नारनौल। प्रदेश में कई ऐसे निजी स्कूल हैं, जिनमें एक से पांचवीं तक की कई पुस्तकें स्कूल द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इन किताबों की कीमत काफी अधिक होती है जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। अभिभावकों की शिकायत पर सरकार ने तय किया है कि कक्षा एक से पांचवीं तक का पाठ्यक्रम समान किया जाए। यह बातें राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने गांव आकोली में रतन लाल यादव के आवास पर कही।
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन कक्षाओं की पुस्तकें बाजार की हर दुकान पर उपलब्ध हो। इसके लिए शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पाठ्यक्रम को लेकर रिपोर्ट भेजने के लिए सरकार द्वारा कहा जा चुका है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आ आने के बाद शिक्षा विभाग इस पर फैसला करेगा। इसके बाद निजी स्कूलों द्वारा मनमर्जी से किताबें नहीं लगाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि अधिकांश अभिभावकों की शिकायत रहती है कि निजी स्कूल उनके स्कूल द्वारा लाई गई पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बढ़ाते हैं। कोरोना काल के बाद जब निजी स्कूल खुले तो कई स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी की है। जिसकी अभिभावकों द्वारा शिकायत की जा रही है। अब सरकार द्वारा फीस बढ़ोतरी के लिए पॉलिसी बनाई गई है। जिसकी मंजूरी मिलने के बाद निजी स्कूल अधिकतम 5 प्रतिशत फीस बढ़ा सकेंगे। इस मौके पर रोहतास, सरपंच सतपाल आदि लोग मौजूद रहे।