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Mahendragarh-Narnaul News: कोर्ट के आदेश के बाद भी नियमितीकरण नहीं, अतिथि अध्यापकों का प्रदर्शन
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नारनौल। सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए अतिथि अध्यापकों ने वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद अध्यापकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर न्यायालय के आदेशों के अनुसार नियमितीकरण की मांग की।
राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल को तीन वर्ष की सेवा पूरी करने वाले ग्रुप बी, सी और डी कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी नीति को वैध माना था। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को पीजीटी, टीजीटी और जेबीटी अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का निर्देश दिया। संघ का कहना है कि कई अन्य मामलों में भी हाईकोर्ट ने दो महीने में नियमितीकरण के आदेश दिए हैं।
संघ के मुताबिक मुख्य सचिव ने 11 अगस्त को सभी विभागाध्यक्षों को नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन शिक्षा विभाग में अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। संघ ने इसे न्यायालय के आदेशों की अनदेखी बताया।
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अध्यापक 23 जून से कुरुक्षेत्र में शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। 6 सितंबर को हजारों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का घेराव भी किया था। संघ ने अतिथि अध्यापकों को 28 मई 2014 से नियमित मानने, छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य लाभ देने की मांग की है।
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राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल को तीन वर्ष की सेवा पूरी करने वाले ग्रुप बी, सी और डी कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी नीति को वैध माना था। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को पीजीटी, टीजीटी और जेबीटी अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का निर्देश दिया। संघ का कहना है कि कई अन्य मामलों में भी हाईकोर्ट ने दो महीने में नियमितीकरण के आदेश दिए हैं।
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संघ के मुताबिक मुख्य सचिव ने 11 अगस्त को सभी विभागाध्यक्षों को नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन शिक्षा विभाग में अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। संघ ने इसे न्यायालय के आदेशों की अनदेखी बताया।
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अध्यापक 23 जून से कुरुक्षेत्र में शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। 6 सितंबर को हजारों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का घेराव भी किया था। संघ ने अतिथि अध्यापकों को 28 मई 2014 से नियमित मानने, छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य लाभ देने की मांग की है।