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Mahendragarh-Narnaul News: प्रकृति के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के निदान में शिक्षण संस्थानों की भूमिका महत्त्वपूर्ण- प्रो. आरपी तिवारी

Thu, 24 Nov 2022 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 11:39 PM IST
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The role of educational institutions is important in solving the challenges facing nature: Prof. RP Tiwari
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में सतत विकास, भविष्य, पृथ्वी और मानविकी: अवसर व चुनौतियां विषय पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। इंटरनेशनल ज्योग्राफिकल यूनियन (आईजीयू) के सहयोग व आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरपी तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि प्रो. आरपी तिवारी ने कहा कि आज के समय में मानवजाति के समक्ष सबसे बड़ी चुनौति जलवायु परिवर्तन है। इसके निदान के लिए आवश्यक है कि सभी मिलकर सतत विकास को केंद्र में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना के तहत प्रयास करें। उन्होंने भारतीय संस्कृति के विकास और वोकल फॉर लोकल के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बदलावों के लिए प्रयास करने पर जोर दिया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस आयोजन में विभिन्न स्तर पर होने वाली चर्चा अवश्य ही जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मददगार साबित होगी।
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राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के अध्यक्ष प्रो. जेपी सिंघल ने कहा कि सतत विकास के माध्यम से हम पर्यावरणीय चुनौतियों का निदान पा सकते हैं। हकेंवि की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने पृथ्वी को भारतीय संस्कृति में प्रदान किए गए मातृशक्ति के पद का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें वासुदैव कुटुम्बकम की अवधारणा का अनुसरण करते हुए मानवजाति के कल्याण के लिए कार्य करने चाहिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की प्रो. सुनीता श्रीवास्तव, शिक्षा पीठ की अधिष्ठाता प्रो. सारिका शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

उद्घाटन सत्र को इंटरनेशनल ज्योग्राफिकल यूनियन के अध्यक्ष प्रो. माइकल मीडोज का वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। इसी क्रम में इंटरनेशनल ज्योग्राफिकल यूनियन के प्रथम अध्यक्ष प्रो. नथाली लेमचंद व इस्ताम्बुल विश्वविद्यालय, तुर्की के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष व इंटरनेशनल ज्योग्राफिकल यूनियन के महासचिव प्रो. बारबारोस गोनेन्गिल ने भी आयोजन में होने वाली चर्चा पर बात रखी। कार्यक्रम की शुरूआत में स्वागत भाषण सम्मेलन के संयोजक डॉ. मनीष कुमार ने प्रस्तुत किया जबकि आयोजन सचिव डॉ. पंकज कुमार ने दो दिवसीय आयोजन की रूपरेखा प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. अभिरंजन कुमार व डॉ. रितु ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन भूगोल विभाग के डॉ. खेराज ने प्रस्तुत किया। डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि आयोजन में देश-विदेश से 600 प्रतिभागी पंजीकृत हुए हैं और इस दो दिवसीय कार्यक्रम के आयोजन में विभाग के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार व शिक्षक डॉ. सीएम मीणा, डॉ. संदीप राणा, डॉ. कपिल देव सहित आयोजन समिति के सदस्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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