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Mahendragarh-Narnaul News: शहर से दूर हुआ डाकघर, लोगों की जेब पर बढ़ा आने-जाने का खर्च
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फोटो संख्या:55- सब्जी मंडी के नजदीक पुराने डाकघर की चाहर दीवारी के अंंदर उगी खतपतवार--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर का मुख्य डाकघर लघु सचिवालय परिसर में शिफ्ट होने के बाद आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पहले डाकघर शहर के बीचोंबीच था जहां लोग पैदल या कुछ मिनट में पहुंच जाते थे। अब करीब तीन किलोमीटर दूर होने के कारण छोटे-छोटे डाक कार्यों के लिए भी लोगों को अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
शहरवासियों दिनेश वैद्य, घीसाराम, सांवत सैनी, महेश सैनी और रवि ने बताया कि पुराने डाकघर भवन की जगह नए भवन का निर्माण शुरू हुआ था लेकिन लंबे समय से काम केवल चारदीवारी तक ही सीमित है। भवन अधूरा पड़ा है और निर्माण में कोई खास प्रगति नहीं हो रही। उनका कहना है कि भवन समय पर बन जाता तो डाकघर फिर शहर में शुरू हो सकता था।
लघु सचिवालय जाने के लिए अधिकांश लोगों को ऑटो लेना पड़ता है। एक तरफ करीब 20 रुपये किराया होने से आने-जाने में 40 रुपये खर्च हो जाते हैं। स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, बचत खाते और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों के लिए भी यह अतिरिक्त खर्च भारी पड़ रहा है।
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लोगों ने बताया कि 148-बी राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद परेशानी और बढ़ गई है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करना जोखिम भरा है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। लोगों ने पुराने स्थान पर डाकघर भवन का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।
वर्जन:
शहर के बीचोंबीच बने पोस्ट ऑफिस कार्यालय के निर्माण को लेकर वर्ष 2020 में दस्तावेज व एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। टेंडर प्रक्रिया हो चुकी थी लेकिन कोरोना काल के दौरान टेंडर प्रक्रिया रद्द हो गई थी। अब इसकी प्रक्रिया को लेकर दोबारा से अंबाला के परिमंडल कार्यालय में फाइल भेजी रखी है। -आदित्य, निरीक्षक, पोस्ट ऑफिस, महेंद्रगढ़।
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शहरवासियों दिनेश वैद्य, घीसाराम, सांवत सैनी, महेश सैनी और रवि ने बताया कि पुराने डाकघर भवन की जगह नए भवन का निर्माण शुरू हुआ था लेकिन लंबे समय से काम केवल चारदीवारी तक ही सीमित है। भवन अधूरा पड़ा है और निर्माण में कोई खास प्रगति नहीं हो रही। उनका कहना है कि भवन समय पर बन जाता तो डाकघर फिर शहर में शुरू हो सकता था।
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लघु सचिवालय जाने के लिए अधिकांश लोगों को ऑटो लेना पड़ता है। एक तरफ करीब 20 रुपये किराया होने से आने-जाने में 40 रुपये खर्च हो जाते हैं। स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, बचत खाते और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों के लिए भी यह अतिरिक्त खर्च भारी पड़ रहा है।
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लोगों ने बताया कि 148-बी राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद परेशानी और बढ़ गई है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करना जोखिम भरा है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। लोगों ने पुराने स्थान पर डाकघर भवन का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।
वर्जन:
शहर के बीचोंबीच बने पोस्ट ऑफिस कार्यालय के निर्माण को लेकर वर्ष 2020 में दस्तावेज व एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। टेंडर प्रक्रिया हो चुकी थी लेकिन कोरोना काल के दौरान टेंडर प्रक्रिया रद्द हो गई थी। अब इसकी प्रक्रिया को लेकर दोबारा से अंबाला के परिमंडल कार्यालय में फाइल भेजी रखी है। -आदित्य, निरीक्षक, पोस्ट ऑफिस, महेंद्रगढ़।