कोरोना संक्रमण के बढ़ते ग्राफ के बीच जिले में वैक्सीनेशन का कार्य धीमा पड़ गया है। जिला में पिछले एक सप्ताह के दौरान मात्र 16 हजार के करीब लोगों को ही कोरोनारोधी टीका लगाया गया है। जबकि एक सप्ताह पूर्व प्रतिदिन 8 से 10 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच वैक्सीनेशन का कार्य धीमा होना स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंतनीय विषय है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग वैक्सीनेशन के जरिए ही कोरोना के संक्रमण को काबू कर कोरोना पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है। मगर वैक्सीनेशन लगाने का कार्य लगातार धीमा पड़ने लगा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रतिदिन 2 से 3 हजार लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा रही है। इस दौरान सबसे अधिक 8 हजार लोगों ने कोरोनारोधी दूसरी डोज तथा सबसे कम 1682 लोगों ने सुपरडोज लगवाई है।जिले में अब तक कुल 12 लाख 18262 हजार लोगों का वैक्सीनेशन किया गया है। इनमें 6 लाख 98 हजार को पहली डोज तथा 5 लाख 16716 हजार लोगों ने दूसरी डोज ली है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सरकार ने 15-17 आयु के किशोरों का वैक्सीनेशन 3 जनवरी से शुरू किया गया है। साथ ही फ्रंट लाइन वर्कर, हेल्थ वर्कर तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भी सुपर डोज लगाई जा रही है। इसके अलावा अन्य लोगों का भी वैक्सीनेशन किया जा रहा है। ताकि तीसरी लहर के संभावित खतरे को कम किया जा सके। मगर जनवरी माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो वैक्सीनेशन का कार्य धीरे-धीरे धीमा पड़ने लगा है। यह तब, जब जिले में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 से 11 जनवरी तक जिले में 81 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई। वहीं 12 से 21 जनवरी तक 26947 लोगों को ही कोरोनारोधी टीका लगाया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में वैक्सीनेशन का कार्य किस गति से चल रहा है।