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मानव के साथ प्रकृति और जीव-जंतुओं का भी करें सम्मान : बिजेंद्र
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फोटो संख्या:59- धनौंदा में हवन करते श्रद्धालु--स्रोत- आयोजक
कनीना। गांव धनौंदा स्थित ब्रह्मचारी श्री कृष्णानंद धाम में पूर्णिमा के अवसर पर यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के बाद परम संत शिरोमणि स्वामी श्री कृष्णानंद महाराज के प्रिय शिष्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी बिजेंद्र ढिल्लों ने श्रद्धालुओं को जीवन में शांति और संतोष का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा ने जीवन को व्यवस्थित तरीके से जीने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। जो व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है, उसे जीवन में शांति और संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को केवल दूसरे लोगों का ही नहीं, बल्कि सभी जीव-जंतुओं और प्रकृति का भी सम्मान करना चाहिए।
बिजेंद्र ढिल्लों ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में हजारों पौधे लगाए हैं। साथ ही, हजारों लोगों के निशुल्क आंखों के उपचार में सहयोग कर उन्हें नई रोशनी देने का प्रयास किया है।
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उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना जरूरी है। प्रकृति और परमात्मा के नियमों की अनदेखी से जीवन में सच्ची सुख-शांति नहीं मिल सकती।
इस अवसर पर ट्रस्ट प्रधान अनिल यादव, व्यवस्थापक कैलाश गोयल, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, उपप्रधान ठाकुर कर्मवीर सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि परमात्मा ने जीवन को व्यवस्थित तरीके से जीने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। जो व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है, उसे जीवन में शांति और संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को केवल दूसरे लोगों का ही नहीं, बल्कि सभी जीव-जंतुओं और प्रकृति का भी सम्मान करना चाहिए।
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बिजेंद्र ढिल्लों ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में हजारों पौधे लगाए हैं। साथ ही, हजारों लोगों के निशुल्क आंखों के उपचार में सहयोग कर उन्हें नई रोशनी देने का प्रयास किया है।
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उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना जरूरी है। प्रकृति और परमात्मा के नियमों की अनदेखी से जीवन में सच्ची सुख-शांति नहीं मिल सकती।
इस अवसर पर ट्रस्ट प्रधान अनिल यादव, व्यवस्थापक कैलाश गोयल, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, उपप्रधान ठाकुर कर्मवीर सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।