। तीन घंटे का समय बीत गया है। 100 डोज आई थी, उसका रजिस्ट्रेशन खत्म हो गया है। अब आगे डोज लगेगी या नहीं इसके बारेे में जानकारी नहीं मिल रही। अगर वैक्सीनेशन में समय लगेगा तो पढ़ाई कब कर पाएंगे
-मनीषा।
कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा में टीकाकरण की पहली डोज लगवाना जरूरी किया हुआ है। तीन दिन से वह अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। गर्मी में घंटों लाइन में खड़े होने के बाद वैक्सीन खत्म होने की बात बोल देते हैं। सरकार के पास जब वैक्सीन ही नहीं थी तो एग्जाम में यह जरूरी नहीं किया जाना चाहिए था।
-हिमांशु।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का एक-एक मिनट कीमती है। ऐसे में अगर वैक्सीन के लिए पांच-पांच घंटे खराब कर देगा कैसे काम चलेगा? ऐसे में विद्यार्थी वैक्सीन की टेंशन लेगा या परीक्षा देगा। सरकार को या तो परीक्षा का समय बढ़ाना चाहिए था या फिर वैक्सीन की पूरी आपूर्ति देनी चाहिए थी।
-अमित यादव, डायरेक्टर निजी एकेडमी।
जैसे-जैसे हमारे पास वैक्सीन आ रही हैं, उसी हिसाब से हम लगा भी रहे हैं। डिमांड भी हमारी तरफ से बढ़ाई गई है लेकिन जितनी डोज मिलती है उसी से काम चलना पड़ता है। मंगलवार के लिए डोज नहीं है केवल कोवाक्सिन की दूसरी डोज ही लग पाएगी।
-डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन, महेंद्रगढ़