{"_id":"7ecd07c894127697f3b5323ef81bb343","slug":"shouting-patient-the-doctor-slept-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीज चिल्लाता रहा, डॉक्टर सोता रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीज चिल्लाता रहा, डॉक्टर सोता रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौल
Updated Fri, 05 Sep 2014 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांप के डंसने से डोहरकलां के बुजुर्ग की सामान्य अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पलंग पर सोए चिकित्सक को मरीज देखने के लिए बार-बार आग्रह किया लेकिन वह नहीं उठा। जब उन्होंने हंगामा किया तो ड्यूटी पूरी होने की बात कहकर चिकित्सक चला गया। परिजनों ने शवगृह के पास रोष जताया। परिजनों ने लिखित में चिकित्सक के खिलाफ सीएमओ को शिकायत दी है।
विज्ञापन
गांव डोहरकलां निवासी कैलाश (85) पुत्र दुलीचंद का घर से करीब दो किमी दूरी पर राजस्थान सीमा के पास खेत है। वह बुधवार रात बेटे उमेद के साथ खेत में सिंचाई कर रहा था। रात करीब 3 बजे थकान से मिट्टी के ढोले पर बैठ गया। उसी समय उसे सांप ने काट लिया। वक्त उसे किसी जहरीले सांप ने डंस लिया। दर्द होने पर उमेद अपने पिता को बाइक पर बैठाकर उसी वक्त घर ले आया। यहां से परिजन वाहन में उसे लेकर सुबह 4 बजे सामान्य अस्पताल पहुंचे। उमेद ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक रूम में लगे पलंग पर चिकित्सक चंद्रप्रकाश सो रहा था। उसे उठाकर घटना से अवगत करवाया। आरोप है कि चिकित्सक ने अपने पलंग पर बैठे-बैठे ही पर्ची बनाकर दवा दूसरे कमरे से लेकर मरीज को देने की बात कही। दर्द में आराम नहीं होने पर परिजन दोबारा चिकित्सक के पास गए और मरीज को देखने का आग्रह किया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक पलंग से भी नहीं उठा और न ही मरीज को देखने की जहमत उठाई। बृहस्पतिवार सुबह करीब 8.30 बजे बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक को दी तो वह दौड़ा-दौड़ा आया और उसकी जांच की। इसके बाद चिकित्सक ड्यूटी पूरी होने का हवाला देकर चला गया।
विज्ञापन
परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
चिकित्सक की लापरवाही से नाराज परिजनों से इमरजेंसी वार्ड में हंगामा कर दिया। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। कुछ देर बाद मौके पर सीनियर चिकित्सक एडविन पहुंचे। उन्होंने मेडिकल कागजों की जांच कर परिजनों को बताया कि चिकित्सक ने टेस्ट करवाने के लिए लिखा है, आप मना कर रहें है। इस पर परिजनों का जवाब था, यह कागज तो हमारे पास था ही नहीं, बाद में चिकित्सक ने अपने बचाव में लिख दिया होगा। उन्हें किसी भी टेस्ट के लिए नहीं कहा गया।
विज्ञापन
जताया रोष, दी लिखित शिकायत
अस्पताल प्रशासन ने शव को इमरजेंसी वार्ड से शवगृह में रखवाया। इसके बादपरिजनों ने शव के पास खड़े होकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। उनका कहना था कि चिकित्सक ने मरीज की जांच ही नहीं की। पलंग पर लेटे-लेटे ही पर्ची पर दवा लिख दी। मरीज को दर्द होने पर करीब पांच बार चिकित्सक के पास गए तो भी वह नहीं उठे। चिकित्सक को जब बुजुर्ग की मौत की सूचना मिली तो वह उठकर मरीज के पास आया और ईसीजी की। बाद में हंगामा देखकर चिकित्सक ड्यूटी समाप्त होने की बात कहकर चला गया। घटना के बाद परिजनों के कहने पर मृतक का पोस्टमार्टम हुआ। परिजन मामले के संबंध में सीएमओ डा. विजय दहिया से मिले और चिकित्सक चंद्रप्रकाश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए लिखित में शिकायत दी।
कोट्स
‘‘परिजनों की ओर से उनके पास शिकायत आई है। इस मामले की जांच के लिए मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की ड्यूटी लगाई है। जांच में चिकित्सक दोषी पाया जाता है तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डा. विजय दहिया, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग नारनौल