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भीषण गर्मी से लोग परेशान, मानसून का अभी करना पड़ेगा इंतजार
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नारनौल। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग परेशान है। सोमवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी से राहत के लिए राजस्थान, हरियाणा, दक्षिणी पंजाब व दिल्ली में मानसून का अभी और इंतजार करना पड़ेगा। जिस प्रकार की मौसम की परिस्थितियां बनी हुई, उससे तो ऐसा लग रहा है की 29 जून से ब्रेक मानसून की स्थिति बनने की संभावनाएं हो रही है। ब्रेक मानसून की घोषणा तब की जाती है, जब मानसून ट्रफ या लाइन हिमालय की तलहटी में शिफ्ट हो जाए। साथ ही गंगा एवं सिंध के मैदानी क्षेत्रों और मध्य क्षेत्रों में शुष्क पछुआ पवन ताकतवर होकर पूर्वी नमी वाली पवनों का स्थान ले लेती हैं या उन पर अपना प्रभुत्व जमा लेती हैं। उसके कारण अधिकांश हिस्सों में मौसम लगभग शुष्क हो जाता है। इस प्रकार की ब्रेक मानसून का कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है। अब मानसूनी वर्षा का होना बहुत ही जरूरी है, परंतु अभी बारिश होगी नहीं इसलिए क्षेत्र के किसान कृत्रिम साधनों से सिंचाई की व्यवस्था जारी रखें। ब्रेक मानसून की वजह से दक्षिणी पंजाब ,हरियाणा उत्तरी राजस्थान व एनसीआर क्षेत्र में अभी मानसून सक्रिय होने में लगभग एक हफ्ता से ऊपर का समय लग सकता है।
इस कारण मानसून पड़ा कमजोर
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि क्षेत्र पर अलग-अलग प्रकार की मौसम गतिविधियां रही। इस बार परिस्थितियां विपरीत रही। नारनौल क्षेत्र का तापमान कम रहा, जिसकी वजह से वायुदाब अधिक रहा। दो चक्रवर्ती तूफान ताऊते और यास पूर्वी तटीय प्रदेश और पश्चिमी तटीय प्रदेश से टकराए। जिसकी वजह से इस क्षेत्र में तापमान कम रहा और प्री मानसून समय से पहले पहुंच गया।
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इस कारण मानसून पड़ा कमजोर
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि क्षेत्र पर अलग-अलग प्रकार की मौसम गतिविधियां रही। इस बार परिस्थितियां विपरीत रही। नारनौल क्षेत्र का तापमान कम रहा, जिसकी वजह से वायुदाब अधिक रहा। दो चक्रवर्ती तूफान ताऊते और यास पूर्वी तटीय प्रदेश और पश्चिमी तटीय प्रदेश से टकराए। जिसकी वजह से इस क्षेत्र में तापमान कम रहा और प्री मानसून समय से पहले पहुंच गया।
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