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Mahendragarh-Narnaul News: जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी के लिए भाजपा एवं जजपा में कड़ा मुकाबला
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भले ही प्रदेश में भाजपा एवं जजपा गठबंधन की सरकार हो लेकिन जिला परिषद की कुर्सी के लिए दोनों ही पार्टियां अलग-अलग लड़ रही हैं। 24 दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा और जजपा में कड़ा मुकाबला हो सकता है। चेयरमैन की कुर्सी के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए पूर्व मंत्री तथा जिले के तीनों विधायक एकजुट हैं।
पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा ने मोर्चा संभाला हुआ है। पिछले पांच दिन के दौरान पूर्व मंत्री एवं विधायकों की दो बार मीटिंग हो चुकी है। बुधवार को लोक निर्माण विश्रामगृह में उक्त चारों नेताओं की मीटिंग भी हुई थी। इस मौके पर बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला भी उपस्थित रहे। सूत्रों के हवाले से खबर कि भाजपा अपने समर्थित पार्षद राकेश को मैदान में उतार सकती है। इस पर लगभग सभी की सहमति बन चुकी है। पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा पहले ही कह चुके हैं उनके पास 12 से 13 पार्षद हैं इसलिए चेयरमैन उनकी पार्टी समर्थित पार्षद ही बनेगा। वहीं जजपा अपना दावा मजबूत बता रहा है। जिला जजपा जिला अध्यक्ष तेजप्रकाश यादव ने दावा किया है कि जिला परिषद का चेयरमैन उनकी पार्टी का ही बनेगा। उनके पास पार्षदों का पूर्ण बहुमत है। अभी किसी नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। यह भी तय माना जा रहा है कि पहली ही मीटिंग में चेयरमैन की कुर्सी का फैसला हो जाएगा। जजपा अजय या मुनीपाल पर अपना दाव खेल सकती है।
बता दें कि जिले परिषद के 19 वार्डों का चुनाव 30 अक्तूबर को करवाए गए थे जिसका परिणाम 27 नवंबर को जारी किया था। अभी तक जिला परिषद के चेयरमैन का चुनाव नहीं हो पाया है। चेयरमैन के चुनाव के लिए 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। इसको लेकर भाजपा एवं जजपा सक्रिय हैं जबकि इनेलो एवं कांग्रेस का कोई दावा नहीं है। इस चुनाव में भाजपा की शाख दाव पर रहेगी। इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव, नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, अटेली के विधायक सीताराम यादव एवं पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा चारों मिलकर सीट पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं जजपा की ओर से जिले में कोई विधायक नहीं है केवल नगर परिषद की चेयरमैन कमलेश सैनी हैं। इसके बाद भी अगर भाजपा सीट नहीं जीत पाई तो पार्टी की काफी फजीयत होगी।
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जिले में पहली बार बनेगा अनुसूचित जाति का चेयरमैन
प्रदेश में 1995 में पंचायत राज एक्ट लागू हुआ था। इसके बाद जिले में छह जिला परिषद चेयरमैन बन चुके हैं। इस बार प्रदेश सरकार ने महेंद्रगढ़ जिले की सीट अनुसूचित आरक्षित रखी है। जिले में पहली बार अनुसूचित जाति का चेयरमैन बनेगा।
छह में से तीन बार इनेलो रहा दबदबा
जिले में अब तक छह जिला परिषद चेयरमैन रह चुके हैं लेकिन इनमें इनेलो का पूरा दबदबा रहा है। इनेलो की ओर से भाईराम सिंह, जगदीश एवं सुरेंद्र कौशिक चेयरमैन रह चुके हैं। वहीं बरफी देेवी निर्दलीय तथा सतीश यादव कांग्रेस पार्टी समर्थित चेयरमैन रह चुुुके हैं जबकि राजेश देेवी भाजपा समर्थित चेयरमैन रह चुकी हैं।
अब तक ये बन चुके हैं चेयरमैन
1995 - 2000 ------------बरफीदेेवी
2000 - 2003 ------------ भाईराम सिंह
2003 - 2005 ------------ जगदीश
2005 - 2010 ----------- सतीश यादव
20010 - 2015 ----------- सुरेंद्र कौशिक
2015 - 2020 ------------ राजेश देेवी।
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पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा ने मोर्चा संभाला हुआ है। पिछले पांच दिन के दौरान पूर्व मंत्री एवं विधायकों की दो बार मीटिंग हो चुकी है। बुधवार को लोक निर्माण विश्रामगृह में उक्त चारों नेताओं की मीटिंग भी हुई थी। इस मौके पर बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला भी उपस्थित रहे। सूत्रों के हवाले से खबर कि भाजपा अपने समर्थित पार्षद राकेश को मैदान में उतार सकती है। इस पर लगभग सभी की सहमति बन चुकी है। पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा पहले ही कह चुके हैं उनके पास 12 से 13 पार्षद हैं इसलिए चेयरमैन उनकी पार्टी समर्थित पार्षद ही बनेगा। वहीं जजपा अपना दावा मजबूत बता रहा है। जिला जजपा जिला अध्यक्ष तेजप्रकाश यादव ने दावा किया है कि जिला परिषद का चेयरमैन उनकी पार्टी का ही बनेगा। उनके पास पार्षदों का पूर्ण बहुमत है। अभी किसी नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। यह भी तय माना जा रहा है कि पहली ही मीटिंग में चेयरमैन की कुर्सी का फैसला हो जाएगा। जजपा अजय या मुनीपाल पर अपना दाव खेल सकती है।
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बता दें कि जिले परिषद के 19 वार्डों का चुनाव 30 अक्तूबर को करवाए गए थे जिसका परिणाम 27 नवंबर को जारी किया था। अभी तक जिला परिषद के चेयरमैन का चुनाव नहीं हो पाया है। चेयरमैन के चुनाव के लिए 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। इसको लेकर भाजपा एवं जजपा सक्रिय हैं जबकि इनेलो एवं कांग्रेस का कोई दावा नहीं है। इस चुनाव में भाजपा की शाख दाव पर रहेगी। इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव, नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, अटेली के विधायक सीताराम यादव एवं पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा चारों मिलकर सीट पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं जजपा की ओर से जिले में कोई विधायक नहीं है केवल नगर परिषद की चेयरमैन कमलेश सैनी हैं। इसके बाद भी अगर भाजपा सीट नहीं जीत पाई तो पार्टी की काफी फजीयत होगी।
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जिले में पहली बार बनेगा अनुसूचित जाति का चेयरमैन
प्रदेश में 1995 में पंचायत राज एक्ट लागू हुआ था। इसके बाद जिले में छह जिला परिषद चेयरमैन बन चुके हैं। इस बार प्रदेश सरकार ने महेंद्रगढ़ जिले की सीट अनुसूचित आरक्षित रखी है। जिले में पहली बार अनुसूचित जाति का चेयरमैन बनेगा।
छह में से तीन बार इनेलो रहा दबदबा
जिले में अब तक छह जिला परिषद चेयरमैन रह चुके हैं लेकिन इनमें इनेलो का पूरा दबदबा रहा है। इनेलो की ओर से भाईराम सिंह, जगदीश एवं सुरेंद्र कौशिक चेयरमैन रह चुके हैं। वहीं बरफी देेवी निर्दलीय तथा सतीश यादव कांग्रेस पार्टी समर्थित चेयरमैन रह चुुुके हैं जबकि राजेश देेवी भाजपा समर्थित चेयरमैन रह चुकी हैं।
अब तक ये बन चुके हैं चेयरमैन
1995 - 2000 ------------बरफीदेेवी
2000 - 2003 ------------ भाईराम सिंह
2003 - 2005 ------------ जगदीश
2005 - 2010 ----------- सतीश यादव
20010 - 2015 ----------- सुरेंद्र कौशिक
2015 - 2020 ------------ राजेश देेवी।