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मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों ने विरोध प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन में लिया भाग

Mon, 10 Aug 2020 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 12:00 AM IST
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protest for demand, workers union, narnaul
जेल भरो आंदोलन में भाग लेते कर्मचारी। - फोटो : Narnol
नारनौल। सरकार की श्रमिक, कर्मचारी और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ रविवार को विभिन्न ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों व किसान संगठनों ने लघु सचिवालय तक विरोध प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन चलाया। इसमें जिला के श्रमिक, कर्मचारी, किसान व मेहनतकश लोगों ने भाग लिया।
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विरोध प्रदर्शन से पूर्व चितवन वाटिका में एआईयूटीयूसी के जिला सचिव छाजूराम रावत, जिला प्रधान विपिन और कामरेड बलबीर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसके पश्चात जुलूस के रूप में विरोध प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचकर गिरफ्तारी की मांग की। इस पर एसडीएम ने कहा कि सभी की गिरफ्तारी मान लिया गया है। इसके बाद सभी लोग वापस आ गए।
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ये हैं मांगें
यूनियन की मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील कर्मियों, ग्रामीण सफाई कर्मियों, ग्रामीण चौकीदारों, वन मजदूरों व स्वास्थ्य सहित तमाम ठेका कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये देने, अस्थायी, स्कीम वर्कर्स व ठेका कर्मियों को पक्का करने, सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अस्थायी स्वास्थ्य कर्मी स्थायी हो, श्रम कानूनों में संशोधन रद्द करो, वेतन कटौती बंद करो, सार्वजनिक क्षेत्र व सरकारी विभागों का निजीकरण बंद हो, जन विरोधी बिजली बिल-2020 वापस, ठेका प्रथा खत्म करने, 1983 पीटीआई समेत तमाम कच्चे कर्मचारियों को ड्यूटी पर लिया जाए और पुरानी पेंशन बहाल हो। इसके अलावा कर्मचारियों व पेंसनर के डीए, एलटीसी व नौकरियों पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं, भवन निर्माण मजदूरों का श्रमिक-कल्याण बोर्ड में रजिस्ट्रेशन हो सहित अन्य मांगें शामिल हैं। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार खेती व किसानों की बर्बादी के तीन अध्यादेश लॉकडाउन में ही लेकर आई है, जिसके हम विरोध करते हुए इन अध्यादेशों की प्रति जला रहे हैं। आशा वर्क्स, स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे-मील कार्यकर्ता, सफाई कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग के कच्चे- पक्के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों का अनमोल जीवन बचाने का काम कर रहे हैं। हमारे देश की आत्मनिर्भरता व उसके बुनियाद को खत्म करने व जनता के बुनियादी अधिकारों को छिनने का काम हो रहा है। विरोध प्रदर्शन में उप प्रधान सीताराम, शेर सिंह, कृष्णा देवी, समझकौर, बिमला देवी, मधु देवी, पुष्पा देवी, बिमला देवी, रतीराम महाशय, शेर सिंह, बीर सिंह, सुरेश चंद, सुनीता देवी, हंसराज, नीरपाल खेड़ा, जयप्रकाश, बिजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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किसान खेत मजदूर संगठन ने लिया हिस्सा
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने रविवार को जेल भरो आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित तीन कृषि संबंधी अध्यादेश व बिजली कानून का विरोध किया गया। इस अवसर पर बलबीर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने मंडियों को खत्म कर खरीद को पूरी तरीके से निजी पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है। दाल, चावल, प्याज व आलू आदि वस्तुओं की स्टॉक लिमिट को भी सरकार ने खत्म कर दिया है। इस अवसर पर बलवीर सिंह, यादराम, अभय सिंह, अमर सिंह, मामन सिंह, जयप्रकाश, दलसिंह, मूलचंद, सतीश व विजेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।

जनस्वाथ्य विभाग के कर्मचारी भी हुए शामिल
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर पीडब्ल्यूडी मैकेनिक कर्मचारी यूनियन ने उपप्रधान महेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन में भाग लिया। सुबह सभी लोग बस स्टैंड पर इकट्ठा हुए। मंच संचालन जिला सचिव सुरेंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर धर्मबीर यादव, दीपक, कृष्ण पुनिया, नरेंद्र, कन्हैया लाल, अशोक कुमार, प्रमोद शर्मा, राकेश खोला, सतीश कुमार, श्रीकृष्ण शर्मा, मनोज शर्मा, राकेश शर्मा आदि अनेक कर्मचारी उपस्थित थे।
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