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Mahendragarh-Narnaul News: फार्मेसी वर्ग ने लंबित मांगों को लेकर जताया रोष
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नारनौल। नारनौल में चीफ फार्मेसी अधिकारी सत्यपाल यादव व जिला प्रधान भीम सिंह की अध्यक्षता में मासिक बैठक की गई। इस दौरान फार्मेसी वर्ग को सभी लंबित मांगों पर विचार विमर्श किया गया। इसके उपरांत राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार जिला कार्यकारिणी ने सिविल सर्जन डाॅ. रमेशचंद्र आर्य के माध्यम से महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं के नाम सभी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा गत लंबे समय से सरकार व स्वास्थ्य विभाग से मिलकर फार्मेसी ऑफिसर वर्ग की लंबित मांगों को लागू करवाने की मांग कर रहा है। इसके लिए 21 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री के साथ शिष्ट मंडल की बैठक में फॉर्मेसी ऑफिसर वर्ग की मांगों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई थी। इस अवसर पर रामोतार ग्रोवर एसपीओ, विनोद आर्य एसपीओ, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप पीओ, अनिल कुमार पीओ, जिला उप प्रधान अजय ककड़, नवीन कुमार सतनाली, सतेंद्र कुमार कनीना, नेमीचंद पीओ सीहमा, यादवेंद्र बाछौद सहित अन्य फार्मेसी मौजूद रहे।
ये रही मांग
-प्रमोशन चैनल (पीसीआई की तर्ज पर) लागू किया जाए।
-फार्मासिस्ट वर्ग को जोखिम भत्ता व मरीज देखभाल भत्ता दिया जाए।
-फार्मेसी ऑफिसर वर्ग की वेतन विसंगति दूर करके 4600 ग्रेड पे व चीफ फार्मासिस्ट का ग्रेड पे 5400 एक जनवरी 2016 से दिया जाए।
-फार्मेसी ऑफिसर वर्ग की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ड्रग कंट्रोल अधिकारी के सामान है, इसी तर्ज पर फार्मेसी ऑफिसर को ग्रुप बी राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए।
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-कार्य का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से नए पदों का सृजन किया जाए।
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उन्होंने ज्ञापन में बताया कि एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा गत लंबे समय से सरकार व स्वास्थ्य विभाग से मिलकर फार्मेसी ऑफिसर वर्ग की लंबित मांगों को लागू करवाने की मांग कर रहा है। इसके लिए 21 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री के साथ शिष्ट मंडल की बैठक में फॉर्मेसी ऑफिसर वर्ग की मांगों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई थी। इस अवसर पर रामोतार ग्रोवर एसपीओ, विनोद आर्य एसपीओ, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप पीओ, अनिल कुमार पीओ, जिला उप प्रधान अजय ककड़, नवीन कुमार सतनाली, सतेंद्र कुमार कनीना, नेमीचंद पीओ सीहमा, यादवेंद्र बाछौद सहित अन्य फार्मेसी मौजूद रहे।
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ये रही मांग
-प्रमोशन चैनल (पीसीआई की तर्ज पर) लागू किया जाए।
-फार्मासिस्ट वर्ग को जोखिम भत्ता व मरीज देखभाल भत्ता दिया जाए।
-फार्मेसी ऑफिसर वर्ग की वेतन विसंगति दूर करके 4600 ग्रेड पे व चीफ फार्मासिस्ट का ग्रेड पे 5400 एक जनवरी 2016 से दिया जाए।
-फार्मेसी ऑफिसर वर्ग की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ड्रग कंट्रोल अधिकारी के सामान है, इसी तर्ज पर फार्मेसी ऑफिसर को ग्रुप बी राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए।
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-कार्य का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से नए पदों का सृजन किया जाए।