{"_id":"6aaadec9bd1a25f79d0a7d71","slug":"consumer-forum-takes-a-stand-against-electricity-privatization-narnol-news-c-196-1-nnl1004-145385-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: बिजली निजीकरण के विरोध में उतरा उपभोक्ता मंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: बिजली निजीकरण के विरोध में उतरा उपभोक्ता मंच
विज्ञापन
नारनौल। बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा ने गुरुग्राम और नूंह जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को सौंपने की योजना का विरोध किया है। मंच ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग से अंतिम फैसला लेने से पहले जन सुनवाई कराने की मांग की है।
मंच का कहना है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, किसानों और कमजोर वर्गों के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है।
मंच ने कहा कि बिजली आम लोगों की मूलभूत जरूरत है और निजी क्षेत्र को सौंपने से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। मंच ने सब्सिडी और कर्मचारियों के हितों को लेकर भी चिंता जताई।
मंच के अनुसार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कुल राजस्व में गुरुग्राम की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। मंच ने आशंका जताई कि निजीकरण से सरकारी बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
मंच ने आयोग से इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड का आवेदन खारिज करने की मांग की है। मांगें नहीं मानी गईं तो मंच ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
मंच का कहना है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, किसानों और कमजोर वर्गों के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है।
मंच ने कहा कि बिजली आम लोगों की मूलभूत जरूरत है और निजी क्षेत्र को सौंपने से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। मंच ने सब्सिडी और कर्मचारियों के हितों को लेकर भी चिंता जताई।
विज्ञापन
मंच के अनुसार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कुल राजस्व में गुरुग्राम की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। मंच ने आशंका जताई कि निजीकरण से सरकारी बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
मंच ने आयोग से इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड का आवेदन खारिज करने की मांग की है। मांगें नहीं मानी गईं तो मंच ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।