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मंदिर के द्वार पर थैली में मिली नवजात बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 May 2017 12:27 AM IST
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रेवाड़ी रोड स्थित मोडावाला मंदिर के मुख्य द्वार के पास बुधवार सुबह एक थैले से नवजात बच्ची मिली। बच्ची की रोने की आवाज पर आसपास के लोगों का ध्यान थैले पर गया। लोगों ने थैले के अंदर देखा तो बच्ची के चीटियां लगी हुई दिखाई दी। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। लेकिन एक घंटे तक इंतजार करने पर पुलिस नहीं आई तो दो युवकों ने बच्ची को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने बच्ची को एसएनसीयू के नर्सरी वार्ड में भर्ती कर लिया। बच्ची प्री-म्यचोर बताई जा रही है।
बुधवार सुबह करीब सवा छह बजे मोडावाला मंदिर में आने वाले भक्तों को मुख्य गेट के पास अंदर की ओर लोगों के बैठने के लिए बनाई गई सिंची पर रखे एक थैले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वहां उपस्थित लोगों ने थैले को देखा तो उसमें एक नवजात बच्ची थी। यह देख लोग दंग रह गए तथा उन्होंने इसकी सूचना तुरंत मंदिर के प्रधान पुजारी राजेंद्र को दी। पुजारी ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को फोन करके दी। मगर सूचना मिलने के एक घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
बच्ची प्री-म्यचोर, वजन भी कम
नागरिक अस्पताल में जब चिकित्सकों ने बच्ची की जांच की तो पाया कि यह एक प्री-म्यचोर बेबी है। जो करीब 30 से 32 सप्ताह की है। वहीं बच्ची का वजन मापा गया तो वह भी 970 ग्राम ही निकला। जिस पर चिकित्सकों ने बच्ची को तुरंत एसएनसीयू वार्ड की नर्सरी में रख लिया।
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बुधवार को ही हुआ बच्ची का जन्म
सिविल सर्जन डीएन बागड़ी ने बताया कि बच्ची का जन्म बुधवार को ही तीन बजे से चार बजे के बीच में हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची बहुत ही कमजोर है। जिसके कारण इसको कुछ दिनों के लिए नर्सरी में रखना होगा। जब तक बच्ची स्वस्थ नहीं हो जाती वे इसको प्रशासन के हवाले नहीं करेंगे। नागरिक अस्पताल में बच्ची का खून लिया गया तथा एक्सरे आदि किया गया।
हेल्थ डिपार्टमेंट खोजेगा बच्ची की मां
बच्ची को किसने जन्म दिया है। इसकी खोज हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा। डिपार्टमेंट के पास गर्भवती महिलाओं का पूरा रिकार्ड होता है। जिसमें सप्ताह के हिसाब से मॉनीट्रिंग भी की जाती है। ऐसे में डिपार्टमेंट 30 से 32 माह की गर्भवती महिलाओं को ट्रैक कर जांच करेगा कि किस महिला के डिलवरी हुई। जिससे बच्ची की मां का पता चल सकेगा।
बच्ची 30 से 32 माह की प्री-म्यचोर बेबी है। जिसने बुधवार सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच में ही जन्म लिया है। बच्ची का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिए कुछ दिन इसे नर्सरी में ही रखा जाएगा। बाद में नियमों के अनुसार प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। -डीएन बागड़ी, सिविल सर्जन, नारनौल
मंदिर के पुजारी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। -मुकेश कुमार, एएसआई, जांच अधिकारी
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बुधवार सुबह करीब सवा छह बजे मोडावाला मंदिर में आने वाले भक्तों को मुख्य गेट के पास अंदर की ओर लोगों के बैठने के लिए बनाई गई सिंची पर रखे एक थैले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वहां उपस्थित लोगों ने थैले को देखा तो उसमें एक नवजात बच्ची थी। यह देख लोग दंग रह गए तथा उन्होंने इसकी सूचना तुरंत मंदिर के प्रधान पुजारी राजेंद्र को दी। पुजारी ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को फोन करके दी। मगर सूचना मिलने के एक घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
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बच्ची प्री-म्यचोर, वजन भी कम
नागरिक अस्पताल में जब चिकित्सकों ने बच्ची की जांच की तो पाया कि यह एक प्री-म्यचोर बेबी है। जो करीब 30 से 32 सप्ताह की है। वहीं बच्ची का वजन मापा गया तो वह भी 970 ग्राम ही निकला। जिस पर चिकित्सकों ने बच्ची को तुरंत एसएनसीयू वार्ड की नर्सरी में रख लिया।
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बुधवार को ही हुआ बच्ची का जन्म
सिविल सर्जन डीएन बागड़ी ने बताया कि बच्ची का जन्म बुधवार को ही तीन बजे से चार बजे के बीच में हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची बहुत ही कमजोर है। जिसके कारण इसको कुछ दिनों के लिए नर्सरी में रखना होगा। जब तक बच्ची स्वस्थ नहीं हो जाती वे इसको प्रशासन के हवाले नहीं करेंगे। नागरिक अस्पताल में बच्ची का खून लिया गया तथा एक्सरे आदि किया गया।
हेल्थ डिपार्टमेंट खोजेगा बच्ची की मां
बच्ची को किसने जन्म दिया है। इसकी खोज हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा। डिपार्टमेंट के पास गर्भवती महिलाओं का पूरा रिकार्ड होता है। जिसमें सप्ताह के हिसाब से मॉनीट्रिंग भी की जाती है। ऐसे में डिपार्टमेंट 30 से 32 माह की गर्भवती महिलाओं को ट्रैक कर जांच करेगा कि किस महिला के डिलवरी हुई। जिससे बच्ची की मां का पता चल सकेगा।
बच्ची 30 से 32 माह की प्री-म्यचोर बेबी है। जिसने बुधवार सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच में ही जन्म लिया है। बच्ची का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिए कुछ दिन इसे नर्सरी में ही रखा जाएगा। बाद में नियमों के अनुसार प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। -डीएन बागड़ी, सिविल सर्जन, नारनौल
मंदिर के पुजारी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। -मुकेश कुमार, एएसआई, जांच अधिकारी